CTET Normalization Process 2026: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 का एडमिट कार्ड जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा अब Normalization Process को लेकर हो रही है। क्योंकि CTET परीक्षा 7 और 8 फरवरी 2026 को दो शिफ्टों में ऑफलाइन मोड में आयोजित की गई है, ऐसे में अलग-अलग शिफ्ट के प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर को लेकर छात्रों के मन में स्वाभाविक रूप से कई सवाल उठ रहे हैं।
इसी कारण उम्मीदवार जानना चाहते हैं कि क्या CTET 2026 में नॉर्मलाइजेशन लागू होगा, CBSE का इस पर क्या आधिकारिक नियम है, और इसका कट-ऑफ पर कितना असर पड़ सकता है। इस पोस्ट में हम आपको CTET 2026 के नॉर्मलाइजेशन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदु, CTET vs NTA तुलना, संभावित प्रभाव और एक्सपर्ट एनालिसिस आसान भाषा में समझा रहे हैं।
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क्या CTET 2026 में नॉर्मलाइजेशन लागू होगा या नहीं?
इस आर्टिकल में हम आपको CTET Normalization 2026 से जुड़ी हर जरूरी जानकारी सरल भाषा में समझाएंगे, ताकि किसी भी तरह का कन्फ्यूजन न रहे।
CTET 2026 परीक्षा का फॉर्मेट (Quick Overview)
- परीक्षा तिथि: 7 व 8 फरवरी 2026
- पेपर: Paper-I और Paper-II
- मोड: ऑफलाइन (OMR आधारित)
- शिफ्ट: सुबह और दोपहर (दो शिफ्ट)
आयोजन संस्था: CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड)
Normalization Process क्या होता है?
Normalization एक सांख्यिकीय प्रक्रिया (Statistical Method) है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई परीक्षा एक से ज्यादा शिफ्टों में अलग-अलग प्रश्नपत्रों के साथ आयोजित होती है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि:
- किसी भी उम्मीदवार को आसान या कठिन शिफ्ट की वजह से नुकसान न हो
- सभी उम्मीदवारों के स्कोर में न्याय (Fairness) बना रहे
Normalization के तहत:
- कठिन शिफ्ट के छात्रों के अंक थोड़े एडजस्ट हो सकते हैं
- आसान शिफ्ट के छात्रों के अंकों में कोई खास बदलाव नहीं होता
CTET 2026 में Normalization को लेकर चर्चा क्यों?
CTET 2026 को लेकर नॉर्मलाइजेशन पर चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि:
- परीक्षा एक से ज्यादा शिफ्टों में हो रही है
- कई अन्य परीक्षाएं (जैसे NTA Exams) में नॉर्मलाइजेशन लागू होता है
- छात्र चाहते हैं कि सभी के साथ समान व्यवहार हो
- लेकिन CTET की प्रकृति अन्य परीक्षाओं से काफी अलग है।
CTET 2026 में Normalization क्यों जरूरी नहीं माना जाता?
CTET को लेकर कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:
- CTET एक Qualifying Exam है, न कि मेरिट-आधारित प्रतियोगी परीक्षा
- इसमें रैंक या मेरिट लिस्ट तैयार नहीं की जाती
- केवल न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक प्राप्त करना जरूरी होता है
- CBSE हर शिफ्ट के प्रश्नपत्रों का Difficulty Level लगभग समान रखता है
यही वजह है कि अब तक CTET में Normalization नियमित रूप से लागू नहीं किया गया है।
CTET Qualifying Marks (कट-ऑफ नियम)
| श्रेणी | न्यूनतम अंक |
|---|---|
| General | 60% |
| OBC / SC / ST / PwD | 55% |
CTET में चयन नहीं, बल्कि Eligibility Certificate दिया जाता है।
CTET vs NTA Normalization (तुलना)
| पैरामीटर | CTET | NTA Exams |
|---|---|---|
| परीक्षा का प्रकार | क्वालिफाइंग | प्रतियोगी |
| आयोजन संस्था | CBSE | NTA |
| मेरिट लिस्ट | नहीं | हां |
| स्कोर सिस्टम | Raw Marks | Percentile |
| Normalization | आमतौर पर नहीं | अनिवार्य |
| कट-ऑफ | फिक्स | Relative |
| परीक्षा मोड | ऑफलाइन | ऑनलाइन |
क्या CTET 2026 में Normalization लागू होगा?
अब तक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, CBSE या CTET बोर्ड ने CTET 2026 में Normalization लागू करने को लेकर कोई नोटिस जारी नहीं किया है।
जब तक Information Bulletin या Official Notification में साफ तौर पर इसका उल्लेख न हो, तब तक यह माना जाएगा कि:
- CTET 2026 का रिजल्ट Raw Marks के आधार पर ही तैयार होगा
छात्रों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
- Normalization पर ज्यादा निर्भर न रहें
- टार्गेट रखें 60%+ स्कोर
- सिलेबस और Previous Year Papers पर फोकस करें
- CTET एक Concept-Based Exam है, ट्रिक्स से ज्यादा समझ जरूरी है
CTET Normalization Process 2026 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। CTET का उद्देश्य योग्य शिक्षक तय करना है, न कि छात्रों की तुलना करना। जब तक CBSE कोई नया नोटिस जारी नहीं करता, तब तक Raw Marks ही फाइनल माने जाएंगे।
CTET 2026 की तैयारी में लगे रहें और अफवाहों से दूर रहें।





