भारत अपनी जैव विविधता, झीलों, नदियों और Wetlands के लिए पूरी दुनिया में खास पहचान रखता है। हाल के वर्षों में “Ramsar Sites in India” Current Affairs और प्रतियोगी परीक्षाओं का सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक बन चुका है। SSC, Banking, Railway, UPSC और State Exams में अक्सर पूछा जाता है कि भारत में कुल कितने Ramsar Sites हैं और कौन-सा राज्य सबसे ज्यादा Wetlands के लिए प्रसिद्ध है।
दिलचस्प बात यह है कि भारत लगातार नए Wetlands को Ramsar List में शामिल कर रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और Biodiversity को बड़ा बढ़ावा मिल रहा है। यही वजह है कि “भारत में कितने Ramsar Sites हैं?” सवाल तेजी से वायरल हो रहा है। अगर आप भी इसकी पूरी Updated List और महत्वपूर्ण Facts जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
रामसर साइट्स क्या हैं?
रामसर साइट्स वे आर्द्रभूमियाँ (Wetlands) हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय महत्व की श्रेणी में रखा गया है। ये स्थल रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत घोषित किए जाते हैं, जो आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है।
रामसर कन्वेंशन क्या है?
रामसर कन्वेंशन की शुरुआत 1971 में ईरान के शहर रामसर में हुई थी, इसलिए इसे रामसर संधि कहा जाता है।
यह संधि 1975 में लागू हुई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य है – जल, भूमि और जैव विविधता की रक्षा के लिए आर्द्रभूमियों का संरक्षण और उनका सतत उपयोग (Wise Use) सुनिश्चित करना।
रामसर साइट बनने की शर्तें क्या हैं?
किसी आर्द्रभूमि को रामसर साइट घोषित करने के लिए उसमें निम्न में से कम से कम एक मापदंड पूरा होना चाहिए:
- किसी दुर्लभ या संकटग्रस्त जीव/पौधे प्रजाति का आवास होना।
- बड़ी संख्या में जलपक्षियों या मछलियों का समर्थन करना।
- कोई विशिष्ट या दुर्लभ आर्द्रभूमि प्रकार को दर्शाना।
- प्रवास, प्रजनन या जीवन चक्र के अन्य महत्वपूर्ण चरणों के दौरान प्रजातियों को सहारा देना।
भारत में कुल कितने Ramsar Sites हैं?
वर्तमान में भारत में कुल 99 Ramsar Sites हैं। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां Wetlands की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
भारत का कुल Ramsar Wetland Area लाखों हेक्टेयर में फैला हुआ है, जो पर्यावरण और जैव विविधता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत का सबसे बड़ा Ramsar Site कौन-सा है?
भारत का सबसे बड़ा Ramsar Site:
सुंदरबन वेटलैंड (West Bengal)
यह विश्व प्रसिद्ध मैंग्रोव फॉरेस्ट क्षेत्र है और Royal Bengal Tiger के लिए भी जाना जाता है।
भारत का सबसे छोटा Ramsar Site कौन-सा है?
रेणुका वेटलैंड (Himachal Pradesh)
यह भारत का सबसे छोटा Ramsar Site माना जाता है।
सबसे ज्यादा Ramsar Sites किस राज्य में हैं?
तमिलनाडु
तमिलनाडु भारत का वह राज्य है जहां सबसे ज्यादा 20 Ramsar Sites मौजूद हैं। यही वजह है कि यह राज्य Wetland Conservation के लिए काफी चर्चा में रहता है।
राज्यवार रामसर साइट्स की सूची (State-wise Ramsar Sites in India 2026):
| क्र.सं. | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | आर्द्रभूमि का नाम | क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) | घोषणा वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| 1 | आंध्र प्रदेश | कोल्लेरू झील | 90,100 | 2002 |
| 2 | असम | दीपोर बील | 4,000 | 2002 |
| 3 | बिहार | कबरताल आर्द्रभूमि | 2,620 | 2020 |
| 4 | बिहार | नागी पक्षी अभयारण्य | 205.817 | 2024 |
| 5 | बिहार | नकटी पक्षी अभयारण्य | 332.608 | 2024 |
