World AIDS Vaccine Day 2020: 18 मई को हर साल विश्व एड्स वैक्सीन दिवस मनाया जाता है, जिसे HIV वैक्सीन जागरूकता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. आपको बता दें कि आज के समय में भी AIDS एक लाइलाज बिमारी है, जिसकी Vaccine अभी तक नहीं खोजी जा सकी है. HIV वायरस के कारण सालों पहले एड्स शुरू हुआ. एड्स के टीकाकरण के उपायों और उसके बारे में जागरूकता के लिए यह दिवस मनाया जाता है, इसके माध्यम से उन वैज्ञानिकों को शुक्रिया कहा जाता है, जो सुरक्षित और प्रभावी टीका खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं.
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History Of World AIDS Vaccine Day – वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे का इतिहास
मॉर्गन स्टेट यूनिवर्सिटी में वर्ष 18 मई, 1997 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन द्वारा दिया गया भाषण को इस दिवस को मनाये जाने का आधार बनाया गया है. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बढ़ते हुए स्वरूप की तारीफ करते हुए अगले एक दशक के भीतर एड्स का टीका विकसित करने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि HIV को पूरी तरह ख़त्म एक प्रभावी टिका ही कर सकता है.
इस दिवस के माध्यम से हेल्थ प्रोफेशनल्स,वालंटियर, कम्युनिटी मेंबर्स और वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एड्स को समाप्त करने के लिए वैक्सीन बनाने के लिए उनके द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारें में बातचीत करने का दिन है. इस दिन के माध्यम से लोगों के जागरुक किया जाता है कि उचित उपचार द्वारा इसपर लगाम लगाईं जा सकती है और बढ़ने से रोका जा सकता है. इसके साथ ही यह HIV के बचे रहने के उपाय और संभावित इलाज के बारे में भी जागरुक करने का दिन है.
HIV / AIDS लक्षण और संकेत
- जोड़ो का दर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- लाल चकत्ते
- बुखार
- ठंड लगना
- गले में खराश
- रात के दौरान पसीना
- बढ़े ग्रंथियों
- वजन घटना
- थकान
- दुर्बलता
लेकिन, इस रोग के कई मामलों में प्रारंभिक लक्षण कई वर्षों तक दिखाई नहीं देते जिसके दौरान एचआईवी वायरस के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली नष्ट हो जाती है, जो लाइलाज है. संक्रमित व्यक्ति इस अवधि के दौरान किसी भी लक्षण को कभी महसूस नहीं करता है और स्वस्थ दिखाई देता है.
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लेकिन एचआईवी संक्रमण (वायरस इसके खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं) के आखिरी चरण में व्यक्ति एड्स की बीमारी से ग्रसित हो जाता है. आखिरी चरण में संक्रमित व्यक्ति को निम्नलिखित संकेत और लक्षण दिखाने शुरू हो जाते है:
- धुंधली दृष्टि
- स्थायी थकान
- बुखार (100F ऊपर)
- रात का पसीना
- दस्त (लगातार और जीर्ण)
- सूखी खाँसी
- जीभ और मुंह पर सफेद धब्बे
- ग्रंथियों में सूजन
- वजन घटना
- साँसों की कमी
- ग्रास नलीशोथ (कम घेघा अस्तर की सूजन)
- कपोसी सार्कोमा, गर्भाशय ग्रीवा, फेफड़ों, मलाशय, जिगर, सिर, गर्दन के कैंसर और प्रतिरक्षा प्रणाली (लिम्फोमा) का कैंसर।
- मेनिनजाइटिस, इन्सेफेलाइटिस और परिधीय न्यूरोपैथी
- टोक्सोप्लाज़मोसिज़ (मस्तिष्क का संक्रमण)
- यक्ष्मा
- निमोनिया



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