ये हैं ऐसे SBI पीओ, जो आगे चलकर बने बैंक के चेयरमैन और MDs (SBI PO who grew to become Chairman and MDs in the bank)

ये हैं ऐसे SBI पीओ, जो आगे चलकर बने बैंक के चेयरमैन और MDs (SBI PO who grew to become Chairman and MDs in the bank)


SBI PO who grew to become Chairman and MDs in the bank

भारतीय स्टेट बैंक (State bank of India), देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक (Government Sector Bank) है. SBI हर साल देश भर में फैली अपनी अलग-अलग शाखाओं में प्रोबेशनरी ऑफिसर्स (probationary officer) की भर्ती के लिए vaccany निकालता है. SBI PO को बैंकिंग सेक्टर में बहुत ही prestigious government Job यानि सम्मानजनक पद माना जाता है, इसलिए SBI PO बनना लाखों बैंकिंग उम्मीदवारों का सपना होता है, इसी वजह से Government Sector Bank में इस पोस्ट की सबसे ज्यादा डिमांड होती है. इन्ही वजह से हर साल लाखों की संख्या में बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर्स के लिए आवेदन किया जाता है।

 

इस जॉब के लिए स्टूडेंट्स को अपनी ओर खीचने वाला प्रमुख कारण है, SBI प्रोबेशनरी ऑफिसर को मिलने वाले अच्छे वेतन (salary package) के साथ-साथ अन्य भत्ते, लाभों (Allowances, benefits) और विशेष रूप से ideal career growth भी शामिल हैं। इस आर्टिकल में, हम बैंकिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की तैयारी में जुटे उम्मीदवारों के लिए कुछ ऐसे उदाहरण लेकर आये हैं, जिन्होने भारतीय स्टेट बैंक में कैरियर ग्रोथ पाकर ही कैसे SBI probationary officers (SBI परिवीक्षाधीन अधिकारी) से अपने करियर में कामयाबी हासिल की...



ये हैं वो SBI PO, जिन्हें मिली करियर ग्रोथ और जो आगे चलकर बने SBI बैंक के चेयरमैन और प्रबंधक निदेशक 


अरुंधति भट्टाचार्य | Arundhati Bhattacharya

21 साल की उम्र में SBI में प्रोबेशनरी ऑफिसर बनने वाली, अरुंधति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनीं। वह वर्ष 1977 में एक प्रोबेशनरी ऑफिसर बनी जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में अलीपुर शाखा में अपने पहले कार्यभार को सम्भाला। उनकी पहली पोस्टिंग कोलकाता मेन ब्रांच में थी, जहां वह जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड -1 स्तर पर थीं। जल्द ही, उसे स्थानीय प्रधान कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 1983 में, वह खड़गपुर शाखा में चली गईं और वहां उन्होंने नौ वर्षों तक सेवा की। वर्ष 1983 में, उन्होंने आईआईटी खड़गपुर के एक पूर्व प्रोफेसर से शादी की। वर्ष 1987 में चार साल के बाद, उन्होंने शाखा प्रबंधक, निमपुरा में काम किया। वह तीन साल तक वहां रही जिसके बाद वह शाखा प्रबंधक के रूप में खड़गपुर लौट आई। वर्ष 1993 में, वह कोलकाता में वाणिज्यिक बैंक में अपने पति को छोड़कर आईआईटी खड़गपुर चली गईं। वर्ष 1996 में तीन साल के बाद, वह अमेरिका में उपाध्यक्ष शाखा समन्वयक के रूप में Posted हुईं और उन्होंने चार साल तक वहां काम किया। वर्ष 2008 में, उन्होंने एक सामान्य प्रबंधक के रूप में मुंबई में काम किया और एक महीने के भीतर उन्हें मुख्य महाप्रबंधक के रूप में पदोन्नत किया गया। वह फिर से बैंगलोर में पोस्ट की गई और जब वह बैंगलोर से मुंबई वापस आईं तो वह 2011 में मानव संसाधन विभाग के डिप्टी एमडी के रूप में posted थीं। बाद में वह एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के प्रमुख, तत्कालीन एमडी, सीएफओ और अंततः अध्यक्ष के रूप में posted हुईं। काम के प्रति उनकी उपलब्धियों और समर्पण ने उन्हें एक probationary officer बनने से शुरू होकर ऊंचाइयां  छूने के लिए प्रेरित किया।


उपलब्धियां:

  • अरुंधति भट्टाचार्य ने दुनिया की 25 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की प्रतिष्ठित फोर्ब्स की सूची में जगह बनाई
  • वह विश्व बैंक में प्रबंध निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी के पद के लिए भारत से नामांकित व्यक्ति थी.
  • इन्हें फॉर्च्यून पत्रिका द्वारा एशिया प्रशांत क्षेत्र की चौथी सबसे शक्तिशाली महिला के रूप में स्थान दिया गया है।

Also Read,


रजनीश कुमार | Rajnish Kumar


अरुंधति भट्टाचार्य के बाद, रजनीश कुमार को भारत के सबसे बड़े राज्य ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन के रूप में नामित किया गया था, वे former chairman हैं। उन्होंने तीन साल तक  chairman  के रूप में कार्य किया। वर्ष 1980 में एक परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में भारतीय स्टेट बैंक में शामिल हुए। उन्होंने एसबीआई के प्रबंध निदेशक (राष्ट्रीय बैंकिंग समूह/national banking group) और प्रबंध निदेशक (अनुपालन और जोखिम/compliance & Risk) के रूप में भी कार्य किया। रजनीश कुमार ने SBI में प्रबंध निदेशक बनने से पहले एक प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में SBI पूंजी बाजार लिमिटेड का भी नेतृत्व किया। अक्टूबर में, उन्होंने नए अध्यक्ष दिनेश कुमार खारा को अपना पद सौंप दिया।

  

उपलब्धियां

  • उनकी प्रमुख उपलब्धियों में से एक एसबीआई के मेगा-मर्जर का निष्पादन(execution of SBI‘s mega-merger_ है।
  • उन्होंने बड़े क्रेडिट, प्रोजेक्ट फाइनेंस, रिटेल बैंकिंग सहित वर्टिकल में कार्यभार संभाला और एसबीआई पूंजी बाजार (capital markets) का भी नेतृत्व किया।


दिनेश कुमार खारा | Dinesh Kumar Khara


भारतीय स्टेट बैंक के वर्तमान चेयरमैन दिनेश कुमार खारा हैं। श्री कुमार वर्ष 1984 में भारतीय स्टेट बैंक में एक परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में शामिल हुए और खुदरा बैंकिंग, कॉर्पोरेट क्रेडिट, जमा जमाव, अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग संचालन और शाखा प्रबंधन जैसे वाणिज्यिक बैंकिंग में 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संकाय से व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर(masters in business administration from the faculty of management studies,) किया। उनके पास शिकागो में एक कार्यकाल भी था और एसबीआई के साथ पांच सहयोगियों और भारतीय महिला बैंक के विलय का निरीक्षण किया।


उपलब्धियां:

  • वह एसबीआई म्यूचुअल फंड और एसबीआई जनरल के प्रमुख (SBI mutual fund and the SBI General) भी रहे।
  •  SBI MF में, व्यापार को तेज करने का श्रेय। 
  • भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त होने से पहले, श्री कारा एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ थे.




Also check,