लक्ष्य बड़ा बनाओ और असफलता से घबराओ नहीं!


जीवन एक यात्रा है, जिसमें कहीं उबड़-खाबड़ पहाड़ियां है तो कहीं समतल मैदान, जिन्हें हम पार करते हुए आगे बढ़ते हैं। आगे बढ़ने के लिए हम एक लक्ष्य बनाते हैं, एक सपना देखते हैं, जिसे पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं। हमें हमेसा बड़े सपने बनाना चाहिए और अगर आप उस लक्ष्य के प्रति गंभीर है, तो वह आपकी रातों की नींद उड़ा देगा। महान वैज्ञानिक ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के कहा भी है -
सपने वो नहीं हैं जो सोने के बाद आते है, सपने वो हैं जो सोने नहीं देते हैं।   
पर याद रहे सफलता के मार्ग में असफलता भी कई बार देखने को मिलती है, जिसके लिए आप को अभी तैयार रहना चाहिए. कोई  भी सफलता बिना  समर्पण और बलिदान के नहीं मिलती, उसके लिए कड़ा संघर्ष आवश्यक है। आपके पास धैर्य होना बुरे वक़्त में बिना डगमगाए आप अपने मार्ग में आते बढ़ते रहें। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितनी बार असफल होते हैं, आपको अपने सपने को पूरा करने के लिए गिर कर फिर उठना होगा और फिर से चलना शुरू करना होगा। बिग ड्रीम आपके लक्ष्य और जुनून को दर्शाता है, आप क्या बनना चाहते हैं और असफलताएं सबसे अच्छे विशेषज्ञ हैं जो आपको अपने सपने की दिशा में उठाए गए हर कदम के महत्व का एहसास कराती हैं। यदि आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहें हैं, तो आपको एक ऐसे पद या विशेष संस्थान को अपना लक्ष्य बनाना चाहिए, जिससे आप निरंतर उसके बारे में सोच सकें और गतिशील रहें।

आपको बड़े सपने देखने से नहीं डरना चाहिए। आप जितना बड़ा सपना देखते हैं, उतना ही बेहतरीन मार्ग चुनते हैं। असफल होने और फिर से उठने की हिम्मत रखें। खुद को प्रेरित रखना चाहिए, ताकि आपको अपने सपनों को बीच में न छोड़ना पड़े। आज आपके पास जो मुश्किलें हैं  उनसे परेशान न हों बल्कि अपने भविष्य के  बारे में सोचें, जिसके लिए आप आज पीड़ा सह रहे हैं।

"Life Begins At The End Of Your Comfort"

कुछ भी आसानी से हासिल नहीं होता है। इसलिए, यदि आपके पास एक सपना है जो आपकी नींद से अधिक महत्वपूर्ण है, तो अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकालें। बस बैठे रहना और लक्ष्य हासिल करने के बारे में सोचना आपके उद्देश्य को पूरा नहीं करता है। उठो और अपने सपनों के लिए लड़ो। अपने सपनों के लिए अपने आराम छोड़ना पड़ेगा और एक योद्धा की तरह आने वाली बाधाओं से लड़ना होगा। आपको अर्जुन की तरह सिर्फ अपने लक्ष्य पर अपनी नज़रें गड़ा कर रखनी चाहिए और मौका मिलने पर अपने लक्ष्य अपनी मेहनत रुपी तीर से भेद देना चाहिए।

यह भी देखें: