भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने Cash Credit (CC), Current Account (CA) और Overdraft (OD) खातों के रख-रखाव को लेकर अंतिम दिशानिर्देश (Final Guidelines) जारी कर दिए हैं। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे और बैंकों व उधारकर्ताओं—खासकर MSME सेक्टर—को काफी राहत देने वाले माने जा रहे हैं।
RBI के अनुसार, यह कदम क्रेडिट डिसिप्लिन, पारदर्शिता और फंड फ्लो की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन साथ ही नियमों को प्रिंसिपल-बेस्ड और सरल भी बनाया गया है।
RBI के नए दिशानिर्देशों की पृष्ठभूमि
RBI ने इससे पहले 1 अक्टूबर 2025 को इन नियमों का ड्राफ्ट जारी किया था और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे थे। ड्राफ्ट का मुख्य फोकस था:
- करंट और ओवरड्राफ्ट खातों के ज़रिये फंड डायवर्जन रोकना
- उधारकर्ताओं के कुल एक्सपोज़र की बेहतर मॉनिटरिंग
- बैंकिंग सिस्टम में अनुशासन लाना
सभी सुझावों की समीक्षा के बाद RBI ने अब फाइनल नियम जारी किए हैं, जिनमें कुछ अहम रिलैक्सेशन भी शामिल हैं।
किन रेगुलेटेड एंटिटीज़ पर लागू होंगे ये नियम?
RBI के ये दिशानिर्देश 7 प्रकार की रेगुलेटेड एंटिटीज़ पर लागू होंगे:
- कमर्शियल बैंक
- स्मॉल फाइनेंस बैंक
- पेमेंट्स बैंक
- लोकल एरिया बैंक
- रीजनल रूरल बैंक (RRB)
- अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक
- स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक
नियम कब से होंगे लागू?
- प्रभावी तिथि: 1 अप्रैल 2026
- बैंक चाहें तो इन नियमों को पूरी तरह पहले भी लागू कर सकते हैं
RBI Guidelines 2026: मुख्य बदलाव और राहत
1. Cash Credit (CC) Accounts पर बड़ी राहत
RBI ने कैश क्रेडिट खातों को सभी तरह की पाबंदियों से बाहर कर दिया है।
ऐसा क्यों?
- CC खाते वर्किंग कैपिटल फैसिलिटी होते हैं
- ये इन्वेंट्री और रिसीवेबल्स जैसे चालू परिसंपत्तियों से जुड़े होते हैं
- ये CA और OD की तरह फ्री-फ्लो अकाउंट नहीं होते
नया नियम
- बैंक ग्राहक की जरूरत के अनुसार बिना किसी सीमा के CC सुविधा दे सकते हैं
- उधारकर्ता के कुल एक्सपोज़र की कोई शर्त लागू नहीं
इससे खासतौर पर MSME और बिज़नेस सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी।
2. Current Account (CA) और Overdraft (OD) – एक्सपोज़र आधारित नियम
(A) यदि कुल बैंकिंग एक्सपोज़र ₹10 करोड़ से कम है
- CA/OD खोलने या चलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं
- कोई भी बैंक ग्राहक की आवश्यकता के अनुसार खाता दे सकता है
(B) यदि कुल बैंकिंग एक्सपोज़र ₹10 करोड़ या उससे अधिक है
ऐसे मामलों में CA/OD खाता वही बैंक रख सकता है जो:
- उधारकर्ता के कुल बैंकिंग एक्सपोज़र का कम से कम 10% हिस्सा रखता हो
या - कुल फंड-बेस्ड एक्सपोज़र का कम से कम 10% हिस्सा रखता हो
इससे यह सुनिश्चित होगा कि सिर्फ गंभीर रूप से जुड़े बैंक ही ट्रांजैक्शन फ्लो संभालें।
कलेक्शन अकाउंट नियम में कोई बदलाव नहीं
RBI ने मौजूदा नियम बरकरार रखा है:
- कलेक्शन अकाउंट में आया पैसा
- 2 कार्यदिवस के भीतर
- निर्धारित CA / CC / OD अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा
यह नियम पारदर्शिता और समयबद्ध फंड ट्रांसफर सुनिश्चित करता है।
ये नए नियम क्यों हैं अहम?
- क्रेडिट डिसिप्लिन को बढ़ावा
- फंड डायवर्जन पर रोक
- छोटे उधारकर्ताओं के लिए नियम आसान
- वर्किंग कैपिटल फाइनेंसिंग में सुविधा
- बैंकिंग सिस्टम की निगरानी मजबूत
परीक्षा की दृष्टि से क्यों जरूरी है यह खबर?
यह अपडेट खासतौर पर महत्वपूर्ण है:
- RBI Grade B
- Banking Awareness
- SSC / UPSC / State PCS
- Finance & Economy सेक्शन
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) – से जुड़े महत्वपूर्ण फैक्टर
- गवर्नर: संजय मल्होत्रा
- मुख्यालय: मुंबई
- स्थापना: 1 अप्रैल 1935
- भूमिका: मौद्रिक नीति, बैंक नियमन, वित्तीय स्थिरता


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