WhatsApp filed legal complaint against GOI: वॉट्सऐप ने भारत सरकार के खिलाफ प्राइवेसी को लेकर दर्ज कराई शिकायत - करेंट अफेयर्स स्पेशल सीरीज

WhatsApp filed legal complaint against GOI: वॉट्सऐप ने भारत सरकार के खिलाफ प्राइवेसी को लेकर दर्ज कराई शिकायत - करेंट अफेयर्स स्पेशल सीरीज



Adda247 अपने सभी उम्मीदवारों के लिए एक नई करेंट अफेयर्स स्पेशल सीरीज़ की शुरुआत की है, इस सीरीज़ में, रोज़ाना (daily basis) पर Candidates को महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स के टॉपिक्स में किसी एक टॉपिक के बारे में Detailed information दी जाएगी, जिससे न केवल उनकी जनरल अवेयरनेस में सुधार होगा, बल्कि परीक्षा में उम्मीदवार कर्रेंट अफेयर्स विषय से पूछे जाने वाले सवाल का जवाब Confident के साथ दे सकेगे.


इसी कड़ी में आज का हमारा करेंट अफेयर्स टॉपिक है- वॉट्सऐप ने भारत सरकार के खिलाफ प्राइवेसी को लेकर दर्ज कराई शिकायत (WhatsApp filed a legal complaint against the Indian Government). यदि आप किसी Government Bank Job में जाना चाहते है तो ये बहुत ही जरुरी हो जाता है कि आपको राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय क्षेत्र से जुड़े करेंट अफेयर्स की अच्छी Knowledge हो.


WhatsApp filed legal complaint against GOI: वॉट्सऐप ने भारत सरकार के खिलाफ प्राइवेसी को लेकर दर्ज कराई शिकायत (WhatsApp filed a legal complaint against the Indian Government) - करेंट अफेयर्स स्पेशल सीरीज


WhatsApp filed legal complaint against GOI: व्हाट्सऐप ने हाल ही में भारत सरकार द्वारा लागू किये गए नए IT नियमों को रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High court) में भारत सरकार Goverment of India) के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया। व्हाट्सऐप का कहना है कि "नए IT नियमों से यूजर्स की प्राइवेसी का अंत होगा, जो संविधान का उल्लंघन है".


व्हाट्सऐप ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष ये कहा है कि नए नियमों में से भारत के संविधान के अनुसार गोपनीयता अधिकारों का उल्लंघन है क्योंकि जब अधिकारी किसी जानकारी की मांग करेंगे तो ये नियम सोशल मीडिया कंपनियों को "सूचना के पहले प्रवर्तक" की पहचान करने से रोक देंगे। जबकि व्हाट्सऐप को इस कानून के ज़रिए सिर्फ ऐसे लोगों की पहचान करना है जिन्होंने कोई गलत काम किया हो। व्हाट्सऐप का कहना है कि वो अकेले ये काम नहीं कर सकता क्योंकि व्हाट्सऐप में यूज़र के मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं तथा उनके मैसेज तक पहुँचने के लिए ओरिजिनेटर के इन्क्रिप्शन को ब्रेक करना होता हैं।

 

इस कानूनी शिकायत की वजह से भारत सरकार और फेसबुक, गूगल और उसके मूल अल्फाबेट तथा ट्विटर सहित टेक की दिग्गज कम्पनियों के बीच संघर्ष को बढ़ा दिया है। अभी जल्दी में ही ट्विटर के कार्यालयों में पुलिस ने कई रेड की जिसके बाद तनाव बढ़ गया था। माइक्रो-ब्लॉगिंग सेवा ने एक प्रमुख पार्टी के प्रवक्ता की पोस्ट को मैनीपुलेटेड मीडिया के रूप में लेबल किया है।

 

अगर वे कोड को पकड़ने में सफल नहीं होते तो, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित और डिजिटल मीडिया आचार संहिता, "महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ" मुकदमों और आपराधिक अभियोजन से सुरक्षा खो देंगे। व्हाट्सऐप तथा उसके पेटेंट फेसबुक और अन्य वैश्विक टेक कंपनियों ने भारत में भारी निवेश किया है जिसे लेकर वे सब चिंतित हैं क्योंकि भारतीय सरकार के नए नियमों की वजह से उनके निवेश को खतरे में डाल सकता है।


क्या हैं ये नए नियम-  भारत सरकार द्वारा नए नियम 26 मई, 2021 से लागू कर दिए गए हैं। इन्हें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के सेक्शन 87 (2) के अंतर्गत बनाया गया है। इनके अनुसार-


1. भारत में सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को नोडल ऑफिसर, रेसिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर को तैनात करने होंगे। इन ऑफिसरों को ओटीटी कंटेंट के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों का 15 दिनों के अंदर निवारण करना होगा।

2. 24 घंटे के भीतर इंटरनेट मीडिया से सभी आपत्तिजनक कंटेंट को हटाना होगा।

3. शिकायतों के निवारण के लिए एक अलग तंत्र का निर्माण करना होगा।

4. 24 घंटे के अंदर किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।

5. हटाई जाने वाली पोस्ट की विस्तृत जानकारी भी कंपनियोंं को देनी होगी।

6. सभी सोशल मीडिया कंपनियों के पास, जो भारत में हैं, भारत का फिजिकल पता होना चाहिए।


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