FM Nirmala Sitharaman Press Conference Day 3: कृषि क्षेत्र के लिए 8 बड़ी घोषणा

FM Nirmala Sitharaman Press Conference Day 3: कृषि क्षेत्र के लिए 8 बड़ी घोषणा


Third Tranche of Centre’s Economic Package worth Rs. 20 Lakh Crore – FM Nirmala Sitharaman announce for Agriculture and allied activities


Atma Nirbhar Bharat Abhiyan के लिए जारी किये गए 20 लाख करोड़ के पैकेज के विस्तार का आज तीसरा दिन है. पिछले 2 दिनों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पैकेज से सम्बंधित विस्तृत जानकारी दी है. पहले दिन 13 मई को Finance Minister Nirmala Sitharaman ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (NBFC) के लिए 3 कर उपायों और कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) क्षेत्रों के लिए अनेक योजनाएँ जारी जारी की. दूसरे दिन 14 मई को पैकेज की दूसरी किश्त में प्रवासी श्रमिकों, पटरी-रेहड़ी कारोबारी, छोटे व्यापारियों, स्व-नियोजित लोगों और छोटे किसानों के लिए 9 बड़ी घोषणाएं की थी. आज तीसरे दिन कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए बड़ी घोषणाएं की हुई. कृषि क्षेत्र में 8 घोषणाएं बुनियादी ढांचे से जुड़ी हैं, जबकि तीन घोषणाएं प्रशासनिक मददे से जुड़ी हुई हैं.

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    HIGHLIGHTS Nirmala Sitharaman Speech Day 3


    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तीसरी स्पीच की मुख्य बातें -

    • कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए एक लाख करोड़ देगी सरकार. जिससे भंडारण क्षमता एवं मूल्य संवर्धन में मदद मिलेगी. इसके जरिये निर्यात बढ़ेगा.  जिसके लाभ कृषि सहकारी सोसायटी, कृषि उत्पादक संगठनों को मिलेगा.
    •  लॉकडाउन के दौरान दूध की मांग में 20-25 फीसद की कमी आई, इस दौरान को-ऑपरेटिव्स ने 560 लाख लीटर प्रतिदिन दूध की खरीद की, वैसे आम तौर पर यह आंकड़ा 360 लाख लीटर प्रतिदिन का होता है. इस  दौरान 111 करोड़ लीटर अतिरिक्त दूध की खरीदारी की गई है, जिसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया.
    • lockdown के दौरान सरकार ने न्यूतनम समर्थन मूल्य के जरिए 74,300 करोड़ रुपये का अनाज ख़रीदा. किसानों की मदद के लिए कई उपाय पिछले दो माह में किये गए हैं. 
    • PM Kisan के  जरिये दो महीने में 18,700 करोड़ रुपये का फंड सीधे किसानों को खातों में किया गया. 
    • फसल बीमा योजना के तहत 6,400 करोड़ रुपये मूल्य के क्लेम भी रिलीज किए गए.
    •  कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए एक 10,000 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है, जिसके माध्यम से दो लाख माइक्रो फूड इंटरप्राइजेज को फ़ायदा मिलेगा.
    • यह PM के Vocal for Local मिशन का एक हिस्सा है. इसमें कलस्टर आधारित एप्रोच अपनाया जाएगा और महिलाओं व SC/ST पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.
    • कलस्टर एप्रोच के संदर्भ में वित्त मंत्री ने  बिहार के मखाने और जम्मू-कश्मीर के केसर की भी बात की.
    • 20,000 करोड़ रुपये का फंड प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछुआरों के लिए जारी किया गया है. अंतर्देशीय और समुद्री मत्स्य पालन के लिए सरकार समावेशी विकास के लिए PMMSY की शुरुआत करेगी. मछुआरों को नई नौकाएं मदद करने के लिए दी जाएंगी.
    • जानवरों में फुट ऐंड माउथ डिजीज होता है इसकी रोकथाम के लिए 13343 करोड़ की योजना लाइ जाएगी, जिसके माध्यम से 53 करोड़ पशुओं(100% ) का टीकाकरण किया जायेगा. इससे दूध के उत्पादन में वृद्धि होगी.
    • इससे पहले  1.5 करोड़ गाय,भैंसों का टीकाकरण किया गया, ग्रीन जोन में यह काम जारी है. 
    • 15, 000 करोड़ रुपये के पशुपालन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की घोषणा की गई है, जिसके माध्यम से शुपालन से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास किया जायेगा. 
    • 5,00 करोड़ रुपये का फंड, मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने बके लिए किया गया है. जिसके माध्यम से  दो लाख मधुमक्खी पालकों को मदद मिलेगी.  साथ ही मधुमक्खी पालन में वृद्धि आएगी.
    •  4000 करोड़ रुपए की योजना हर्बल कल्टीवेशन के प्रमोशन के लिए  लाई जाएगी. जिससे 25 लाख एकड़ भूमि में खेती होगी और 5000 करोड़ की आय किसानों की बढ़ेगी. इसका प्लांटेशन गंगा के किनारे होगा.
    • किसानों को फसल का बेहतर दाम दिलाने के लिए Essential Commodities Act में संशोधन किया जाएगा. आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किया जाएगा जिससे  Cereals, खाद्य तेल, तिलहन, दाल, प्याज और आलू जैसे कृषि उत्पादों के स्टॉक लिमिट न रहे. इन्हें रेगुलेट केवल असाधारण परिस्थितियों में ही किया जायेगा.

    Government will amend Essential Commodities Act to enable better price realisation for farmers; Agriculture food stuffs including cereals, edible oils, oilseeds, pulses, onions and potato will be deregulated.



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    • टमाटर, प्याज और आलू के साथ ही अन्य सब्जियों और फलों को भी टॉप टू टोटल योजना में जोड़ा जायेगा. जिसके लिए 500 करोड़ रुपए की घोषण की गई है. इसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में लाया जाएगा जो 6 महीने तक बढ़ाया जायेगा. इससे कम मूल्य पर बेचने के नुकसान से किसान बचेंगे और नष्ट हो जाने वाली फसलों को भी बचाने में मदद मिलेगी.
    • कृषि क्षेत्र में लाइसेंसों का वितरण सीमित न रहे, इसके लिए केंद्रीय कानून में सुधार होगा. जिससे एग्रीकल्चर मार्केटिंग में सुधार हो पायेगा और अच्छा अंतरराज्यीय व्यापार किसान कर पाएंगे. इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेगा.
    • हर्बल पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 4,000 करोड़ रुपये की योजना.
    • हर सीजन में बुवाई से पहले ही एक एश्योर्ड प्राइस रिटर्न की सुविधा मिले. फूड प्रोसेसर्स, एग्रीगेटर्स आदि से इसके लिए एक एश्योरेंस व्यवस्था का कानूनी ढांचा लाया जाएगा.

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