मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि सागर जिले के नौरादेही स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व को अगले मानसून से पहले चीता आवास (Cheetah Habitat) के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह मध्य प्रदेश का तीसरा चीता स्थल बन जाएगा।
अब तक प्रदेश में कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य में चीते बसाए जा चुके हैं। इस नई योजना के साथ मध्य प्रदेश एक बार फिर देश में ‘प्रोजेक्ट चीता’ का लीडिंग स्टेट बनकर उभरेगा।
भारत में चीता पुनर्वास की पृष्ठभूमि
भारत में एशियाई चीते 1950 के दशक में विलुप्त हो गए थे। इसके बाद दशकों की तैयारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से 2022 में प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत हुई।
अब तक की प्रगति
- पहला चीता हैबिटेट:
- कूनो नेशनल पार्क, श्योपुर (सितंबर 2022)
- वर्तमान में 28 चीते
- दूसरा चीता हैबिटेट:
- गांधी सागर अभयारण्य, मंदसौर (अप्रैल 2025)
- वर्तमान में 2 चीते
- तीसरा प्रस्तावित हैबिटेट:
- वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व, नौरादेही (सागर)
भारत आज दुनिया का एकमात्र देश है जिसने विलुप्त हो चुके चीते को दोबारा सफलतापूर्वक बसाया है।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व क्यों है खास?
- स्थान: नौरादेही, सागर जिला (मध्य प्रदेश)
- स्थिति: राज्य कैबिनेट से चीता आवास के रूप में मंजूरी
- क्षेत्रफल: बड़ा और सतत वन क्षेत्र
- खासियत: खुले घास के मैदान और शिकार प्रजातियों की उपलब्धता
विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्र चीते के लिए नेचुरल मूवमेंट और ब्रीडिंग के लिहाज से बेहद उपयुक्त है।
संरक्षण की दृष्टि से क्यों अहम है यह फैसला?
1. जैव विविधता को मजबूती
शीर्ष शिकारी (Apex Predator) के रूप में चीते की वापसी से पूरा इकोसिस्टम संतुलित होता है।
2. वन्यजीव प्रबंधन को बढ़ावा
अन्य प्रजातियों के संरक्षण और पुनर्वास में भी मदद मिलेगी।
3. ईको-टूरिज़्म को मिलेगा बढ़ावा
स्थानीय रोजगार, पर्यटन और जागरूकता में इजाफा होगा।
4. वैश्विक पहचान
भारत को बिग कैट कंजरवेशन लीडर के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान।
आगे की योजना: बोत्सवाना से आएंगे और चीते
प्रोजेक्ट चीता के अगले चरण में:
- जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे
- इन्हें मुख्य रूप से कूनो नेशनल पार्क में बसाया जाएगा
- अफ्रीकी देशों के साथ तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग जारी रहेगा
यह सहयोग स्वास्थ्य निगरानी, ब्रीडिंग और लॉन्ग-टर्म प्लानिंग में अहम भूमिका निभा रहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु
- नया चीता आवास: वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व
- स्थान: नौरादेही, सागर जिला, मध्य प्रदेश
- मौजूदा चीता स्थल: कूनो (28), गांधी सागर (2)
- अगला ट्रांसलोकेशन: बोत्सवाना से 8 चीते (जनवरी 2026)
- भारत: चीता पुनर्वास में विश्व का सफल देश
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व को चीता आवास बनाना न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए वन्यजीव संरक्षण का मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह कदम दिखाता है कि भारत अब केवल संरक्षण की बात नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर नेतृत्व भी कर रहा है।








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