| 6 | बिहार | गोकुल जलाशय | 448 | 2025 |
| 7 | बिहार | उदयपुर झील | 319 | 2025 |
| 8 | बिहार | गोगबिल झील | 86.63 | 2025 |
| 9 | छत्तीसगढ़ | कोपरा जलाशय | 210 | 2025 |
| 10 | गुजरात | नलसरोवर | 12,000 | 2012 |
| 11 | गुजरात | वधवाना आर्द्रभूमि | 630 | 2021 |
| 12 | गुजरात | थोल झील वन्यजीव अभयारण्य | 699 | 2021 |
| 13 | गुजरात | खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य | 512 | 2022 |
| 14 | गुजरात | छारी ढांड | 22,700 | 2026 |
| 15 | गोवा | नंदा झील | 42 | 2022 |
| 16 | हरियाणा | सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान | 143 | 2021 |
| 17 | हरियाणा | भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य | 412 | 2021 |
| 18 | हिमाचल प्रदेश | पोंग बांध झील | 15,662 | 2002 |
| 19 | हिमाचल प्रदेश | चंदरताल आर्द्रभूमि | 49 | 2006 |
| 20 | हिमाचल प्रदेश | रेणुका आर्द्रभूमि | 20 | 2006 |
| 21 | जम्मू और कश्मीर | वुलर झील | 18,900 | 1990 |
| 22 | जम्मू और कश्मीर | सुरिंसर-मानसर झीलें | 350 | 2006 |
| 23 | जम्मू और कश्मीर | होकेरा आर्द्रभूमि | 1,375 | 2006 |
| 24 | जम्मू और कश्मीर | हाइगम आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व | 802 | 2022 |
| 25 | जम्मू और कश्मीर | शालबुग आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व | 1,675 | 2022 |
| 26 | झारखंड | उधवा झील पक्षी अभयारण्य | 935.5 | 2025 |
| 27 | कर्नाटक | रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य | 518 | 2022 |
| 28 | कर्नाटक | अंकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व | 98.76 | 2024 |
| 29 | कर्नाटक | अघनाशिनी मुहाना | 4,801 | 2024 |
| 30 | कर्नाटक | मगाडी केरे संरक्षण अभ्यारण्य | 54.38 | 2024 |
| 31 | केरल | अष्टमुडी आर्द्रभूमि | 6,140 | 2002 |
| 32 | केरल | सस्थमकोट्टा झील | 373 | 2002 |
| 33 | केरल | वेम्बनाड कोल आर्द्रभूमि | 151,250 | 2002 |
| 34 | लद्दाख | त्सो कार आर्द्रभूमि परिसर | 9,577 | 2020 |
| 35 | लद्दाख | त्सोमोरिरी झील | 12,000 | 2002 |
| 36 | मध्य प्रदेश | भोज आर्द्रभूमि | 3,201 | 2002 |
| 37 | मध्य प्रदेश | सिरपुर आर्द्रभूमि | 161 | 2022 |
| 38 | मध्य प्रदेश | साख्य सागर | 248 | 2022 |
| 39 | मध्य प्रदेश | यशवंत सागर | 823 | 2022 |
| 40 | मध्य प्रदेश | तावा जलाशय | 20,050 | 2024 |
| 41 | महाराष्ट्र | नंदुर मधमेश्वर | 1,437 | 2020 |
| 42 | महाराष्ट्र | लोनार झील | 427 | 2020 |
| 43 | महाराष्ट्र | थाने क्रीक | 6,521 | 2022 |
| 44 | मणिपुर | लोकटक झील | 26,600 | 1990 |
| 45 | मिजोरम | पाला आर्द्रभूमि | 1,850 | 2022 |
| 46 | ओडिशा | चिलिका झील | 116,500 | 1982 |
| 47 | ओडिशा | भितरकनिका मैंग्रोव | 65,000 | 2002 |
| 48 | ओडिशा | सतकोसिया घाटी | 98,197 | 2022 |
| 49 | ओडिशा | तम्पारा झील | 300 | 2022 |
| 50 | ओडिशा | हीराकुड जलाशय | 65,400 | 2022 |
| 51 | ओडिशा | अंशुपा झील | 231 | 2022 |
| 52 | पंजाब | हरिके झील | 4,100 | 1990 |
| 53 | पंजाब | कंजली झील | 183 | 2002 |
| 54 | पंजाब | रोपड़ झील | 1,365 | 2002 |
| 55 | पंजाब | ब्यास संरक्षण आरक्षित | 6,429 | 2020 |
| 56 | पंजाब | केशोपुर-मियानी सामुदायिक रिजर्व | 344 | 2020 |
| 57 | पंजाब | नांगल वन्यजीव अभयारण्य | 116 | 2020 |
| 58 | राजस्थान | केओलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान | 2,873 | 1982 |
| 59 | राजस्थान | सांभर झील | 24,000 | 1990 |
| 60 | राजस्थान | मेनार आर्द्रभूमि परिसर | 463.413 | 2025 |
| 61 | राजस्थान | खिचन आर्द्रभूमि | 54.187 | 2025 |
