Hindi Language Quiz For IBPS SO : 19th December 2018

Hindi Language Quiz For IBPS SO : 19th December 2018





Direction (1-6): नीचे दिए गए परिच्छेद में कुछ रिक्त स्थान छोड़ दिए गए हैं तथा उन्हें प्रश्न संख्या से दर्शाया गया है। ये संख्याएँ परिच्छेद के नीचे मुद्रित हैं, और प्रत्येक के सामने (a), (b), (c), (d) और (e) विकल्प दिए गए हैं। इन पाँचों में से कोई एक इस रिक्त स्थान को पूरे परिच्छेद के संदर्भ में उपयुक्त ढंग से पूरा कर देता है। आपको उस विकल्प का चयन करना है और उसका क्रमांक ही उत्तर के रूप में दर्शाना है। आपको दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त का चयन करना है। 

Q1. दुनिया भर के अधिकांश देशों के नागरिकों को दिए गए मूल अधिकारों में अभिव्यक्ति की आजादी शामिल है। यह अधिकार उन देशों में रहने वाले लोगों को कानून द्वारा दंडित होने के डर के बिना अपने मन की बात करने के लिए _(1)_ बनाता है। सोच और विचारों का नि:शुल्क संचार मनुष्य के अधिकारों में सबसे अधिक मूल्यवान है। हर नागरिक तदनुसार स्वतंत्रता के साथ बोल सकता है, लिख सकता है तथा अपने शब्द छाप सकता है लेकिन इस स्वतंत्रता के _(2)_ के लिए भी वह उसी तरह जिम्मेदार होगा जैसा कि कानून द्वारा परिभाषित किया गया है। मानव अधिकारों की _(3)_ घोषणा 1948 में अपनाई गई थी। इस घोषणा के तहत यह भी बताया गया है कि हर किसी को अपने विचारों और राय को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी अब अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय _(4)_ कानून का एक हिस्सा बन गए हैं। एक लोकतांत्रिक सरकार अपने देश की सरकार को चुनने के अधिकार सहित अपने लोगों को विभिन्न अधिकार देती है। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के आधार के रूप में जानी जाती है। अगर _(5)_ सरकार शुरू में स्थापित मानकों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही है और नागरिकों को इससे सम्बंधित मुद्दों पर अपनी राय देने का अधिकार नहीं है तो सरकार का चयन ही फायदेमंद नहीं है। यही कारण है कि लोकतांत्रिक राष्ट्रों में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार एक जरूरी _(6)_ है। यह लोकतंत्र का आधार है।
कायर
सक्षम
परतंत्र
प्रफुल्लित
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ ‘सक्षम’ शब्द का प्रयोग उचित है। ‘सक्षम’ का अर्थ है- जिसमें कोई कार्य करने की विशिष्ट क्षमता हो, कार्य करने में समर्थ।

Q2. दुनिया भर के अधिकांश देशों के नागरिकों को दिए गए मूल अधिकारों में अभिव्यक्ति की आजादी शामिल है। यह अधिकार उन देशों में रहने वाले लोगों को कानून द्वारा दंडित होने के डर के बिना अपने मन की बात करने के लिए _(1)_ बनाता है। सोच और विचारों का नि:शुल्क संचार मनुष्य के अधिकारों में सबसे अधिक मूल्यवान है। हर नागरिक तदनुसार स्वतंत्रता के साथ बोल सकता है, लिख सकता है तथा अपने शब्द छाप सकता है लेकिन इस स्वतंत्रता के _(2)_ के लिए भी वह उसी तरह जिम्मेदार होगा जैसा कि कानून द्वारा परिभाषित किया गया है। मानव अधिकारों की _(3)_ घोषणा 1948 में अपनाई गई थी। इस घोषणा के तहत यह भी बताया गया है कि हर किसी को अपने विचारों और राय को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी अब अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय _(4)_ कानून का एक हिस्सा बन गए हैं। एक लोकतांत्रिक सरकार अपने देश की सरकार को चुनने के अधिकार सहित अपने लोगों को विभिन्न अधिकार देती है। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के आधार के रूप में जानी जाती है। अगर _(5)_ सरकार शुरू में स्थापित मानकों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही है और नागरिकों को इससे सम्बंधित मुद्दों पर अपनी राय देने का अधिकार नहीं है तो सरकार का चयन ही फायदेमंद नहीं है। यही कारण है कि लोकतांत्रिक राष्ट्रों में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार एक जरूरी _(6)_ है। यह लोकतंत्र का आधार है।
सदप्रयोग
संसाधन
संयोजन
दुरुपयोग
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ ‘दुरुपयोग’ शब्द का प्रयोग उचित है।

