सफल होने के लिए खुद पर करों यकीं ...

सफल होने के लिए खुद पर करों यकीं ...



कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में क्या पता है और क्या नहीं यह उसके खुद के कार्यों और संघर्षों पर निर्भर करता है. आप क्या बनना चाहते है और क्या नहीं यह आपके फैसलों, मेहनत और कार्य पर निर्भर करता है. आप अपने भाग्य का निर्माण खुद ही करते हैं. जीवन में आपको क्या प्राप्त करना है और क्या नहीं वो आपकी सोच पर निर्भर करता है. आपकी सफलता या असफलता के उत्तरदाई आप स्वयं है, आप अगर किसी और को अपनी असफलता का कारण समझते हैं, इसका अर्थ यह है कि आप अपने दायित्व से पीछा छुड़ा रहे हैं, जिम्मेदारी लेने से भाग रहे हैं. 


जीवन में आपकी सफलता या असफलता में हो सकता है कि किसी का सहयोग या रूकावट हो पर असल में वह आप पर निर्भर करती है कि आप आने वाली बाधाओं का सामना कैसे करते हैं या मिलने वाली सुविधा का लाभ कैसे उठाते हैं. 


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उदहारण के लिए अगर आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू करते हैं और कोई कोचिंग join करते हैं, जिसमें उसी परीक्षा की तैयारी करने वाले हजारों लोग है. परीक्षा के  बाद कुछ लोग उस परीक्षा में सफल होने और कुछ असफल, अब अगर आप असफल होते हैं तो वह आपकी कमी हैं, क्योंकि उसी क्लास  या उसी स्टडी मटेरियल की मदद से सफलता प्राप्त करने वाले लोग भी हैं, अर्थात वह कोचिंग संस्थान बस आपकी मदद कर सकता है, पर सफलता या असफलता आप पर निर्भर करती है कि आप कितनी मेहनत करते हैं. अगर आप उसी परीक्षा में  सफलता प्राप्त करते हैं तब भी यह आपकी मेहनत के दम पर ही संभव होगा. 


बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले लोगों को उनके मार्ग से भटकाने के लिए बहुत से लोग ऐसे होते है जो उनके उत्साह को कम करने का प्रयत्न करते है, कुछ लोग तो आपसे दोस्ती करके आपको आपके लक्ष्य से दूर करने का प्रयास करते हैं. ऐसे में आपको अर्जुन की तरह सिर्फ अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए. अगर आप किसी की वजह से अपना समय बर्बाद करते हैं तो नुकसान सिर्फ आपका है और यह सिर्फ आप पर निर्भर करता है कि आप किसी को अपने सफलता के मार्ग में आने देते हैं, या नहीं. 


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किसी भी मुश्किल समय से निपटने के लिए मनुष्य का सबसे अच्छा मित्र  वह स्वयं होता है और वह ही खुद की मदद कर सकता है. इसी लिए अगर आप किसी लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते  हैं तो सिर्फ खुद पर भरोसा रखिये. आप स्वयं के सबसे अच्छे मित्र भी हैं और सबसे बड़े शत्रु भी. आप ही खुद को बना भी सकते हैं और बिगाड़ भी सकते हैं. आपके सही और गलत फैसलों के जिम्मेदार आप खुद हैं. आपकी सफलता या  असफलता के बाद कोई यह नहीं पूछता कि किसके सहयोग से आप सफल या किसकी वजह से असफल हुए. सिर्फ यह देखा जायेगा कि आप सफल हुए या नहीं.  



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