Adda247 की तरफ से आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें. लोहड़ी मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता हैं. मुख्य रूप से लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रसिद्ध त्योहार है.
लोहड़ी को माघी भी कहा जाता है, यह एक कृषि से सम्बंधित त्यौहार है, जो हर साल 13 जनवरी को मनाया जाता है, कुछ जगहों में लोग अपनी नई फ़सल की पूजा भी करते हैं. हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोहड़ी बड़े धूमधाम से मनाई जाती है. वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार इस दिन से ही सूर्य उत्तरी गोलार्ध की तरफ प्रस्थान कर जाता हैं. इस समय सर्दी अपने जोरों पर रहती हैं, जिससे आम जीवन सुस्त पड़ जाता हैं, ऐसे में यह त्यौहार लोगों के अन्दर एक उत्साह भरने का कार्य करता हैं.
सूर्य ढलते ही लोग बड़े–बड़े अलाव जलाए जाते हैं. उसके चारो तरफ लोग एकत्र होकर, अलाव की परिक्रमा करते हैं तथा अग्नि को पके हुए चावल, मक्का के दाने तथा अन्य चबाने वाले भोज्य पदार्थ अर्पित करते हैं, इस पर्व पर लोग ‘आदर आए, दलिदर जाए’ इस प्रकार के गीत व लोकगीत गाते हैं. यह एक प्रकार की अग्नि की वंदना है.
सर्दियों में लोग सुस्त पड़ जाते हैं और उनकी कार्य करने की क्षमता भी कम हो जाती है, ऐसे में उम्मीदवारों की अध्ययन क्षमता में भी असर पड़ता हैं. लोहड़ी के उत्सव के साथ उम्मीदवारों को नई ऊर्जा के साथ फिर से अपने अध्ययन में फोकस करना चाहिए. आगे कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित होने वाली हैं. जिसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी चाहिए. क्योंकि आजकल किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पाना आसान नहीं हैं.
आपसी भाईचारें की भावना, सुख, शान्ति और धन–धान्य की प्रचुरता के लिए भगवान् को धन्यवाद देना, यही इस त्यौहार को ख़ास बनती हैं, त्यौहार साकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं. आप सभी उम्मीदवारों को इस सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपनी तैयारी आगे बढ़ानी चाहिए.


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