Q3. दुनिया भर के अधिकांश देशों के नागरिकों को दिए गए मूल अधिकारों में अभिव्यक्ति की आजादी शामिल है। यह अधिकार उन देशों में रहने वाले लोगों को कानून द्वारा दंडित होने के डर के बिना अपने मन की बात करने के लिए _(1)_ बनाता है। सोच और विचारों का नि:शुल्क संचार मनुष्य के अधिकारों में सबसे अधिक मूल्यवान है। हर नागरिक तदनुसार स्वतंत्रता के साथ बोल सकता है, लिख सकता है तथा अपने शब्द छाप सकता है लेकिन इस स्वतंत्रता के _(2)_ के लिए भी वह उसी तरह जिम्मेदार होगा जैसा कि कानून द्वारा परिभाषित किया गया है। मानव अधिकारों की _(3)_ घोषणा 1948 में अपनाई गई थी। इस घोषणा के तहत यह भी बताया गया है कि हर किसी को अपने विचारों और राय को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी अब अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय _(4)_ कानून का एक हिस्सा बन गए हैं। एक लोकतांत्रिक सरकार अपने देश की सरकार को चुनने के अधिकार सहित अपने लोगों को विभिन्न अधिकार देती है। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के आधार के रूप में जानी जाती है। अगर _(5)_ सरकार शुरू में स्थापित मानकों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही है और नागरिकों को इससे सम्बंधित मुद्दों पर अपनी राय देने का अधिकार नहीं है तो सरकार का चयन ही फायदेमंद नहीं है। यही कारण है कि लोकतांत्रिक राष्ट्रों में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार एक जरूरी _(6)_ है। यह लोकतंत्र का आधार है।
आंचलिक
भौगोलिक
सार्वभौमिक
प्रभावित
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ ‘सार्वभौमिक’ शब्द का प्रयोग उचित है। सार्वभौमिक का अर्थ है- समस्त पृथ्वी पर फैला हुआ।

Q4. दुनिया भर के अधिकांश देशों के नागरिकों को दिए गए मूल अधिकारों में अभिव्यक्ति की आजादी शामिल है। यह अधिकार उन देशों में रहने वाले लोगों को कानून द्वारा दंडित होने के डर के बिना अपने मन की बात करने के लिए _(1)_ बनाता है। सोच और विचारों का नि:शुल्क संचार मनुष्य के अधिकारों में सबसे अधिक मूल्यवान है। हर नागरिक तदनुसार स्वतंत्रता के साथ बोल सकता है, लिख सकता है तथा अपने शब्द छाप सकता है लेकिन इस स्वतंत्रता के _(2)_ के लिए भी वह उसी तरह जिम्मेदार होगा जैसा कि कानून द्वारा परिभाषित किया गया है। मानव अधिकारों की _(3)_ घोषणा 1948 में अपनाई गई थी। इस घोषणा के तहत यह भी बताया गया है कि हर किसी को अपने विचारों और राय को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी अब अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय _(4)_ कानून का एक हिस्सा बन गए हैं। एक लोकतांत्रिक सरकार अपने देश की सरकार को चुनने के अधिकार सहित अपने लोगों को विभिन्न अधिकार देती है। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के आधार के रूप में जानी जाती है। अगर _(5)_ सरकार शुरू में स्थापित मानकों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही है और नागरिकों को इससे सम्बंधित मुद्दों पर अपनी राय देने का अधिकार नहीं है तो सरकार का चयन ही फायदेमंद नहीं है। यही कारण है कि लोकतांत्रिक राष्ट्रों में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार एक जरूरी _(6)_ है। यह लोकतंत्र का आधार है।
एकाधिकार
सम्मत
मानवीय
मानवाधिकार
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ ‘मानवाधिकार’ शब्द का प्रयोग उचित है।