| 62 | राजस्थान | सिलिसरह झील | 315.97 | 2025 |
| 63 | सिक्किम | खेचोपलरी आर्द्रभूमि | 172 | 2025 |
| 64 | तमिलनाडु | प्वाइंट कैलिमर वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य | 38,500 | 2002 |
| 65 | तमिलनाडु | कूनथंकुलम पक्षी अभयारण्य | 72 | 2022 |
| 66 | तमिलनाडु | चित्रांगुडी पक्षी अभयारण्य | 260 | 2022 |
| 67 | तमिलनाडु | करिकिली पक्षी अभयारण्य | 58 | 2022 |
| 68 | तमिलनाडु | पिचावरम मैंग्रोव | 1,479 | 2022 |
| 69 | तमिलनाडु | पल्लीकरनई मार्श रिजर्व वन | 1,248 | 2022 |
| 70 | तमिलनाडु | मन्नार की खाड़ी समुद्री जीवमंडल अभ्यारण्य | 52,672 | 2022 |
| 71 | तमिलनाडु | वेम्बन्नूर आर्द्रभूमि परिसर | 20 | 2022 |
| 72 | तमिलनाडु | वेलोड पक्षी अभयारण्य | 77 | 2022 |
| 73 | तमिलनाडु | उदयमार्थण्डपुरम पक्षी अभयारण्य | 44 | 2022 |
| 74 | तमिलनाडु | वेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य | 40 | 2022 |
| 75 | तमिलनाडु | सुचिंद्रम थेरूर आर्द्रभूमि परिसर | 94 | 2022 |
| 76 | तमिलनाडु | वडुवुर पक्षी अभयारण्य | 113 | 2022 |
| 77 | तमिलनाडु | कंजीरंकुलम पक्षी अभयारण्य | 97 | 2022 |
| 78 | तमिलनाडु | कारावेट्टी पक्षी अभयारण्य | 453.72 | 2024 |
| 79 | तमिलनाडु | लॉन्गवुड शोला आरक्षित वन | 116.007 | 2024 |
| 80 | तमिलनाडु | काझुवेली पक्षी अभयारण्य | 5,151.6 | 2024 |
| 81 | तमिलनाडु | नंजरायन पक्षी अभयारण्य | 125.865 | 2024 |
| 82 | तमिलनाडु | सक्काराकोट्टई पक्षी अभयारण्य | 230.495 | 2025 |
| 83 | तमिलनाडु | थेरथांगल पक्षी अभयारण्य | 29.295 | 2025 |
| 84 | त्रिपुरा | रुद्रसागर झील | 240 | 2006 |
| 85 | उत्तर प्रदेश | ऊपरी गंगा नदी | 26,590 | 2006 |
| 86 | उत्तर प्रदेश | नवाबगंज पक्षी अभयारण्य | 225 | 2020 |
| 87 | उत्तर प्रदेश | पार्वती अर्गा पक्षी अभयारण्य | 722 | 2020 |
| 88 | उत्तर प्रदेश | समन पक्षी अभयारण्य | 526 | 2020 |
| 89 | उत्तर प्रदेश | समसपुर पक्षी अभयारण्य | 799 | 2020 |
| 90 | उत्तर प्रदेश | सांडी पक्षी अभयारण्य | 309 | 2020 |
| 91 | उत्तर प्रदेश | सरसाई नवार झील | 161 | 2020 |
| 92 | उत्तर प्रदेश | सुर सरोवर | 431 | 2020 |
| 93 | उत्तर प्रदेश | हैदरपुर आर्द्रभूमि | 6,908 | 2021 |
| 94 | उत्तर प्रदेश | बखीरा वन्यजीव अभयारण्य | 2,894 | 2022 |
| 95 | उत्तर प्रदेश | पटना पक्षी अभयारण्य | 108.86 | 2026 |
| 96 | उत्तर प्रदेश | शेखा झील पक्षी अभयारण्य | 40 | 2026 |
| 97 | उत्तराखंड | आसन संरक्षण आरक्षित क्षेत्र | 444 | 2020 |
| 98 | पश्चिम बंगाल | पूर्वी कोलकाता आर्द्रभूमि | 12,500 | 2002 |
| 99 | पश्चिम बंगाल | सुंदरबन आर्द्रभूमि | 423,000 | 2019 |
| कुल क्षेत्रफल | 1,384,181.11 हेक्टेयर | |||
Ramsar Sites List – Download PDF
Ramsar Sites क्यों महत्वपूर्ण हैं?
1. पर्यावरण संरक्षण
- ये Wetlands पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
2. जैव विविधता की रक्षा
- यहां हजारों प्रकार के पक्षी, मछलियां और अन्य जीव पाए जाते हैं।
3. बाढ़ नियंत्रण
- Wetlands प्राकृतिक स्पंज की तरह काम करते हैं और बाढ़ के खतरे को कम करते हैं।
4. जल संरक्षण
- ये भूजल स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं।
भारत के प्रमुख रामसर स्थल (Ramsar Sites)
| Ramsar Site | राज्य |
|---|---|
| सुंदरबन वेटलैंड | पश्चिम बंगाल |
| चिल्का झील | ओडिशा |
| लोकटक झील | मणिपुर |
| केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | राजस्थान |
| वुलर झील | जम्मू-कश्मीर |
| भोज वेटलैंड | मध्य प्रदेश |
| अष्टमुडी वेटलैंड | केरल |








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