केन्द्रीय बजट 2021-22: यहां देखें बजट में लॉन्च की नई योजनाओं की पूरी जानकारी

केन्द्रीय बजट 2021-22: यहां देखें बजट में लॉन्च की नई योजनाओं की पूरी जानकारी

Schemes Announced in Union Budget 2021: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2021 को संसद में 01 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए कई नई योजनाओं के साथ तीसरी बार केंद्रीय बजट 2021-22 पेश किया। केंद्रीय बजट, एक वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट है, जिसमें सरकार द्वारा सतत विकास और विकास के लिए अपनाई जाने वाली भविष्य की नीतियों को रेखांकित करने के लिए आय और व्यय का आकलन पेश किया जाता है। यह बजट अपनी तरह का पहला पेपरलेस बजट होने के साथ ही इस नए दशक का पहला बजट भी है।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई नई योजनाओं और पहलों की घोषणा के बाद अपना बजट भाषण दोपहर 12.50 बजे पर समाप्त किया। बजट में ये नई योजनाएँ नए भारत और आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने का एक अहम कदम है। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी 2020 में लोकसभा में 162 मिनट - दो घंटे और 42 मिनट का बजट भाषण देकर सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि सीतारमण अपना गला खराब होने के कारण बजट के आखिरी दो पृष्ठ फिर भी पढ़ नहीं सकीं थी.


वर्ष 2021-2022 का 6 प्रमुख बिन्दुओं पर आधारित है.

  1. स्‍वास्‍थ्‍य और कल्‍याण
  2. वास्‍तविक और वित्‍तीय पूंजी, और बुनियादी ढांचा
  3. आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास
  4. मानव पूंजी में नवजीवन का संचार
  5. नवोन्‍मेष और अनुसंधान और विकास
  6. न्‍यूनतम सरकार और अधिकतम शासन


बजट 2021 में घोषणा की गई नई योजनाएं है:

