IBPS Clerk Exam Pattern 2018: Changes in Prelims Exam

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IBPS Clerk New Exam Pattern for 2018 Exam

IBPS ने भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में क्लर्क की भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है. यह अधिसूचना सभी बैंकिंग उम्मीदवारों के लिए एक उम्मीद की तरह है लेकिन पैटर्न में आये बदलावों की वजह से इसने सभी उम्मीदवारों को आश्चर्यचकित कर दिया है.
आप सभी अभी तक IBPS द्वारा किये गए बदलावों से परिचित हो चुके होंगे. जैसा की यह बदलाव आप पहले ही SBI Clerk/ PO और IBPS PO परीक्षा में देख चुके हैं, तो यह अपेक्षित था की यह बदलाव IBPS Clerk में भी प्रस्तुत किये जायेंगे. पेश किए गए परिवर्तन प्रीलीम्स परीक्षा पैटर्न के लिए हैं जबकि मुख्य परीक्षा का पैटर्न अभी भी समान है. IBPS Clerk भर्ती 2018 के लिए प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में पेश किया गया प्रमुख परिवर्तन तीन अलग-अलग वर्गों (अंग्रेजी, रीजनिंग और संख्यात्मक अभियोग्यता) के लिए विभागीय समय है..

नीचे दिया गया पैटर्न IBPS Clerk 2018 परीक्षा का नया पैटर्न है:

IBPS Clerk Preliminary Examination Pattern 2018:


Sr.No. Name of Tests No. of Qs Maximum Marks Duration
1 English Language 30 30 20 minutes
2 Numerical Ability 35 35 20 minutes
3 Reasoning Ability 35 35 20 minutes
Total 100 100 1 hour (60 minutes)

अब, प्रारंभिक परीक्षा में, उम्मीदवारों को प्रत्येक खंड को केवल 20 मिनट की समय सीमा के साथ हल करना होगा. इस से पूर्व, विद्यार्थी कुछ खण्डों में 25-27 मिनट का प्रयोग करते थे, लेकिन खेदजनक अब वे ऐसा नहीं कर सकते. जैसा की IBPS ने समय सीमा को लाते हुए किसी एक विषय पर अधिक समय निवेश करने को प्रतिबंधित कर दिया है, अब आपको सटीकता के साथ साथ तेजी से प्रश्नों को हल करना होगा जिस से आप अधिक समय लेने वाले खंडो में कम समय में अधिक से अधिक प्रश्न सटीकता के साथ हल कर पायें. जबकि अंग्रेजी खंड में आपको 30 प्रश्नों को हल करने के लिए बहुत समय प्राप्त हुआ है इस से पूर्व विद्यार्थी अंग्रेजी खंड को 10-15 मिनट में  हल करके अन्य खंडो की ओर बढ़ते थे और उन संख्यात्मक अभियोग्यता और तार्किक क्षमता जैसे खण्डों को अधिक समय देते थे जिनको हल करने में अधिक समय लगता है. लेकिन आपकी निराशा के लिए, यह सभी रणनीति अब काम नहीं आएँगी.

तो, आपको एक पूर्व आयोजित रणनीति चाहिए ताकि IBPS Clerk प्रारम्भिक परीक्षा के दौरान आपको परेशानियों का सामना न करना पड़े. आपको इस प्रकार से अपनी रणनीति का निर्माण करना होगा जिस से आप परीक्षा के दौरान दबाव महसूस न करें. अधिक से अधिक अभ्यास कीजिये ताकि आप इस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकें. अंत में आप खुद ही अपनी सफलता और विफलता के लिए जिम्मेदार हैं. और जितना जल्दी आप इस बात को महसूस करेंगे उतनी ही जल्दी आप सफलता की ओर बढ़ेंगे.