IBPS PO परीक्षा के लिए कैसे तैयार करें टाइम-टेबल

IBPS PO परीक्षा के लिए कैसे तैयार करें टाइम-टेबल



IBPS PO परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे बनायें योजना
IBPS ने आईबीपीएस पीओ 2019 परीक्षा की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। जिसके लिए अभ्यर्थियों  ने तैयारी शुरू कर दी होगी। लेकिन किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए, महज तैयारी काफी नहीं होती। क्योंकि उसमें बैठने वाले हजारों लोग भी अपने अनुसार तैयारी कर रहें है। ऐसी परीक्षाओं में, ऐसे उम्मीदवार सफल होते है, जो एक योजनाबद्ध तरीके से सफलता का प्रयास करते है। ऐसे लोग आने वाली परीक्षाओं के लिए पहले से योजना बनाते है और लक्ष्य की तरफ जाने वाली सीढ़ी के प्रत्येक पायदान पर अपने पैर संभाल कर रखते है। इसलिए अभी सबसे पहले  आईबीपीएस पीओ परीक्षा  के लिए एक रणनीति तैयारी करिए। इस सम्बन्ध में मदद करने के लिए हमने यह लेख लिखा है। जिसमे हम आपको एक व्यवस्थित टाइम टेबल बतेयेंगे, उसे अपना कर आप भी अपने सपनों को साकार कर सकते है। इसलिए इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें। जैसा की आप सभी को पता है कि किसी भी परीक्षा की तैयारी करने के लिए, पाठ्यक्रम को समझना बहुत आवश्यक है। इसलिए सबसे IBPS PO परीक्षा पाठ्यक्रम और पैटर्न  को ध्यान से पढ़ें, साथ ही  IBPS PO 2018 के प्रश्नपत्र देखें। गत वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करने से आप, अपना आकलन कर सकेंगे और समझ पाएंगें कि कौन सा विषय,आपका कमजोर है। उसके अनुरूप आप अपने तैयारी की योजना बना सकते है कि किन विषयों में आपको अधिक समय देना है, साथ ही यह भी समझ सकेंगे कि जिन विषयों में आपकी पकड़ है उनमें अच्छे अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
प्रत्येक उम्मीदवार की बुद्धि और क्षमता अलग-अलग होती है, इसलिए उम्मीदवारों को टाइम टेबल, अपनी क्षमता के अनुरूप अलग-अलग ही बनाना चाहिए। जिसमें उन्हें अपने कमजोर विषय को अधिक समय देना चाहिए। किसी और के अनुसार नहीं बल्कि अपने अनुसार व्यक्तिगत तौर पर आपको रणनीति बनानी चाहिए। जिन उम्मीदवारों को टाइम टेबल बनाने में समस्या हो रही है, उनके लिए हम एक टाइम टेबल नीचे दे रहे है, जिसे देख कर आप भी खुद का टाइम टेबल बना सकते है या उसके अनुरूप अपनी तैयारी शुरू कर सकते है-

IBPS PO प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल:

विषय
 प्रति दिन  दिए गये घंटे
क्या पढ़ें
English Language
1.5-2 घंटे
Topics like RC, Fillers, Error Detection, etc
संख्यात्मक अभियोग्यता
2-3 घंटे
आकड़ों का विश्लेषण,प्रतिशत, लाभ और हानि, चाल-दूरी और समय आदि
तार्किक योग्यता
2 घंटे
पज़ल और बैठक व्यवस्था, असमानता,  सिलोजिज्म आदि  
रीविजन  
1.5 घंटे

 मॉक टेस्ट दे/ आपने जो पढ़ा है, उसे जरूर दोहराएँ

आपकी क्षमता के अनुसार, आप किसी विषय के लिए समय घटा सकते है और किसी विषय के लिए बढ़ा सकते है।  अगर आपकी संख्यात्मक अभियोग्यता में पकड़ अच्छी है, तो आप उसके समय को घटा कर 1-2 घंटे कर सकते है, उस बचे हुए समय को किसी कमजोर विषय के लिए उपयोग में ला सकते है। ध्यान रहे आप को तार्किक योग्यता और संख्यात्मा अभियोग्यता का अभ्यास बार-बार करना चाहिए, जिससे आप अपनी कैलकुलेशन की रफ़्तार बड़ा सकें। इस परीक्षा के सभी विषयों की न्यूनतम कट ऑफ अलग-अलग भी जारी की जाती है, जिसे उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, इसलिए आप किसी भी विषय को छोड़े नहीं, क्योंकि अगर आप एक विषय में सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करते है और दूसरे में अनुत्तीर्ण हो जाते है, तब भी आप चयन सूचि से बाहर हो जायेंगे।

हो सकता है कि कोई एक विषय आपका बहुत मजबूत हो और आप सोचें की उसे पढने की जरूरत नहीं, पर ऐसा करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि अभ्यास बहुत जरूरी है। परीक्षा का पैटर्न ऐसा है कि किसी भी प्रश्न के बारे में ज्यादा सोचने का समय नहीं होता है। ऐसे में आप प्रश्नपत्र तभी हल कर पाएंगे, जब आप उसका अभ्यास प्रतिदिन कर रहे होंगे।
आपकी तैयारी को बेहतर बनाने और अभ्यास के लिए बैंकर्स अड्डा  पर  IBPS PO स्टडी प्लान  को फॉलो करें। इसके साथ ही यहाँ आप IBPS PO 2019 परीक्षा की नई बुक्स भी देख सकते हैं। बहुत से आवेदक टाइम टेबल तो बना लेते है, पर उसे फॉलो नहीं करते हैं। निर्धारित समय प्रत्येक विषय को नहीं दे पातें है। टाइम टेबल फॉलो करने में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

