WHAT IS A MORATORIUM? मोरेटोरियम का अर्थ क्या होता है (Moratorium Period meaning in Hindi)

WHAT IS A MORATORIUM? मोरेटोरियम का अर्थ क्या होता है (Moratorium Period meaning in Hindi)


What is Moratorium Period meaning | Moratorium परिभाषा और अर्थ | Definitions and Meaning of moratorium in Hindi | Moratorium Meaning in Hindi | Moratorium kya hota hai.

कोरोना महामारी से जूझते भारत वासियों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 5 मई को एक स्पीच दी है. अपनी स्पीच में, आरबीआई गवर्नर ने COVID-19 महामारी की भयावह दूसरी लहर (second wave of the COVID-19) के बीच कुछ घोषणाएं की हैं. जिसमें RBI ने 1 से 2 साल के पुनर्गठन के तहत स्थगन अवधि(moratorium period) को बढ़ा दिया है.  


अब ऐसे में  'Moratorium Period' या फिर  हिंदी में कहें तो 'मोरेटोरियम अवधि'. यह शब्द आपमें से कुछ लोगों को पता होगा, तो बहुतों के लिए यह शब्द या कहें Term नया होगा.  


तो हम बताते हैं कि आखिर मोरेटोरियम क्या होता है या  'मोरेटोरियम मीनिंग इन हिंदी' क्या है ?



क्या होता है मोरेटोरियम (Moratorium meaning in Hindi), मॉरटॉरीअम का हिंदी में मतलब


मोरोटोरियम (moratorium) का मतलब होता है कि इस अवधि में कर्जधारक को मासिक किस्त चुकाने की आवश्यकता नहीं है. इससे नकदी संकट का सामना कर रहे ऋणधारकों को आसानी हो सकती है. रिजर्व बैंक ने क्रेडिट की जानकारी रखने वाली कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किस्त नहीं चुकाने का असर ऋणधारक के क्रेडिट स्कोर पर ना पड़े.  

अब और आसान शब्दों में बतायें, तो मोरेटोरियम उस अवधि को कहते हैं जिस दौरान आपको लिए गए कर्ज पर EMI का भुगतान नहीं करना पड़ता है. इस अवधि को ईएमआई हॉलीडे के रूप में भी जाना जाता है. हालांकि यह सिर्फ ईएमआई टालने का विकल्प है. ऐसा नहीं है कि आपकी ईएमआई से ये 6 किस्तें कम दी जाएंगी.





Meaning of Moratorium  in English 

  • Suspension of an ongoing activity
  • A legally authorized postponement before some obligation must be discharged 


RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की प्रेस कांफ्रेस से मिडिल क्लास को क्या होगा फ़ायदा

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 5 मई को कुछ ऐलान किए हैं. गवर्नर शक्तिकांत दास ने फार्मा सेक्टर के लिए बड़ी घोषणा करते हुए हुए रेपो रेट पर 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज देने का ऐलान किया है. इसके अलावा छोटे, कारोबारियों SME के लिए रीस्ट्रक्चरिंग, राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट में राहत देने वाले फैसले किए हैं.


फार्मा सेक्टर के लिए सुविधा 
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक 31 मार्च 2022 तक Emergency health services के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज देगा, ये कर्ज रेपो रेट के हिसाब से ही दिया जाएगा. इसके तहत बैंक वैक्सीन मैन्युफैक्चरर, स्वास्थ्य सुविधाओं, हॉस्पिटल और मरीजों को कर्ज दे सकते हैं.'
 



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