Q5. दुनिया भर के अधिकांश देशों के नागरिकों को दिए गए मूल अधिकारों में अभिव्यक्ति की आजादी शामिल है। यह अधिकार उन देशों में रहने वाले लोगों को कानून द्वारा दंडित होने के डर के बिना अपने मन की बात करने के लिए _(1)_ बनाता है। सोच और विचारों का नि:शुल्क संचार मनुष्य के अधिकारों में सबसे अधिक मूल्यवान है। हर नागरिक तदनुसार स्वतंत्रता के साथ बोल सकता है, लिख सकता है तथा अपने शब्द छाप सकता है लेकिन इस स्वतंत्रता के _(2)_ के लिए भी वह उसी तरह जिम्मेदार होगा जैसा कि कानून द्वारा परिभाषित किया गया है। मानव अधिकारों की _(3)_ घोषणा 1948 में अपनाई गई थी। इस घोषणा के तहत यह भी बताया गया है कि हर किसी को अपने विचारों और राय को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी अब अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय _(4)_ कानून का एक हिस्सा बन गए हैं। एक लोकतांत्रिक सरकार अपने देश की सरकार को चुनने के अधिकार सहित अपने लोगों को विभिन्न अधिकार देती है। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के आधार के रूप में जानी जाती है। अगर _(5)_ सरकार शुरू में स्थापित मानकों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही है और नागरिकों को इससे सम्बंधित मुद्दों पर अपनी राय देने का अधिकार नहीं है तो सरकार का चयन ही फायदेमंद नहीं है। यही कारण है कि लोकतांत्रिक राष्ट्रों में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार एक जरूरी _(6)_ है। यह लोकतंत्र का आधार है।
भ्रष्ट
निष्क्रिय
निर्वाचित
उत्साहित
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ ‘निर्वाचित’ शब्द का प्रयोग उचित है। ‘निर्वाचित’ का अर्थ है – जिसे चुन लिया गया हो, जो चुनाव में अन्य सभी उम्मीदवारों की अपेक्षा सबसे अधिक मत प्राप्त करने के कारण सफल घोषित हुआ हो।

Q6. दुनिया भर के अधिकांश देशों के नागरिकों को दिए गए मूल अधिकारों में अभिव्यक्ति की आजादी शामिल है। यह अधिकार उन देशों में रहने वाले लोगों को कानून द्वारा दंडित होने के डर के बिना अपने मन की बात करने के लिए _(1)_ बनाता है। सोच और विचारों का नि:शुल्क संचार मनुष्य के अधिकारों में सबसे अधिक मूल्यवान है। हर नागरिक तदनुसार स्वतंत्रता के साथ बोल सकता है, लिख सकता है तथा अपने शब्द छाप सकता है लेकिन इस स्वतंत्रता के _(2)_ के लिए भी वह उसी तरह जिम्मेदार होगा जैसा कि कानून द्वारा परिभाषित किया गया है। मानव अधिकारों की _(3)_ घोषणा 1948 में अपनाई गई थी। इस घोषणा के तहत यह भी बताया गया है कि हर किसी को अपने विचारों और राय को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी अब अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय _(4)_ कानून का एक हिस्सा बन गए हैं। एक लोकतांत्रिक सरकार अपने देश की सरकार को चुनने के अधिकार सहित अपने लोगों को विभिन्न अधिकार देती है। अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की आजादी एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के आधार के रूप में जानी जाती है। अगर _(5)_ सरकार शुरू में स्थापित मानकों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही है और नागरिकों को इससे सम्बंधित मुद्दों पर अपनी राय देने का अधिकार नहीं है तो सरकार का चयन ही फायदेमंद नहीं है। यही कारण है कि लोकतांत्रिक राष्ट्रों में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार एक जरूरी _(6)_ है। यह लोकतंत्र का आधार है।
व्यवस्था
अधिकार
प्रयोग
विचार
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ ‘अधिकार’ शब्द का प्रयोग उचित है।

Directions (7-10): निम्नलिखित प्रश्न राजभाषा हिंदी एवं उसकी संवैधानिक स्थिति से संबंधित हैं, प्रत्येक प्रश्न के लिए उचित उत्तर का चयन कीजिए। 

