सीमित संसाधन, बड़ी सफलता: ऋषि कुमार बने IBPS RRB PO
सरकारी नौकरी की तैयारी में कई छात्र संसाधनों की कमी को अपनी सबसे बड़ी समस्या मानते हैं। लेकिन ऋषि कुमार की कहानी साबित करती है कि सफलता परिस्थितियों से नहीं, दृढ़ संकल्प से मिलती है।
दृष्टिबाधित और मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले ऋषि कुमार ने IBPS RRB PO परीक्षा पास कर बैंक ऑफिसर बनने का सपना पूरा किया।
चुनौतियाँ थीं, लेकिन हौसला मजबूत था
ऋषि की तैयारी आसान नहीं थी।
- मोबाइल से पढ़ाई करनी पड़ती थी
- स्क्रीन साफ दिखाई नहीं देती थी
- हर सवाल पढ़ने के लिए बार-बार ज़ूम करना पड़ता था
- महंगी कोचिंग लेने की आर्थिक स्थिति नहीं थी
- फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी
मोबाइल स्क्रीन पर संघर्ष की असली कहानी
दृष्टिबाधित होने के कारण पढ़ाई उनके लिए सामान्य छात्रों जैसी नहीं थी।
- हर प्रश्न पढ़ने के लिए स्क्रीन बार-बार ज़ूम करनी पड़ती थी
- छोटे टेक्स्ट समझने में अधिक समय लगता था
- लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन देखना चुनौतीपूर्ण था
फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे, लगातार और धैर्य के साथ उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।
फ्री YouTube क्लासेस बनी सफलता की कुंजी
कोचिंग न होने के बावजूद ऋषि ने मुफ्त ऑनलाइन संसाधनों का सहारा लिया।
उनकी तैयारी रणनीति:
- YouTube क्लासेस से Concept clear किए
- वीडियो रिप्ले कर बार-बार रिवीजन
- Reasoning और Maths की नियमित प्रैक्टिस
- Self-study और अनुशासन पर फोकस
उन्होंने साबित किया कि सही दिशा मिल जाए तो फ्री संसाधन भी सफलता दिला सकते हैं।
छात्रों के लिए बड़ी सीख
- ऋषि कुमार की यात्रा हर प्रतियोगी छात्र के लिए प्रेरणा है।
- परिस्थितियाँ सफलता तय नहीं करतीं
- निरंतर मेहनत सबसे बड़ा हथियार है
- आर्थिक कमजोरी बाधा नहीं है
- हार न मानना ही असली जीत है
इसे भी पढ़ें:-
Judiciary से झटका, IBPS RRB Scale II लॉ ऑफिसर में सफलता: पढ़ें असफलता से सफलता की असली कहानी
अगर आप भी बैंक या सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं:
- बहाने नहीं, रणनीति बदलें
- रोज अभ्यास करें
- खुद पर विश्वास रखें
ऋषि कुमार की कहानी हमें सिखाती है —
सफलता संसाधनों से नहीं, हिम्मत और निरंतर प्रयास से मिलती है।
आज की मेहनत ही कल आपकी सफलता की कहानी लिख सकती है।
ऐसी ही और कहानियाँ पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें


एक असफलता, लेकिन हार नहीं – यूपी की आरती...
Judiciary से झटका, IBPS RRB Scale II लॉ ...
Self-Doubt से IBPS PO Officer तक: पहली ह...



