BRICS New Delhi Declaration 2026: भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS Summit के दौरान जारी नई दिल्ली घोषणा ने वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और जलवायु जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर BRICS देशों की साझा प्राथमिकताओं को सामने रखा है।
घोषणा में संयुक्त राष्ट्र सुधार से लेकर व्यापारिक टैरिफ, आतंकवाद, गाजा संकट, स्थानीय मुद्राओं में भुगतान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तक कई अहम विषय शामिल किए गए हैं।
भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता के दौरान समूह के तीन प्रमुख स्तंभों—राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग, आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग तथा सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संपर्क—पर विशेष जोर दिया गया।
BRICS New Delhi Declaration 2026 क्या है?
BRICS New Delhi Declaration 2026 18वें BRICS Summit के दौरान समूह के सदस्य देशों द्वारा अपनाई गई साझा घोषणा है। इसका उद्देश्य वैश्विक शासन, आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर BRICS की सामूहिक स्थिति और भविष्य की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना है।
2026 में BRICS का फोकस केवल राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भुगतान प्रणाली, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, श्रम और जलवायु जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी रहा।
वैश्विक जीडीपी में BRICS की हिस्सेदारी: चीन और भारत का कितना योगदान?
आईएमएफ के 2026 के अनुमानों और क्रय शक्ति समता (PPP) के आधार पर, ब्रिक्स के मूल सदस्य देशों—चीन, भारत, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका—की वैश्विक जीडीपी में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। इनमें चीन की हिस्सेदारी सबसे अधिक 19.88% है, जबकि भारत 8.49% की हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है।
ब्रिक्स के नए सदस्य देशों—इंडोनेशिया, सऊदी अरब, मिस्र, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इथियोपिया—के शामिल होने से समूह का आर्थिक प्रभाव और बढ़ गया है। कुल मिलाकर, ब्रिक्स के सदस्य देश वैश्विक जीडीपी के लगभग 40.98% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह आंकड़ा वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की मजबूत स्थिति और उभरते बाजारों पर इसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

यहं वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स (BRICS) समूह के बढ़ते आर्थिक महत्व को दर्शाता है।
BRICS New Delhi Declaration 2026 क्यों महत्वपूर्ण है?
नई दिल्ली घोषणा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि BRICS अब केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं रह गया है। इसका एजेंडा वैश्विक शासन, सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण जैसे कई क्षेत्रों तक फैल चुका है।
भारत की अध्यक्षता में स्थानीय मुद्रा भुगतान, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, AI, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
MEA के अनुसार BRICS में वर्तमान में 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं और 2024–25 में समूह का विस्तार हुआ है।
BRICS New Delhi Declaration 2026: प्रमुख बिंदु
1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार
BRICS ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार और विकासशील देशों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की मांग दोहराई। भारत और ब्राजील की UNSC में बड़ी भूमिका का भी समर्थन किया गया।
2. IMF और WTO में सुधार
BRICS ने IMF में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वास्तविक आर्थिक स्थिति के अनुरूप कोटा सुधार और WTO की पूरी तरह कार्यशील विवाद समाधान प्रणाली बहाल करने की मांग की।
3. टैरिफ और व्यापार बाधाओं का विरोध
घोषणा में एकतरफा संरक्षणवादी टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं का विरोध किया गया। CBAM जैसे उपायों को लेकर विकासशील देशों की चिंताओं को भी उठाया गया।
4. आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख
BRICS ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और 22 अप्रैल 2025 के जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, की विशेष रूप से निंदा की। CCIT को जल्द अपनाने की मांग भी की गई।
5. गाजा और पश्चिम एशिया पर साझा रुख
