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World Autism Awareness Day 2025: जानिए 2 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस

विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस 2025: विशेष बच्चों के प्रति जागरूकता और समझ बढ़ाने का दिन

प्रत्येक वर्ष 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस (World Autism Awareness Day) दुनिया-भर में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से प्रभावित बच्चों और वयस्कों के प्रति जागरूकता फैलाना और उनके अधिकारों, शिक्षा, और समावेशन को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है.

ऑटिज्म (Autism) क्या है?

ऑटिज्म एक स्नायविक और विकासात्मक विकार (Neurological and Developmental Disorder) है, जो मुख्य रूप से सामाजिक संपर्क, संचार और व्यवहार को प्रभावित करता है. यह जीवनभर बना रहने वाला विकार होता है और इसके लक्षण बचपन में ही दिखाई देने लगते हैं.

विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस 2025 की थीम

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) हर साल ऑटिज्म जागरूकता दिवस की एक विशेष थीम तय करता है। इस वर्ष की थीम “न्यूरोडायवर्सिटी को आगे बढ़ाना (Advancing Neurodiversity)” रखी गई है,  जिसका उद्देश्य ऑटिज्म से ग्रसित लोगों की बात सुनने, उनसे सीखने और उनके जीवन को बेहतर बनाने पर जोर देना है.

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ऑटिज्म से प्रभावित लोगों के लिए समाज की भूमिका

  • समझ और स्वीकृति: ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों और बड़ों को समाज की स्वीकृति और सहयोग की जरूरत होती है।

  • शिक्षा और रोजगार: स्कूलों और कार्यस्थलों पर विशेष सुविधाएं और समावेशी नीतियां लागू की जानी चाहिए।

  • उचित स्वास्थ्य सेवाएं: ऑटिज्म से जुड़े स्वास्थ्य और उपचार संबंधी सेवाओं को मजबूत किया जाना चाहिए।

कैसे मनाया जाता है विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस?

  • ब्लू लाइट इवेंट्स: दुनियाभर में प्रसिद्ध इमारतों और स्मारकों को नीली रोशनी (Blue Light) से रोशन किया जाता है, जो ऑटिज्म जागरूकता का प्रतीक है।

  • कार्यशालाएं और सेमिनार: विभिन्न संस्थान ऑटिज्म के बारे में जानकारी फैलाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

  • सोशल मीडिया कैंपेन: जागरूकता बढ़ाने के लिए #AutismAwarenessDay जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया जाता है।

भारत में ऑटिज्म जागरूकता के लिए प्रयास

भारत में सरकार और गैर-सरकारी संगठन (NGOs) ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों और वयस्कों के लिए विशेष कार्यक्रम चला रहे हैं। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 और RPWD अधिनियम 2016 के तहत ऑटिज्म से प्रभावित लोगों को कानूनी अधिकार और सुविधाएं दी जाती हैं.

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FAQs

विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस हर साल 2 अप्रैल को मनाया जाता है ताकि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से प्रभावित लोगों के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके और उन्हें समाज में स्वीकृति और सहयोग मिल सके।

ऑटिज्म क्या है और यह कैसे प्रभावित करता है?

ऑटिज्म एक स्नायविक और विकासात्मक विकार है जो मुख्य रूप से सामाजिक संपर्क, संचार और व्यवहार को प्रभावित करता है। इसके लक्षण बचपन में ही दिखाई देने लगते हैं और यह जीवनभर बना रहता है।

विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस 2025 की थीम क्या है?

विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस की इस वर्ष की थीम "न्यूरोडायवर्सिटी को आगे बढ़ाना (Advancing Neurodiversity)" है, जो ऑटिज्म से प्रभावित लोगों की बात सुनने, उनसे सीखने और उनके जीवन को बेहतर बनाने पर जोर देती है.