ग्रामीण बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने राजस्थान के दो प्रमुख ग्रामीण बैंकों – राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक और बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – का विलय कर एक नई इकाई “राजस्थान ग्रामीण बैंक” की स्थापना की है। यह विलय 1 मई 2025 से प्रभावी हो चुका है।
यह कदम भारत सरकार की “एक राज्य, एक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (One State, One RRB)” नीति के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बैंकों की संचालन प्रणाली को सरल और उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है।
विलय का उद्देश्य
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मजबूत संस्था का निर्माण: इस विलय का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ी और सक्षम संस्था खड़ी करना है, जो अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सके।
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वित्तीय मजबूती: विलय से बैंकों की पूंजी और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, जिससे उनका संचालन और भी स्थिर रहेगा।
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सुव्यवस्थित संचालन: इस कदम से बैंकों का प्रबंधन अधिक संगठित और पारदर्शी होगा, जिससे ग्रामीण ग्राहकों को बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकेंगी।
प्रक्रिया और प्रभाव
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प्रभावी तिथि: यह विलय 1 मई 2025 से लागू हो चुका है।
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“एक राज्य, एक आरआरबी” नीति: सरकार की इस नीति के तहत 11 राज्यों के 15 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) को एकीकृत किया गया है।
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ग्राहकों पर असर: विलय के बाद ग्राहकों के खाते, जमा और ऋण सुरक्षित रहेंगे। हालांकि, कुछ मामलों में उन्हें नए नाम, पासबुक, चेकबुक या बदला हुआ ग्राहक आईडी/अकाउंट नंबर मिल सकता है।
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एकीकृत बैंकिंग सिस्टम: अब सभी ग्राहकों को एकीकृत प्रणाली से अधिक आसान और सुविधाजनक लेन-देन की सुविधा प्राप्त होगी।
Rajasthan Gramin Bank Merger 2025 Highlights
- नया बैंक का नाम: राजस्थान ग्रामीण बैंक
- प्रभावी तिथि: 1 मई 2025
- विलय में शामिल बैंक: राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक + बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
- मुख्यालय: जयपुर
- स्पॉन्सर बैंक: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
- अधिकृत पूंजी: ₹2,000 करोड़
- शेयर पूंजी वितरण:
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केंद्र सरकार: ₹61.21 करोड़
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राजस्थान सरकार: ₹18.36 करोड़
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एसबीआई: ₹42.85 करोड़
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राजस्थान ग्रामीण बैंक के विलय से क्या बदला?
- एकीकृत ग्राहक सेवा: पूरे राजस्थान में अब एक समान ब्याज दरें और बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी।
- बेहतर टेक्नोलॉजी: मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग में तेज़ी से सुधार होगा।
- किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को लाभ: लोन स्वीकृति की प्रक्रिया आसान और तेज़ होगी।
- अधिक ब्रांच और ATM: ग्राहकों को अब ज़्यादा शाखाएं और ATM की सुविधा मिलेगी।
- प्रशासनिक खर्चों में कमी: जिससे ब्याज दरें भी कम हो सकती हैं।
राजस्थान ग्रामीण बैंक का उद्देश्य
“One State-One RRB” पॉलिसी के तहत यह कदम राजस्थान में ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। इसके तहत बैंकों की नीति, टेक्नोलॉजी और मानव संसाधनों को एकीकृत किया जाएगा ताकि न्यूनतम व्यवधान के साथ ग्राहक सेवाओं में सुधार हो सके।