BRICS ने गाजा में मानवीय संकट पर चिंता जताते हुए 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी मानकर दो-राज्य समाधान का समर्थन किया। फिलिस्तीन की पूर्ण UN सदस्यता और मानवीय सहायता की निर्बाध पहुंच पर जोर दिया गया।
6. स्थानीय मुद्राओं में सीमा-पार भुगतान
BRICS ने किसी एक साझा मुद्रा के बजाय स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया। BRICS Payment Task Force को तेज और कम लागत वाली सीमा-पार भुगतान व्यवस्था विकसित करने का दायित्व दिया गया।
7. कृषि और खाद्य सुरक्षा
BRICS ने BRICS Grain Exchange को आगे बढ़ाने और कृषि सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही BRICS AGRIN को किसान-केंद्रित सहयोग मंच के रूप में स्थापित किया गया।
8. AI और Digital Public Infrastructure
BRICS ने Digital Public Infrastructure Repository बनाने का समर्थन किया, ताकि डिजिटल सार्वजनिक समाधानों को सदस्य देशों में साझा किया जा सके। AI के वैश्विक शासन में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई गई।
9. स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और महामारी तैयारी
BRICS Mission for Healthy Lifestyle (2026–2029) का समर्थन किया गया। मानसिक स्वास्थ्य के लिए BRICS Network of Centres of Excellence बनाया गया, जिसमें NIMHANS, Bengaluru को समन्वयक नोडल केंद्र बनाया गया।
10. जलवायु, ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण
BRICS ने Paris Agreement और UNFCCC के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। Tropical Forest Forever Facility (TFFF), International Big Cats Alliance (IBCA) तथा स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण और भूमि बहाली जैसी पहलों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
11. बीमा और जोखिम प्रबंधन सहयोग
BRICS ने BRICS Insurance Resilience Centre (BIRC) की स्थापना से जुड़ी चर्चाओं का स्वागत किया। भारत के GIFT City IFSC, गुजरात में BRICS Risk Lab स्थापित करने के प्रस्ताव को भी समर्थन मिला।
12. MSME के लिए Invoice Discounting Mechanism
BRICS ने Jaipur Consensus का समर्थन किया, जिसके तहत निर्यात करने वाले MSME के लिए Invoice Discounting Mechanism विकसित किया जाएगा। इससे छोटे व्यवसायों को व्यापारिक बिलों के आधार पर कार्यशील पूंजी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
13. स्मार्ट ग्रिड और Critical Minerals
BRICS ने Smart Grids और Energy Storage के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की पहल की। साथ ही Critical Minerals की मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने तथा संसाधन संपन्न देशों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करने पर जोर दिया गया।
14. अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग
BRICS Remote Sensing Satellite Constellation (RSSC) में नए सदस्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों को शामिल करने के लिए संशोधनों को अंतिम रूप दिया गया। BRICS Space Council के लिए Terms of Reference भी तैयार किए गए।
15. Gig Workers और रोजगार के लिए BRICS CONNECT
BRICS ने BRICS CONNECT को अपनाया, जिसका उद्देश्य बदलती डिजिटल और हरित अर्थव्यवस्था के अनुरूप कौशल व रोजगार क्षमता विकसित करना है। साथ ही प्लेटफॉर्म और गिग श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए BRICS New Delhi Declaration 2026 के महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| 2026 में BRICS की अध्यक्षता किस देश के पास है? | भारत |
| 2026 में कौन सा BRICS Summit आयोजित हुआ? | 18वां BRICS Summit |
| BRICS के तीन प्रमुख स्तंभ कौन से हैं? | राजनीतिक-सुरक्षा, आर्थिक-वित्तीय और सांस्कृतिक-जन संपर्क |
| BRICS ने किस भुगतान प्रणाली को बढ़ावा दिया? | स्थानीय मुद्राओं में सीमा-पार भुगतान |
| BRICS में डिजिटल पहल का नाम क्या है? | Digital Public Infrastructure Repository |
| मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क का समन्वयक केंद्र कौन है? | NIMHANS, Bengaluru |
| आतंकवाद के खिलाफ किस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समर्थन किया गया? | Comprehensive Convention on International Terrorism (CCIT) |
| भारत की Risk Lab पहल कहां प्रस्तावित है? | GIFT City IFSC, गुजरात |
भारत की अध्यक्षता में BRICS का फोकस एक ऐसे बहुपक्षीय मंच के रूप में सहयोग बढ़ाने पर दिखाई देता है, जहां विकासशील देशों की आवाज, आर्थिक सहयोग और वैश्विक संस्थाओं में सुधार को अधिक महत्व दिया जाए।








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