जब खुद पर भरोसा कर सपने ने पाई जीत
IBPS PO Success Story 2025 इस समय Google Trends पर तेजी से सर्च की जा रही है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है दिवांशी की प्रेरणादायक कहानी। जहां ज्यादातर उम्मीदवार पहली कोशिश में असफलता के डर से खुद को पीछे खींच लेते हैं, वहीं दिवांशी ने Self-Doubt को ताकत में बदलते हुए पहली ही अटेम्प्ट में IBPS PO परीक्षा क्लियर कर ली। कम समय की तैयारी, जनरल कैटेगरी का दबाव और आसपास से मिल रही नेगेटिव बातें—इन सबके बावजूद उनका चयन यह साबित करता है कि सही माइंडसेट हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं।
पहली कोशिश, लेकिन इरादा बिल्कुल क्लियर
दिवांशी ने अपनी तैयारी अप्रैल–मई के आसपास शुरू की, जब ज्यादातर लोग मान चुके थे कि इतनी कम तैयारी में सरकारी बैंक परीक्षा निकालना लगभग असंभव है। कई लोगों ने साफ कहा कि “पहली कोशिश में IBPS PO क्लियर होना मुश्किल है”, लेकिन दिवांशी ने दूसरों की सोच को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने तय कर लिया था कि वह लोगों की राय नहीं, अपनी मेहनत पर भरोसा करेंगी।
Doubts आए, लेकिन Determination और Strong निकला
IBPS PO जैसी परीक्षा की तैयारी के दौरान आत्म-संदेह आना आम बात है, और दिवांशी भी इससे अछूती नहीं थीं।
- लोगों की नकारात्मक बातें बार-बार सुनने को मिलीं
- कभी-कभी खुद पर भी शक हुआ
- लेकिन उन्होंने Doubt को Motivation में बदला
- उन्होंने समझ लिया कि Consistency, Long Preparation से ज्यादा Powerful होती है
यही सोच उन्हें हर दिन आगे बढ़ाती रही।
देर से शुरुआत, लेकिन Smart Preparation
कम समय होने के बावजूद दिवांशी ने Panic नहीं किया, बल्कि Smart Study Strategy अपनाई।
- Concepts को गहराई से समझा
- Quality Practice पर फोकस रखा
- Regular Mock Tests दिए
- Weak Areas को समय रहते सुधार लिया
उनका मानना था कि “घंटों पढ़ने से ज्यादा जरूरी है सही तरीके से पढ़ना”।
सही Guidance ने आसान बनाया सफर
दिवांशी अपनी सफलता का बड़ा श्रेय Adda247 के Mentors और Structured Guidance को देती हैं।
- कठिन टॉपिक्स आसान भाषा में समझ आए
- क्या पढ़ना है और क्या नहीं—यह क्लियर रहा
- Motivation Sessions ने आत्मविश्वास बनाए रखा
- Practice Material ने Exam-Ready रखा
सही मार्गदर्शन ने उनकी तैयारी को सही दिशा दी।
जब Result आया, तो यकीन करना मुश्किल था
जब रिजल्ट आया और पहली ही कोशिश में उनका चयन हुआ, तो दिवांशी को खुद भी यकीन नहीं हुआ।
- Self-Doubt की जगह Confidence ने ले ली
- हर दिन की मेहनत रंग लाई
- जो सपना दूर लगता था, वह हकीकत बन गया
उनकी यह सफलता लाखों बैंक अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की किरण बन गई।
Divanshi की Success Story से क्या सीखें?
- दूसरों की राय से अपनी क्षमता तय न करें
- देर से शुरू करना असफलता की गारंटी नहीं है
- Consistency सबसे बड़ा हथियार है
- सही Guidance आपकी तैयारी को तेज कर सकती है
- Confidence Action लेने से आता है, इंतजार करने से नहीं
Divanshi की IBPS PO First Attempt Success Story यह साबित करती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादा मजबूत है तो सफलता जरूर मिलेगी। अगर आप भी बैंक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और खुद पर शक कर रहे हैं—तो याद रखिए, आपकी कहानी भी अगली प्रेरणा बन सकती है!


Success Stories: यहाँ पढ़ें IBPS PO, Cler...
Success Stories of IBPS RRB 2022-23 : जा...



