आत्मनिर्भर भारत अभियान : आर्थिक पैकेज में सरकार ने MSME और कर्मचारियों को दी राहत, ये हैं 10 मुख्य बिंदु

आत्मनिर्भर भारत अभियान : आर्थिक पैकेज में सरकार ने MSME और कर्मचारियों को दी राहत, ये हैं 10 मुख्य बिंदु



Nirmala Sitharaman announces EPF relief, TDS rate cut; ITR filing deadline extended

सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए 3 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान किया है. छोटे कारोबारियों को भी बड़ी राहत देते हुए कहा कि 200 करोड़ रुपये तक कोई ग्लोबल टेंडर जारी नहीं होगा. आर्थिक पैकेज में 15 हज़ार तक की सैलरी वालों की बड़ी राहत दी गई. इसके अलावा, बिजली कंपनियों को 90 हजार करोड़ रुपये दिए हैं. रियल एस्टेट को भी राहत मिली है. 
Corona Pandemic के चलते देश पर आये संकट के चलते PM मोदी के  आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गयी 20 लाख करोड़ रूपये की घोषणा पर वित्‍त मंत्री ने आज प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की. जिसमें फाइनेंस मिनिस्टर ने इस आर्थिक पैकेज के बारे में पूरी जानकारी दी.   

केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कॉन्‍फ्रेस में पीएम मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के मामले में विस्‍तृत दृष्टिकोण की बात कहते हुए आत्‍मनिर्भर भारत और बीस लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज (Economic Package) के मामले में पूरी जानकारी दी.  ये हैं निर्मला सीतारमण की Press Conference के 10 मुख्य बिंदु ...


1. कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान के लिए सरकार 2,500 करोड़ रुपये देगी, यह प्रोत्साहन योजना अगस्त तक के लिये बढ़ाने का फैसला किया गया है. 

2. 15 हजार से कम सैलरी वाले का EPF सरकार देगी, 72 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा होगा. तीन महीने के ईपीएफ के लिए सरकार 2500 करोड़ रुपये देगी.

3. नियोक्ताओं द्वारा सांविधिक PF योगदान की दर को 12 प्रतिशत से कम कर 10 प्रतिशत किया गया, इससे उनके पास 6,750 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी.

4. TDS Rates में 25% की कमी की गई, इससे 50 हजार करोड़ रुपये का लाभ आम जनता को मिलेगा. TDS तथा TCS कटौती की दर को मार्च, 2021 तक के लिए घटाया गया.


5. फाइनेंसियल ईयर 2019-20 की सभी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को 31 जुलाई, 2020 तथा 31 अक्टूबर, 2020 से 30 नवंबर, 2020 तक बढ़ाया गया

6. लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों (MSME) में सुधार के लिए छह कदम उठाए जाएंगे, इसके तहत 3 लाख करोड़ का लोन बिना गारंटी के मिलेगा. MSME में एमएसएमई फंड ऑफ फंड के जरिये 50,000 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी डाली जाएगी.

7. इस श्रेणी की इकाइयों को दिये जाने पर कर्ज को लौटाने के लिये एक साल की मोहलत दी जाएगी, दबाव वाले एमसएएमई को 20,000 करोड़ रुपये का (बिना गारंटी के) कर्ज दिया जाएगा, इससे 2 लाख एमएसएमई लाभान्वित होंगे.

8. गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, आवास वित्त कंपनियों और एमएफआई (सूक्ष्म वित्त संस्थान) के लिये 30,000 करोड़ रुपये के धन के उधार की सुविधा देने का फैसला किया गया है.

9. 200 करोड़ रुपये तक की सरकारी खरीद में ग्लोबल टेंडर नहीं मंगाए जाएंगे. सिर्फ घरेलू कंपनियों को ही ये टेंडर मिलेंगे.

10. कोविड-19 का प्रभाव हमारे रियल स्टेट पर भी पड़ा है. पैसे की कमी से जूझ रहे NBFC के लिए 30 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया गया है. इसके लिए शहरी विकास मंत्रालय राज्य की सरकारों को एडवाइजरी जारी करेगी कि रजिस्ट्रेशन और कंप्लीटीशन डेट को छह महीने के लिए आगे बढ़ा दिया जाए. इससे कंस्ट्रक्शन कंपनियों को राहत मिलेगी.