EMRS (एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय) भारत सरकार की एक प्रमुख शिक्षा योजना है, जिसका मकसद देश के आदिवासी (Tribal) छात्रों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह पहल खासतौर पर उन क्षेत्रों पर केंद्रित है, जहां शिक्षा के अवसर अब तक सीमित रहे हैं।
इन विद्यालयों की स्थापना जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) के तहत की जाती है और इन्हें केंद्र सरकार के 100% वित्तीय सहयोग से संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरदराज़ और आदिवासी इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी शहरी स्कूलों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, समान अवसर और एक सुरक्षित व उज्ज्वल भविष्य मिल सके।
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EMRS फॉर्म क्या है?
EMRS का फुल फॉर्म Eklavya Model Residential School होता है, जिसे हिंदी में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय कहा जाता है।
EMRS का उद्देश्य (Purpose of EMRS)
EMRS का मुख्य उद्देश्य है —
भारत के अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) से आने वाले छात्रों को CBSE स्तर की शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं, हॉस्टल और स्कॉलरशिप जैसी सुविधाएं प्रदान करना, ताकि वे देश की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें।
इन स्कूलों का मॉडल “Navodaya Vidyalaya” जैसा है, लेकिन ये विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों के लिए बनाए गए हैं।
Eklavya Model Residential School (EMRS) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य आदिवासी छात्रों को आधुनिक शिक्षा और बेहतर जीवन अवसर प्रदान करना है। यह न केवल शिक्षा का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समानता और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
EMRS की शुरुआत कब और कैसे हुई?
- शुरुआत: वर्ष 1997-98 में भारत सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी।
- प्रशासनिक नियंत्रण: यह योजना जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) के अंतर्गत आती है।
- पहला चरण: प्रारंभ में देश के चुनिंदा आदिवासी जिलों में कुछ विद्यालय खोले गए।
- वर्तमान स्थिति (2025 तक): अब तक देशभर में 600 से अधिक EMRS स्कूलों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से कई पूरी तरह संचालित हैं।
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EMRS में पढ़ाई और सुविधाएं
EMRS स्कूलों में छात्रों को कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा दी जाती है।
यहां शिक्षा CBSE सिलेबस के अनुसार होती है और सभी छात्रों को निम्नलिखित सुविधाएं मुफ्त में दी जाती हैं —
- निवास (Hostel सुविधा)
- भोजन और यूनिफॉर्म
- पुस्तकें और स्टेशनरी
- कंप्यूटर शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम
- खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां
EMRS शिक्षकों की भर्ती (EMRS Recruitment 2025)
इन विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर EMRS भर्ती परीक्षा आयोजित की जाती है।
Eklavya Model Residential School Recruitment 2025 के तहत TGT, PGT, Principal, Accountant, Lab Attendant जैसे पदों पर भर्ती की जाती है।
यह परीक्षा NESTS (National Education Society for Tribal Students) द्वारा आयोजित की जाती है।
EMRS का संचालन कौन करता है?
EMRS का संचालन और निगरानी National Education Society for Tribal Students (NESTS) द्वारा की जाती है, जो जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय (Autonomous Body) है।
NESTS का दायित्व है —
-
EMRS स्कूलों की स्थापना
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शिक्षकों की भर्ती
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शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना
-
छात्रों के प्रदर्शन की निगरानी करना
EMRS Full Form Summary Table
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| फुल फॉर्म (Full Form) | Eklavya Model Residential School |
| हिन्दी में अर्थ | एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय |
| स्थापना वर्ष | 1997-98 |
| संस्था | जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) |
| मुख्य उद्देश्य | आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना |
| कक्षाएं | 6 से 12 |
| निगरानी संस्था | NESTS (National Education Society for Tribal Students) |


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