बिहार की राजनीति और विकास एजेंडे में एक बड़ा मोड़ उस वक्त आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध यात्रा के दौरान साफ शब्दों में ऐलान किया कि राज्य सरकार हर हाल में एक करोड़ नौकरी और रोजगार का लक्ष्य पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई चुनावी जुमला नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं और चरणबद्ध रणनीति के जरिए जमीन पर उतारी जाने वाली प्रतिबद्धता है।
उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को साथ लेकर चलने का रोडमैप तैयार किया गया है।
रोजगार के साथ स्वास्थ्य सेक्टर पर बड़ा दांव
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि बिहार में प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों की स्थापना को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे न केवल राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि हजारों युवाओं को डॉक्टर, नर्सिंग, टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल सेक्टर में रोजगार मिलेगा।
इसके साथ ही शिवहर सदर अस्पताल को अति-विशिष्ट अस्पताल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
जीविका दीदियों को बड़ी राहत, आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों के लिए भी बड़ा फैसला सुनाया। अब उन्हें दो-दो लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह बढ़ी हुई राशि महिलाओं को स्वरोजगार, लघु उद्योग और उद्यमिता की ओर मजबूती से आगे बढ़ाएगी।
सरकार का मानना है कि महिला सशक्तिकरण के बिना रोजगार का लक्ष्य अधूरा है, इसलिए जीविका समूहों को आर्थिक रीढ़ बनाने पर खास जोर दिया जा रहा है।
समृद्ध बिहार का चरणबद्ध रोडमैप: सात निश्चय-3 से नव निश्चय-3 तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में सात निश्चय-3 के तहत विकास की नींव रखी गई है। अब नव निश्चय-3 के जरिए बिहार के हर जिले, हर प्रखंड और हर पंचायत तक विकास और रोजगार पहुंचाने का लक्ष्य है।
सरकार का फोकस चार प्रमुख स्तंभों पर रहेगा—
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- बुनियादी ढांचा
- स्वरोजगार
हजारों करोड़ की विकास परियोजनाएं, रोजगार को मिलेगा सीधा फायदा
समृद्ध यात्रा के दौरान शिवहर और आसपास के इलाकों में कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया:
- ₹70 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन
- ₹1378.09 करोड़ की बागमती तटबंध परियोजना
- 144.51 किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण
- ₹346 करोड़ की लागत से 41 योजनाएं
- ₹59 करोड़ की लागत वाली 103 योजनाओं का शिलान्यास
इन परियोजनाओं से बाढ़ नियंत्रण, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूती और स्थानीय रोजगार तीनों को सीधा लाभ मिलेगा।
एक करोड़ नौकरी-रोजगार का संकल्प, निजी निवेश को बढ़ावा, जीविका दीदियों को आर्थिक संबल और हजारों करोड़ की विकास परियोजनाएं—ये सभी संकेत देते हैं कि बिहार सरकार अब रोजगार-केंद्रित विकास मॉडल की ओर निर्णायक कदम बढ़ा चुकी है। आने वाले वर्षों में इसका सीधा लाभ राज्य के युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलने की पूरी उम्मीद है।


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