  • प्रमुख भारतीय भाषाओं में शासन और नीति से संबंधित जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (National Language Translation Mission) की स्थापना की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय भाषाओं और अनुवाद को बढ़ावा मिलेगा। यह अभूतपूर्व रूप से इंटरनेट सेवाओं के उपयोग को बढ़ाने और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। 
  • बजट में एक नई केन्‍द्र प्रायोगिक योजना प्रधानमंत्री आत्‍मनिर्भर स्‍वस्‍थ भारत योजना शुरू करने की घोषणा की गई है- जिसके लिए 6 वर्ष में 64,180 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक स्‍वास्‍थ्‍य प्रणालियों की क्षमता विकसित होगी, मौजूदा राष्‍ट्रीय संस्‍थान मजबूत होंगे, और नये संस्‍थानों का सृजन होगा, जिससे नई और उभरती बीमारियों की पहचान एवं इलाज करने में आसानी होगी। इसे राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन से अलग शुरू किया जाएगा।
  • वर्ष 2021 से 2026 की 5 वर्षों की अवधि में 1,41,678 करोड़ के कुल वित्तीय आवंटन के साथ शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 क्रियान्वित किया जाएगा।
  • आगे होने वाली जनगणना भारत के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस ऐतहासिक और अभूतपूर्व कार्य के लिए, वर्ष 2021-2022 के लिए 3,768 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
  • एक पोर्टल लॉन्च किया जाएगा जो गिग, भवन, और निर्माण श्रमिकों पर प्रासंगिक जानकारी एकत्र करेगा। यह प्रवासी श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, आवास, कौशल, बीमा, क्रेडिट और खाद्य योजनाओं को तैयार करने में मदद करेगा।
  • गैर-सरकारी संगठनों/निजी स्कूलों/राज्यों के साथ साझेदारी में 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे।
  • लद्दाख में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए, लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
  • सरकार की योजना भारतीय जीवन बीमा निगम की अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बेचने की है। सार्वजनिक प्रस्ताव को सुविधाजनक बनाने के लिए मौजूदा अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।
  • कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धी बनाने, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई स्‍कीम के अलावा ‘मेगा इन्‍वेस्‍टमेंट टेक्‍सटाइल पार्क्‍स (मित्र)’ नामक योजना शुरू की जाएगी। इससे ‘लगाओ और चलाओ’ सुविधाओं से युक्‍त विश्‍वस्‍तरीय अवसंरचना का निर्माण होगा, जिससे निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक दिग्‍गज अस्तित्‍व में आएंगे। तीन वर्षों में 7 वस्‍त्र पार्क स्‍थापित किए जाएंगे।
  • सरकार ने एल्कोहलिक पेय पदार्थों पर 100% एग्री इंफ्रा सेस का प्रस्ताव रखा है।
  • वित्त मंत्री ने असम और पश्चिम बंगाल में चाय श्रमिकों विशेषकर महिलाओं और उनके बच्चों के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रुपये प्रदान करने का प्रस्ताव दिया, जिसके लिए एक विशेष योजना तैयार की जाएगी।
  • आजादी के 75 वें वर्ष में, बजट में उन वरिष्ठ नागरिकों पर अनुपालन बोझ को कम किया गया है जो 75 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिनके पास केवल पेंशन और ब्याज आय है, उन्हें अपने आयकर रिटर्न दाखिल करने से छूट दी जाएगी। भुगतान बैंक उनकी आय पर आवश्यक कर की कटौती करेगा।
  • भारत सरकार 15 स्वास्थ्य आपातकालीन केंद्र स्थापित करेगी।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी की घोषणा की है। वाहन फिटनेस परीक्षण से गुजरते हैं - जो यात्री वाहनों के लिए 20 वर्ष और वाणिज्यिक वाहनों के लिए 15 वर्ष है।
  • राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन परियोजना का विस्‍तार कर दिया गया है और अब इसमें 7400 परियोजनाएं शामिल हैं। कुछ महत्‍वपूर्ण अवसंरचना मंत्रालयों के अधीन 1.10 लाख करोड़ रुपये की लागत की लगभग 217 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। सरकार नई इन्फोटेक परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन शुरू करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये प्रदान करने वाले डीएफआई की स्थापना के लिए एक विधेयक भी पेश करेगी।
  • सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए तमिलनाडु मे 1.03 लाख करोड़ रुपये, केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए 65,000 करोड़; पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए 25,000 करोड़ रु आवंटित करेगी।
  • बीमा क्षेत्र में FDI को अब 49% से बढ़ाकर 74% करने का प्रस्ताव है।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू और कश्मीर के लिए एक नई गैस पाइपलाइन परियोजना की घोषणा की है।
  • सरकार ने प्राकृतिक गैस परिवहन क्षमता के निष्पक्ष आवंटन के लिए बुकिंग और समन्वय के लिए एक विशेष योजना स्वतंत्र गैस परिवहन प्रणाली ऑपरेटर की घोषणा की है। 
  • 1 अप्रैल, 2021 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए एफएम ने विनिवेश रसीदें 1.75 लाख करोड़ रुपये रखीं गई है। दो पीएसबी और एक सामान्य बीमा कंपनी को विभाजित किया जाना है, इस संबंध में इस सत्र में संशोधन किए जाने वाले बिल लाए जाएंगे।
  • 15,000 से अधिक विद्यालयों में गुणवत्ता की दृष्टि से सुधार किया जाएगा ताकि वहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी घटकों का अऩुपालन हो सके।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भुगतान के डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की प्रस्तावित योजना के लिए 15,00 करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा की
  • पुर्तगाली शासन से मुक्ति की 60 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गोवा राज्य को 300 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की।
  • 1,000 और मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय बाजार के साथ जोड़ा जाएगा।
  • कृषि और संबद्ध उत्पादों और उनके निर्यात में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के लिए, 'ऑपरेशन ग्रीन स्कीम' का दायरा बढ़ाया जाएगा जो वर्तमान में टमाटर, प्याज और आलू पर लागू है, इसमें 22 और खराब होने वाली वस्तुओं को कवर किया जाएगा।
  • उद्यमी क्षमता वाले NRI व्यक्तियों अब बिना भुगतान वाली पूंजी और टर्नओवर प्रतिबंधों के एक व्यक्ति कंपनी (One Person Companies) स्थापित कर सकेंगे, जिसके रजिस्ट्रेशन की समयावधि 182 दिनों से घटाकर 120 दिन तक कम की गई है। इससे पहले केवल भारतीय नागरिकों को ही OPCs स्थापित करने की अनुमति थी।
  • NRI को भारतीयों को दोहरे कराधान से बख्शा जाएगा। नए नियम अधिसूचित किए जाएंगे। टैक्स ऑडिट की सीमा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है।
  • राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवायफरी आयोग विधेयक नर्सिंग व्यवसाय में पारदर्शिता और प्राशसनिक सुधार के लिए प्रस्तुत किया गया
  • FM ने कहा कि किसानों को लाभान्वित करने के लिए, हम कपास पर सीमा शुल्क शून्य से 10% और कच्चे रेशम और रेशम यार्न पर 10% से बढ़कर 15% कर दिया है साथ ही हम भी विकृत इथाइल अल्कोहल पर आधारित उपयोग की रियायत को वापस ले रहे हैं। वर्तमान में मक्का चोकर, राइस ब्रान ऑयल केक, और पशु चारा एडिटिव्स जैसी वस्तुओं पर दरों को समान रूप से 15% तक कैलिब्रेट किया जा रहा है।
  • सोलर सैल और सोलर पैनलों के लिए चरणबद्ध तरीके से विनिर्माण योजना को अधिसूचित किया जाएगा. घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए, सोलर इनवर्टनरों पर शुल्क को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने और सोलर लालटेन पर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाएगा.
  • इस बजट में वित्त मंत्री ने आयकर स्लैब दरों में किसी भी बदलाव की घोषणा नहीं कर करदाताओं को चौंका दिया। हालाँकि 75 से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आईटीआर दाखिल करने में राहत दी है।
  • बजट में एग्री इन्फ्रा सेस काबुली चना पर 30%, मटर पर 10%, बंगाल चना/मटर पर 50%, मसूर (मोसूर) पर 20%; कपास पर 5% लागू किया गया 
  • एग्री इन्फ्रा सेस सोने पर 2.5% , चांदी और डोर बार पर लगाया गया; सेब पर 35%; निर्दिष्ट उर्वरक पर 5%; कोयला, लिग्नाइट और पीट पर 1.5%
  • एल्कोहलिक पेय पदार्थों पर एग्री इंफ्रा सेस 100 पीसी
  • कच्चे पाम तेल पर एग्री इन्फ्रा सेस 17.5%, क्रूड सोयाबीन, सूरजमुखी तेल पर 20%,  लगाया गया।
  • सरकार ने पेट्रोल पर 2.5 रुपये / लीटर, डीजल पर 4 रुपये का कृषि सेस प्रस्तावित किया है।
  • स्टार्टअप के लिए टैक्स हॉलिडे 1 वर्ष तक विस्तारित किया गया; 1 साल में शुरू किए गए स्टार्टअप में निवेश पर पूंजीगत लाभ पर छूट
  • 1 लाख तक विस्तारित किफायती आवास के लिए ब्याज के भुगतान पर 1.5 लाख रुपये की कटौती।
  • वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए 32 शहरी केंद्रों के लिए 2,217 करोड़ का रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव।
  • हरित ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन पैदा करने के लिए 2021-22 में एक व्यापक राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन शुरू किया जाएगा।