Study Notes & Short Tricks: Inequalities part-1 | In Hindi

Study Notes & Short Tricks: Inequalities part-1 | In Hindi

प्रिय छात्रों, 


https://store.adda247.com/product-testseries/1943/IBPS-Prime-2019-With-Video-Solutions-Online-Test-Series




आज के समय में बैंकिंग से जुडी परीक्षाओं में ही नहीं बल्कि एसएससी जैसी परीक्षाओं में भी यह महत्वपूर्ण हो गया है कि आप निश्चित समस्या को आसानी से हल करें। इसके लिए आपको प्रश्न के पीछे के मन्तव्य को जानना होगा, इसे ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए कुछ महत्वपूर्ण स्टडी नोट्स और तार्किक क्षमता से सम्बन्धित शोर्ट ट्रिक्स लेकर आये हैं,  जिससे छात्र कम समय में अधिक प्रश्नों को हल कर सकते हैं (विशेष रूप से बैंकिंग और एसएससी की परीक्षाओं में )| इससे उनके चयन की सम्भावना भी बढ़ जाती है| सभी छात्रों को शुभकामनाएं,  बैंकर्स अड्डा के साथ जुड़े रहें....

असमताएं उन टॉपिक में से एक है, जहाँ आप आसानी से पूरे अंक प्राप्त कर सकते हैं। यह सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक समान टॉपिक है। हम असमताओं के 3 से 5 प्रश्नों की उम्मीद कर सकते हैं।
असमताओं के प्रश्नों को हल करने के लिए, विवरणों पर चर्चा करने से पहले, आइये हम नीचे तालिका में दिए गए निश्चित प्रतीकों का अर्थ देखते हैं:–


विभिन्न संबंधों को देखने के लिए, हम नीचे दी गई तालिका में विभिन्न कथन और निष्कर्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। नीचे दी गई तालिका से आपको दो अक्षरों के बीच संबंध की अवधारणा स्पष्ट होगी।


प्रतीकों की प्राथमिकता :–
>  ≥ =
उदा. के लिए- यदि  T>P≥Q=R
               तो, T> Q और T>R

<  ≤ =
उदा. के लिए- यदि  W<X≤V=Y
              तो, W<Y और W<V

>  < (कोई संबंध नहीं)
उदा. के लिए- यदि Q>K<L
तो Q और L के बीच कोई संबंध नहीं होगा।

>  ≤ (कोई संबंध नहीं)
उदा. के लिए- यदि O>J≤H
तो O और H के बीच कोई संबंध नहीं होगा।

<  > (कोई संबंध नहीं)
उदा. के लिए- यदि F<E>Q
तो F और Q के बीच कोई संबंध नहीं होगा।

<  ≥ (कोई संबंध नहीं)
उदा. के लिए- यदि D<S≥Z
तो D और Z के बीच कोई संबंध नहीं होगा।

या तो a या b की स्थिति में:¬– असमताओं में यह बहुत महत्वपूर्ण स्थिति है। इस स्थिति में अधिकांश विद्यार्थी गलती करते हैं। अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए हम “या तो a या b” की स्थिति का एक उदाहरण दे रहे हैं।
“या तो a या b” की स्थिति के लिए पहली शर्त है, कि दोनों निष्कर्ष गलत होने चाहिए।
दूसरी शर्त है, कि दोनों निष्कर्षों के चर समान होने चाहिए।
उदा :–
कथन:  A≥B=C
निष्कर्ष: (a) A > C (b) A = C
()       ()
उपर्युक्त उदाहरण में, A और C के बीच A≥C का संबंध है। लेकिन दोनों निष्कर्ष गलत हैं और दोनों में समान चर हैं। तथा दोनों निष्कर्षों को मिलाकर आपको A और C के बीच वास्तविक संबंध प्राप्त होगा, जो कथन से निकलेगा।

2. कथन: P=Q≥R≥S=T
     निष्कर्ष I:  (a)P>T                      (b)P=T
उपर्युक्त कथन से यह स्पष्ट है कि P या तो T के बराबर है या P, T से बड़ा है, अतः अकेले देखने पर दोनों ही कथन गलत हैं, लेकिन उनको मिलाने पर हम प्राप्त करेंगे कि P, या तो T से बड़ा है या बराबर है। (P≥T)

निष्कर्ष II: (a) Q>S                           (b) Q=S
इसी प्रकार उपर्युक्त कथन से निष्कर्ष II के लिये हम देख सकते हैं, कि Q और S के बीच या-तो वाली स्थिति है, अतः Q, या तो S से बड़ा होगा या बराबर।


“या तो a या b” की जटिल स्थिति :–
कथन:  H≥M≤V=K
निष्कर्ष:     (1) H<K     (2) H≥K
() ()
उपर्युक्त कथन में हम H और K के बीच संबंध ज्ञात नहीं कर सकते। यहाँ H और K के बीच संबंध की तीन संभावनायें हैं।
अर्थात-   (a) H>K (b) H<K (c) H=K
और हमें दोनों निष्कर्षों को मिलाने पर सभी संभावनायें प्राप्त होती हैं। अतः, यह भी “या-तो” की एक स्थिति है।

कथन: F<T≤N,F>S,M≤T<G
निष्कर्ष: I. M≥S        II. S>M

उपर्युक्त प्रश्न में कथनों को एकसाथ मिलाने पर हम प्राप्त करते हैं- S<F<T≥M, अतः M और S के बीच संबंध ज्ञात नहीं कर सकते। चूँकि यहाँ तीन संभावित स्थितियां हो सकती हैं: M, S से या तो बड़ा है या छोटा है या बराबर है। निष्कर्ष I और II में, हम सभी तीनों संभावित स्थितियां ज्ञात कर सकते हैं। अतः उत्तर होगा या तो I या II अनुसरण करता है। 


कथन: L≥K<E≥A>F≥B
निष्कर्ष: I.L<B             II.B≤L
                           
यह एक और उदाहरण है जिसमें B और L के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं दिया गया है और सभी तीनों संभावित स्थितियां- L>B, L<B या L=B हो सकती हैं। अतः उत्तर होगा या तो I या II अनुसरण करता है। 

असमताओं पर आधारित प्रश्न दो प्रकार के होते हैं:–
(1) प्रत्यक्ष असमता
(2) अप्रत्यक्ष असमता