ICAR Full Form: ICAR का फुल फॉर्म क्या है?
ICAR का फुल फॉर्म – Indian Council of Agricultural Research (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) है। ICAR भारत में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को दिशा देने वाली शीर्ष संस्था मानी जाती है। हाल के वर्षों में ICAR से जुड़े नियम और मान्यता प्रणाली छात्रों के बीच तेज़ी से चर्चा का विषय बने हुए हैं, खासकर उन युवाओं के लिए जो कृषि क्षेत्र में करियर बनाने की योजना बना रहे हैं।
सोसाइटा रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत इसकी स्थापना 16 जुलाई, 1929 को इंपीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के नाम के साथ की गई थी। ICAR का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। ICAR के चार क्षेत्रीय कार्यालय क्रमशः नई दिल्ली, कोलकाता, मुम्बई तथा बैंगलोर में स्थित हैं।
ICAR के अंतर्गत कार्यरत National Agricultural Education Accreditation Board (NAEAB) देशभर के कृषि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन एवं प्रत्यायन करने वाली सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। NAEAB का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कृषि शिक्षा की गुणवत्ता एक तय मानक के अनुसार हो और छात्रों को मान्यता प्राप्त संस्थानों से ही विश्वसनीय डिग्री प्राप्त हो।
लेटेस्ट नियम (2019–20 से लागू) के अनुसार, यदि किसी छात्र ने ऐसे कॉलेज या विश्वविद्यालय से B.Sc Agriculture या M.Sc Agriculture की पढ़ाई की है, जो NAEAB से मान्यता प्राप्त नहीं है, तो वह छात्र ICAR के अंतर्गत आने वाले किसी भी सरकारी कृषि कॉलेज या विश्वविद्यालय से M.Sc या Ph.D में दाखिला नहीं ले सकता। यह नियम कृषि शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने, फर्जी संस्थानों पर रोक लगाने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
अगर आप कृषि शिक्षा या ICAR से जुड़ी उच्च पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, तो कॉलेज में एडमिशन से पहले NAEAB मान्यता की जांच करना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। यह जानकारी न केवल आपके करियर की दिशा तय करती है, बल्कि आगे की पढ़ाई और सरकारी अवसरों के दरवाज़े भी खोलती है।
क्या करता हैं ICAR
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद देश भर में स्थापित लगभग 75 कृषि विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर योजना तैयार करने, विकास करने, समन्वय तथा गुणवत्तापूर्ण उच्च कृषि शिक्षा सुनिश्चित करने का कार्य करती है। ICAR ने भारत में हरित क्रांति लाने और उसके बाद कृषि में निरन्तर विकास करने संबंधी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने देश में हरित क्रांति लाने और उसके बाद कृषि में निरन्तर विकास में अपने अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास से अग्रणी भूमिका निभाई है। जिससे वर्ष 1950-51से 2017-2018 खाद्यान्न का उत्पादन 5.6 गुणा, बागवानी फसलें 10.5 गुणा, मत्स्य उत्पादन 16.8 गुणा, दूध 10.4 गुणा और अंडा उत्पादन 10.4 गुणा बढ़ा है। राष्ट्रीय खाद्य और पोषण सुरक्षा पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव देखा जा सकता है। कृषि में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता बढ़ाने में परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास में यह अद्यतन क्षेत्रों में संलग्न है और इसके वैज्ञानिक अपने क्षेत्रों में अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हैं।
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