बिहार सरकार ने एक और बड़ी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वे राज्य के सरकारी विद्यालयों में रिक्त पदों की गणना तुरंत करें और BPSC TRE 4.0 परीक्षा को जल्द से जल्द आयोजित किया जाए। यह भर्ती अभियान उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर है, जो बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।
TRE 4.0 में 1.2 लाख पदों पर भर्ती की तैयारी
BPSC TRE 4.0 भर्ती 2025 के तहत इस बार कुल 1.20 लाख पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की योजना है। खास बात यह है कि इस भर्ती में 35 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, और यह आरक्षण केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आधिकारिक X (Twitter) हैंडल से किए गए ट्वीट में कहा गया:
“हमने शिक्षा विभाग को कहा है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की गणना तुरंत कर ली जाए और इस पर नियुक्ति के लिए TRE 4 की परीक्षा शीघ्र लेने की कार्रवाई की जाए।”
इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को 35% आरक्षण देने की बात को फिर से दोहराया, जिससे महिला उम्मीदवारों को शिक्षक बनने का शानदार अवसर मिलेगा।

नोटिफिकेशन बीपीएससी जारी करेगा
एक बार रिक्तियों की गणना हो जाने के बाद, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि आवेदन प्रक्रिया अगस्त 2025 के अंतिम सप्ताह या सितंबर की शुरुआत में शुरू हो सकती है।
अब तक कितनी हो चुकी है शिक्षक भर्ती?
| चरण | कुल पद | नियुक्ति की स्थिति |
|---|---|---|
| TRE 1 | 1.70 लाख | पूरी नियुक्ति |
| TRE 2 | 70,000 | पूरी नियुक्ति |
| TRE 3 | 87,774 | 66,603 पर नियुक्ति, 20,000 खाली |
| TRE 4 (अपकमिंग) | 1.2 लाख (अनुमानित) | जल्द प्रक्रिया शुरू होगी |
TRE 3 के बचे हुए 20,000 पदों को भी TRE 4 में जोड़ा जाएगा, जिससे यह भर्ती और भी बड़ी हो जाएगी।
BPSC TRE 4.0 से जुड़ी संभावित महत्वपूर्ण तिथियां
| इवेंट | संभावित तारीख |
|---|---|
| रिक्ति गणना | जुलाई 2025 |
| नोटिफिकेशन जारी | अगस्त 2025 |
| आवेदन शुरू | अगस्त/सितंबर 2025 |
| परीक्षा तिथि | अक्टूबर-नवंबर 2025 (संभावित) |


MP राज्य सहकारी बैंक भर्ती 2026: 2076 कं...
फ्रेशर्स के लिए Federal Bank Office Assi...
RSSB Agriculture Supervisor Recruitment ...


