क्या आप भी बैंक परीक्षा की तैयारी कर रहे जबकि आपका बैकग्राउंड इससे बिल्कुल अलग है, तो आज का ये पोस्ट आपके लिए ही है, क्योंकि यहां हम आपको बताएंगे कि कैसे लॉ बैकग्राउंड से आने वाली अमीषा चौहान ने पहली ही कोशिश में IBPS PO परीक्षा पास कर रचा इतिहास
“क्या आर्ट्स या लॉ बैकग्राउंड से बैंक की परीक्षा पास की जा सकती है?”
यह सवाल लाखों अभ्यर्थियों के मन में होता है। लेकिन अमीषा चौहान की कहानी इस सोच को पूरी तरह बदल देती है। एक समय ज्यूडिशियल सर्विस की तैयारी कर रहीं अमीषा ने जब बैंकिंग की राह चुनी, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह पहली ही कोशिश में IBPS PO बन जाएंगी।
यह कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि डर, संदेह, संघर्ष और आत्मविश्वास से जीत हासिल करने की मिसाल है।
लॉ से बैंकिंग तक का सफर: आसान नहीं था फैसला
अमीषा चौहान का बैकग्राउंड लॉ (Law) का था। बैंकिंग उनके लिए कभी पहला विकल्प नहीं रही। ज्यूडिशियल स्टूडेंट होने के कारण उनकी तैयारी का रास्ता बिल्कुल अलग था।
लेकिन तैयारी के दौरान उन्हें यह एहसास हुआ कि वह एक ऐसा करियर चाहती हैं जो उन्हें स्थिरता (Stability) और ग्रोथ (Growth) दोनों दे सके। यहीं से बैंकिंग उनकी जिंदगी में आई।
IBPS PO की तैयारी: सब कुछ था नया
बैंकिंग की तैयारी शुरू करते ही सबसे बड़ा सवाल सामने था—
“क्या मैं कर पाऊंगी?”
- क्वांट के फॉर्मूले नए थे
- टाइम मैनेजमेंट समझ से बाहर
- मॉक टेस्ट में नंबर नहीं आ रहे थे
सबसे बड़ा दुश्मन था Self Doubt
“क्या मैं दूसरों से पीछे हूँ?”
“मेरे मॉक अच्छे क्यों नहीं जा रहे?”
लेकिन अमीषा ने तय कर लिया कि उनका बैकग्राउंड उनका भविष्य तय नहीं करेगा
सफलता का मंत्र: Perfection नहीं, Consistency
अमीषा ने एक ही मंत्र अपनाया—
- Consistency over Perfection
उन्होंने धीरे-धीरे अपनी गलतियों का विश्लेषण करना शुरू किया।
- हर सेक्शन पर अलग-अलग काम
- मॉक टेस्ट की गहराई से एनालिसिस
- एक फिक्स्ड डेली रूटीन
उनका मानना है कि तैयारी की असली रीढ़ अपनी गलतियों से सीखना है।
संघर्ष से आत्मविश्वास तक
इस पूरी यात्रा ने अमीषा को वो सिखाया जो कोई किताब नहीं सिखा सकती—
- धैर्य
- आत्मविश्वास
- मानसिक मजबूती
- खुद पर भरोसा
धीरे-धीरे डर कम हुआ और विश्वास बढ़ता गया।
पहली कोशिश में IBPS PO: सपना हुआ सच
आज जब अमीषा चौहान अपने नाम के आगे IBPS PO लिखती हैं, तो यह पल उनके लिए अविश्वसनीय और भावुक करने वाला है।
पहली ही कोशिश में इस कठिन परीक्षा को पास करना यह साबित करता है कि
सही दिशा + सही मेहनत = सफलता
Adda247 का योगदान: सही मार्गदर्शन बना ताकत
अमीषा अपनी सफलता का श्रेय Adda247 के फ्री मॉक टेस्ट और क्विज़ को भी देती हैं।
इनसे उन्हें
- लगातार अभ्यास
- एग्जाम जैसा माहौल
- आत्मविश्वास
मिला, जो उनकी तैयारी में बेहद मददगार साबित हुआ।
अभ्यर्थियों के लिए संदेश
अमीषा चौहान की कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सोचते हैं कि
“हम अलग स्ट्रीम से हैं, हम नहीं कर पाएंगे।”
आप कर सकते हैं। बस चाहिए निरंतर मेहनत और सही गाइडेंस
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