IBPS PO प्रीलिम्स परीक्षा टाइम टेबल फॉलो करने में समस्या - 
  •        कई बार आप किसी एक निर्धारित समय में, तय किया हुआ विषय पूरा नहीं कर पाते है और समय आधिक लग जाने से अन्य विषयों के लिए समय कम हो जाता है। इसलिए कोशिश करें कि जो समय अपने, एक विषय के लिए तय किया है, उतने समय में ही वह विषय समाप्त हो।

  •       कुछ उम्मीदवारों का कोई एक विषय बहुत कमजोर होने से, उसे विषय के बेसिक कॉन्सेप्ट्स क्लियर करने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है, ऐसे में टाइम टेबल के अनुसार चल पाना कठिन होता है।
  •       कई उम्मीदवारों का आलसी स्वभाव, टाइम टेबल को फॉलो करने में रूकावट पैदा करता है।
  •      आज कल लोगों को सोशल मीडिया की इतनी आदत है कि वह उससे दूर नहीं रह पाते और पढाई में देरी करते है, जिससे टाइम टेबल को फॉलो करने में मुश्किल होती है।
  •      कुछ उम्मीदवार जिस विषय में कमजोर होते है, उससे दूर भागते रहते है और जिसमे मजबूत होते है उसी को पढ़ते रहते है। ऐसे में कमजोर विषय से उन्हें डर लगने लगता है और वो उससे दूर भागते है। ऐसे में टाइम टेबल फॉलो करना मुश्किल है।
  •      शुरू में जब कोई अभ्यर्थी पढाई शुरू करता है तो वह उत्साहित होता है लेकिन समय के साथ जब अनेक समस्याओं का सामना करता है, तो हतोत्साहित हो जाता है और पढाई से दूर हो जाता है। इसलिए अपने उत्साह को बनाये रखना बहुत जरूरी है।

IBPS PO 2019 के लिए स्टडी प्लान  के लिए टाइम टेबल तैयार होने के बाद, अपने आप को उसके अनुसार आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। यदि आप किसी लक्ष्य का सपना देखते हैं, तो आपको उसे हासिल करने का साहस करना चाहिए। अपने लक्ष्यों के प्रति प्रेरित और एकाग्रित रहना बहुत ज़रूरी है ताकि आप मंजिल तक पहुँच सकें। आपकी यात्रा कठिन हो सकती है, लेकिन यदि आप आईबीपीएस पीओ परीक्षा में भाग लेते हैं, तो रिजल्ट आपके अनुकूल होंगे । दृढसंकल्प करने और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करने से हर मुकाम आसान हो जाता है। लोग चाह लें तो मुश्किल से मुश्किल काम कर सकते है, फिर यह परीक्षा तो आम बात है। किसी ने कहा भी है -

       कौन कहता है, आसमान में सुराख़ नहीं हो सकता।
        एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो।

मतलब अगर आपने ठान ली, तो कोई मंजिल प्राप्त करना मुश्किल नहीं है। अब अगली सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अपनी तैयारियों के प्रति कैसे ध्यान केंद्रित किया जाए, और वफादार रहें? IBPS PO स्टडी प्लान 2019 के अंतर्गत टाइम टेबल बनाने के बाद जरुरी है यह जानना की कैसे अपने दिमाग को पढाई पर केन्द्रित करें।

कैसे अपने दिमाग को पढाई पर केन्द्रित करें और पढाई के लिए प्रेरित करें?
  • अपने लक्ष्य को हमेशा अपनी नजर में रखें और उसके लिए प्रयास करते रहें।
  •  IBPS PO परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए प्लान बनाये। बड़ा लक्ष्य IBPS PO में  भर्ती  होना है । उसके लिए छोटे-छोटे कई लक्ष्य बनाये और आगे बड़े। पहले प्रिलिस्म, फिर मेंस और अंत में साक्षात्कार के लिए तैयारी करें।  
  • अपने लक्ष्य की समय सीमा निर्धारित करें कि कितना विषय कितने दिनों में पूरा करना है और उसे उस समय में पूरा करें।
  • ध्यान रखें कि आप कुछ पाने के लिए इतनी मेहनत कर रहे हैं। जिसमें आपका बहुत से लोग मनोबल तोड़ने का प्रयास करेंगे। आपकी बहुत से लोग, असफलता में निन्दा करते होंगे। ऐसे लोगों का जवाब अपने रिजल्ट के माध्यम से दें।
  • इधर –उधर समय बर्बाद न करें। समय की कीमत समझें।
  • मुश्किलें सभी जगहों पर हैं पर एक मेहनत करने वाला बुद्धिमान व्यक्ति समस्याओं से घबराता नहीं है, बल्कि डट कर सामना करता है।

तमाम समस्याएं आये तो आने दीजिये पर आप अपने मार्ग से भटकिये मत। जब आप कही विफल हो जाएँ तो उससे सीखें और अगली बार दो गुना ज्यादा प्रयास करें। दृढ़ता के साथ आगे बढ़ें और सफलता प्राप्त करें।