Q7. भारतीय संविधान में निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के अनुसार, भारतीय संध की राजभाषा हिंदी एवं लिपि देवनागरी है?
अनुच्छेद 341
अनुच्छेद-343
अनुच्छेद 345
अनुच्छेद 347
इनमें से कोई नहीं
Solution:
भारतीय संविधान के अनुच्छेद-343 के अनुसार, भारतीय संध की राजभाषा हिंदी एवं लिपि देवनागरी है तथा संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए भारतीय अंकों का अन्तर्राष्ट्रीय रूप प्रयुक्त होगा।

Q8. संविधान के भाग-17 के चार अध्यायों में कुल कितने अनुच्छेद हैं?
6 अनुच्छेद हैं
7 अनुच्छेद हैं
8 अनुच्छेद हैं
9 अनुच्छेद हैं
इनमें से कोई नहीं
Solution:
संविधान के भाग-17 के चार अध्यायों में कुल 9 अनुच्छेद हैं।

Q9. भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में निम्नलिखित में से कौन सी भाषा सम्मिलित नहीं है?
मैथिलि
संथाली
डोगरी
नेपाली
इनमें से कोई नहीं
Solution:
ये चारो भाषाएँ संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित हैं, इसलिए विकल्प (e) उत्तर है।

Q10. राजभाषा अधिनियम 1963 की किस धारा के अंतर्गत आने वाले सभी कागजातों को द्विभाषी में जारी करना अनिवार्य है?
धारा 3(3)
धारा 5(5)
धारा 7(7)
धारा 8(8)
इनमें से कोई नहीं
Solution:
राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले सभी कागजातों को द्विभाषी में जारी करना अनिवार्य है।

Directions (11-14): निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न में दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति के लिए क्रमिक रूप से दिए गए शब्दों के उचित विकल्प का चयन कीजिए। 

Q11. गुरू शिष्य परंपरा के अनुसार, शिष्य को गुरू से वेदों का ज्ञान ______ ही प्राप्त होता था व उन में किसी प्रकार के _______ की संभावना से मनाही थी।
लिखित, दायित्व
काल्पनिक, अपमान
चमत्कारिक, साहित्य
मौखिक, परिवर्तन
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ क्रमशः ‘मौखिक’ एवं ‘परिवर्तन’ शब्दों का प्रयोग उचित है।

Q12. कविताओं के भी कई ______प्रकाशित हुए हैं जिनमें से अधिकांश संग्रहों में समसामयिक ______ को उभारती कविताएँ ही दिखती हैं।
पुस्तक, सद्भावना
लोकगीत, प्रेम
दोहे, संवाद
संग्रह, द्वंद्व
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ क्रमशः ‘संग्रह’ एवं ‘द्वंद्व’ शब्द का प्रयोग उचित है।

Q13. स्वामित्व पाकर प्रत्येक व्यक्ति के मन में अहंकार उत्पन्न हो जाता है, प्रत्येक मनुष्य चाहे _______ मुर्ख एवं गुणहीन हो, परन्तु यदि उसे अत्यन्त धन प्राप्त हो जाए अथवा वह किसी का स्वामी बन जाए तो वह अवश्य ______ बन जाएगा।
गंभीर, सहृदय
अल्प, धनी
सहज, दयालू
अत्यन्त, घमंडी
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ क्रमशः ‘अत्यन्त’ एवं ‘घमंडी’ शब्द का प्रयोग उचित है।

Q14. कलाकार की कला उसके______ में उत्पन्न हुए भावों की परिचायिका होती है, कलाकार सभी के सुख-दुःख में सुख एवं दुःख का अनुभव करता है तथा_______ स्थापित करके उसे अपनी कला में स्थान देता है।
संसार, यथार्थ
हृदय, तादात्म्य
संसाधनों, उदात्त
उत्सर्ग, अलगाव
इनमें से कोई नहीं
Solution:
यहाँ क्रमशः ‘हृदय’ एवं ‘तादात्म्य’ शब्द का प्रयोग उचित है। तादात्म्य का अर्थ है-दो चीजों का परस्पर अभिन्न होने का भाव।

Q15. निम्नलिखित में से कौन सा शब्द ‘नारी’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है-
वनिता
कामिनी
सुरभि
रमणी
इनमें से कोई नहीं
Solution:
‘सुरभि’ नारी का पर्यायवाची शब्द नहीं है। सुरभि का अर्थ है- सुगंघ, सुंदर, अच्छा।