अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस | #PressforProgress



महिलाओं को सशक्त करना ही केवल सही नहीं है बल्कि उनके भीतर की शक्ति को बाहर लाना, उन्हें पोषित  और परिणत करना भी आवश्यक है. आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है और Adda247 यह आशा करता है कि प्रत्येक व्यक्ति इस आंदोलन- #PressforProgress (प्रगति पर जोर) में हाथ से हाथ मिलाए. और यह शपथ लें कि आप सभी लैंगिक समानता, शिक्षा और न्याय को बढ़ावा देंगे. Adda247 यह घोषणा करता है कि प्रगति को बढ़ावा देने के इस एजेंडे का समर्थन करने के लिए, आज के संग्रह का 10% बालिका शिशु को शिक्षित करने के लिए दान किया जायेगा. 

अपना एक निबंध वर्ड फाइल में लिखें, विषय- #PressforProgress (अपना नाम) के साथ मेल में संलग्न करें और हमने संपर्क पते contact@bankersadda.com पर भेज दें. 

8 मार्च को कई देशों में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, और यह एक दिन होता है जब महिलाओं को बिना किसी जातीय, राष्ट्रीय, भाषाई, सांस्कृतिक, आर्थिक या राजनीतिक भेदभाव के उनकी उपलब्धियों को पहचाना जाता है. कई शक्तिशाली महिलाओं ने अपनी बुद्धि, शक्ति, जुनून और नेतृत्व गुणों के साथ इतिहास में रही महिलाओं की स्थिति आकार दिया है. उन्होंने यथास्थिति को चुनौती दी है, स्थायी सुधार किए हैं, और कई ने दशकों से अपने देशों में समृद्धि और सांस्कृतिक क्रांतियां भी शुरू की हैं. महिला की उपस्थिति  और भूमिका ऐतिहासिक है जिसमें कुछ इस प्रकार हैं: रामायण' में सीता, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, पाल्मीरेन साम्राज्य की रानी ज़ीनोबिया, आर्केथे जोन, मैरी क्यूरी, इंदिरा गांधी, मदर टेरेसा, मार्गरेट थैचर और यह ही नहीं इनके अलावा भी बहुत सी महिलाओं ने अपने नारीत्व पर गर्व किया है और अपने साहस से समाज में अपनी गरिमा स्थापित की है.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कोई देश, समूह या संगठन विशिष्ट नहीं है. यह दिन सभी समूहों के साथ सामूहिक रूप से सम्बंधित है. तो आइए हम सभी एक साथ, सभी लिंग समानता को दृढ़ बनाने हेतु समर्थन देते हैं. सामूहिक रूप से, सभी प्रगति की ओर जोर दें. और इस एजेंडा में योगदान देने के लिए Adda247 बालिका शिशु को  शिक्षित करने के लिए आज के संग्रह का 10% दान देगा. Adda247 परिवार का मानना है कि जब लड़कियों को शिक्षित किया जाता है, तो एक देश मजबूत और अधिक समृद्ध बन जाता है. एक बच्चा, एक शिक्षक, एक पुस्तक और एक पेन दुनिया में फर्क पैदा कर सकता है-मलाला यूसफजायी . शिक्षा एक बच्चे और राष्ट्र की प्रगति की पर जोर देने का एक मूल स्तम्भ है. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को सफल बनाने के लिए सामूहिक कार्रवाई और लिंग समानता को बनाए रखना साझा जिम्मेदारी है.

अपने दृष्टिकोण को Adda 247 की निबंध प्रतियोगिता में भाग लेकर व्यक्त करें, #प्रगति पर जोर पर एक 250 शब्दों में एक निबंध लिखें और contact@adda247.com पर हमें मेल करें. विजेता को उसके पसंद का प्राइम सब्सक्रिप्शन दिया जायेगा और विजेजा के निबंध को कम्पटीशन पॉवर पत्रिका में भी प्रकाशित किया जायेगा.