Changes Introduced In Quant Section Of IBPS PO 2018: New Pattern Quant Questions | In Hndi

Changes Introduced In Quant Section Of IBPS PO 2018: New Pattern Quant Questions | In Hndi


IBPS ने कल परिवीक्षाधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्य परीक्षा आयोजित की अर्थात 18 नवम्बर. इस वर्ष के प्रश्न पत्र ने सभी उम्मीदवारों के होश उड़ा दिए. इसमें बचने के बजाय, उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के इस खंड में अहर्ता प्राप्त करने के लिए प्रश्नों का सामना किया. Hats off to all of them!!

आईबीपीएस पीओ मेन 2018 पेपर के सेक्शन-वार कठिनाई स्तर पर आगे बढ़ते हुए, हम आपको क्वांट सेक्शन में पेश किए गए बदलावों की जानकारी प्रदान करेंगे, जो सभी वर्गों में सबसे कठिन साबित हुआ था. नीचे IBPS PO Mains Examination में संख्यात्मक अभियोग्यता अनुभाग में दिए गये सभी बदलाव दिए गए हैं:

संख्या श्रंखला: खंड में दो प्रकार की नई पैटर्न संख्या श्रृंखला दिखाई दी-

i. इसमें एक श्रंखला आपको दी गई थी और आपको दूसरी श्रंखला में nth पद ज्ञात करना था (जिसमें पहला पद पहले ही दिया गया था). उत्तरार्द्ध का पैटर्न पूर्व पर लागू पैटर्न के समान होगा. 

ii. दूसरा अंकगणितीय प्रगति के रूप में था और उम्मीदवार को दिए गए nth पद के लिए n का मान ज्ञात करना था.

संक्षेप में, यह समय लेने वाले और तुलना में कठिन साबित हुए. 

अंकगणितीय प्रश्न: प्रश्न डबल फिलर के रूप में पूछे गए थे(अंग्रेजी वर्ग में पूछे जाने वाले) और उम्मीदवारों को दिए गये विकल्पों में से अज्ञात पद का चयन करना था.

मात्रा 1 मात्रा 2 मात्रा 3: मात्रा 1 ___ मात्रा 2 ___ मात्रा 3 के मध्य दिए गये रिक्त स्थानों को दिए गये विकल्पों में दिए गये आकस्मिकता के चिन्हों (a,b); (b,c), के साथ भरना था आदि. 

डेटा पर्याप्तता: परीक्षा में दो प्रकार के डेटा पर्याप्तता प्रश्न दिये गये थे:

i. इन सवालों में दिए गए आंकड़ों के बाद चार प्रश्न थे: a, b, c और d, और उम्मीदवारों को उन प्रश्नों को ज्ञात करना था जो दिए गये आकड़ों का प्रयोग करके हल किये जा सकते थे. 

ii. दूसरे प्रकार के डेटा पर्याप्तता प्रश्न सामान्य पैटर्न पर आधारित थे जिसमें एक प्रश्न दिया गया था जिसके बाद चार या पांच बयान दिए गए थे और छात्रों को उन आंकड़ों का पता लगाना था जो सवालों के जवाब देने के लिए पर्याप्त थे. पिछले साल के सवालों के विपरीत, इसमें दो से अधिक बयान थे (चार या पांच).

आंकड़ा निर्वचन: प्रत्येक वर्ष, प्रत्येक डेटा व्याख्या पर 5 या 6 प्रश्न होते थे लेकिन इस साल, केवल 3 थे.

i. बैंकिंग परीक्षा से 2 साल के गायब होने के बाद रडार ग्राफ फिर से दिखाई दिया.

ii. डीआई के तहत प्रश्नों में डेटा दक्षता भी शामिल है.डीआई के आधार पर दो बयान दिए गए थे और छात्रों को उस विकल्प का चयन करना था जिसमें प्रश्नों का उत्तर देने के लिए पर्याप्त आंकड़े दिए गए थे.

बीजगणित: बैंकिंग परीक्षाओं के इतिहास में पहली बार इस तरह का बीजगणित प्रश्न सामने आया.

कैसलेट: संख्यात्मक अभियोग्यता खंड में पुछा गया कैसलेट अंग्रेजी भाषा में पूछे जाने वाले cloze test के समान था जिसमें प्रश्न के साथ चार रिक्त स्थान दिए गये थे. प्रत्येक रिक्त स्थान को दिये गये विकल्पों में से सही विकल्प के साथ भरा जाना था. 

आईबीपीएस पीओ मेन परीक्षा की संख्य्त्मक अभियोग्यता अनुभाग का बदला पैटर्न इस तरह का था. जुड़े रहिये, हमारे साथ हम इस पोस्ट के नीचे जल्द ही उदाहरण प्रश्न प्रदान करायेंगे. यदि आपके मन में नए पैटर्न को लेकर कोई प्रश्न या संदेह है तो आप कमेंट में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं


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