24/06/2017

विश्लेषणात्मक अध्ययन का महत्व


परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है और यह नियम वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओ में भी लागू हो रहा है और यह इस हद तक लागू हो रहा है कि छात्र अपने आप को उसके अनुसार परिवर्तित नहीं कर पा रहे है. आज प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर पहुँच चुकी है. यदि हम आज से कुछ समय पूर्व की बात करे तो परीक्षा मध्यम स्तर की देखी जाती थी परन्तु आज परीक्षा का स्तर कठिन से कष्टतम हो गया है. पहले परीक्षा में थोड़े मध्यम स्तर के प्रश्न पूछे जाते थे परन्तु अब आप देखते है कि परीक्षा में कठिन से कठिन प्रश्न पूछे जाते है या यदि हम यह कहे कि सूक्ष्म से भी अति सूक्ष्म जानकारी भी आजकल परीक्षा में पूछी जाती है.



अब इससे प्रश्न यह उठता है कि परीक्षा के दिन-प्रतिदिन कठिन होते जा रहे स्तर के साथ परीक्षा में किस प्रकार सफल हुआ जाए और किस प्रकार अपने आप को अपडेट रखा जाएँ.

यह प्रश्न आज हर छात्र के समक्ष पहाड़ सा खड़ा है और हर छात्र अपने आप से रोज पूछता है कि वह कैसे अपने आप को इस योग्य बनाये कि वह परीक्षा में अच्छे अंको से पास हो जाए.

हम भी आप सभी को इस समस्या से निपटने के लिए विभिन्न सुझाव देते है जैसे रोज क्विज कीजिये, प्रश्नपत्र हल कीजिये, टेस्ट सीरीज को अधिक से अधिक हल कीजिये, पर आज हम थोडा कांसेप्ट से हट कर बात करना चाहते है. यह सभी अभ्यास आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है इसमें कोई संदेह नहीं है. परन्तु जो सबसे अधिक आवश्यक है वह आपकी “इच्छा-शक्ति” है.

दूसरा सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है आपके द्वारा उपयोगी अध्ययन सामग्री का विश्लेषण करना, उसकी समीक्षा करना उसे बार-बार दोहराना. यह अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है. आज हम हर छात्र को सिर्फ अंधाधुंध पढ़ते हुए देखते है. आज का छात्र हर विषय के बारे में जानकारी रखता है परन्तु जब बात स्मरण-शक्ति की आती है तो वह बिलकुल शून्य महसूस करता है. वह तत्काल प्रश्नों के उत्तर नहीं दें पाता. यह समस्या आज के अधिकतर छात्रों के साथ देखी जाती है. इसका समाधान सिर्फ यह है कि आप विषय को विश्लेषणात्मक तरीके से पढ़े. इससे एक तो आपको विषय की सूक्ष्म से भी अति सूक्ष्म जानकारी का ज्ञान होगा दूसरा जब परीक्षा में आपके समक्ष उस विषय से सम्बंधित कोई प्रश्न आएगा तो आप उस प्रश्न का उत्तर देने में समर्थ होंगे. आप भूलेंगे नहीं और ना ही आप कंफ्यूज होंगें. इसलिए आप कोशिश कीजिये कि हर विषय का विश्लेषणात्मक अध्ययन करें.

आगामी समय में आप सभी छात्रों को विभिन्न परीक्षाओ का सामना करना है... और अभी आपके पास समय है कि आप अपनी परीक्षा की तैयारी अच्छे से कर पायें. हर विषय का अध्ययन समीक्षात्मक करें ताकि आप से कोई भी उत्तर गलत न हो. अपनी रणनीति का स्वयं ही निर्धारण करें. आपको यह हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि आपसे बेहतर आपको कोई नहीं जानता. आप अपनी योग्यता को भली प्रकार जानते है. बस आपको स्वयं पर ही ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है. यह समय आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यह आपको निर्धारित करना है कि आप इस समय का किस प्रकार उपयोग करेंगें. 
डॉ कलाम ने कहा है कि:-
शिखर पर पहुँचने के लिए सामर्थ्य चाहिए. फिर वो चाहे माउंट एवेरेस्ट का शिखर हो या आपका केरियर.




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