Tuesday, 28 February 2017

Success Story: Ankur Saha (SBI Clerk)


आप सभी को और विशेषकर बैंकर्सअड्डा को ह्रदय से हाय, हेलो, नमस्ते! मैं अंकुर साहा (Ankz) हूँ और अंततः अब एसबीआई में जूनियर एसोसिएट बनकर यहाँ मैं अपनी सक्सेस स्टोरी बता रहा हूँ.


मेरा जन्म और लालन-पालन पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय गाँव नक्सलबाड़ी में हुआ था. अपने बचपन से भी मैं एक औसत छात्र था. गणित से मेरी बहुत लड़ाई होती थी जो मुझे बिल्कुल समझ नहीं आती थी लेकिन समय के साथ-साथ अपने जोश से मैं गणित के अपने डर से उबर पाया. मैंने अपनी पढ़ाई में विज्ञान चुना और उसका सबसे बुरा हिस्सा इंजीनियरिंग. हालांकि इंजीनियरिंग में बिताए जीवन ने मुझे बहुत कुछ सिखाया जिसने मेरी सहायता की, जो अब भी मेरी सहायता करती हैं और भविष्य में भी मुझे किसी भी स्थिति से उबरने में सहायता करेगी जिससे मुझे एक इंजीनियर होने पर बहुत गर्व होता है.

अब बहुत छोटे में अपनी बात आगे बढाऊं तो मैंने अनेक परीक्षाएं दीं जिन्हें अब मैं आपको गिनाना नहीं चाहता. तथापि मैंने कभी सीखना नहीं छोड़ा और मेरा मानना है कि पढ़ाई में कंजूसी नहीं. एक सामान्य उम्मीदवार होने के नाते मैंने अपने आप को कभी आरोपी नहीं बनाया. मैं हमेशा दूसरों के साथ नहीं बल्कि खुद के साथ प्रतिस्पर्धा में विश्वास रखता हूँ क्योंकि मेरा मानना है आप अपने स्वयं के सबसे बड़ी प्रतियोगी है, अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर आइये, अपने मोबाइल फोन को छह महीने का आराम दीजिये, अपना दिन रात एक कर दीजिये और अंत में हमेशा खुद पर ये विश्वास रखें कि “आप कर सकते हैं”.



मैं जिन्हें अपनी सफलता के लिए ह्रदय से धन्यवाद देना चाहता हूँ उनमें सबसे पहले मेरी माँ, बाबा और दीदी हैं जिन्होंने मुझे कभी ये नहीं कहा कि कब तक परीक्षा देते रहोगे, अब कुछ घर का काम या प्राइवेट नौकरी कर लो. उन्होंने हमेशा मुझे यही कहा कि तुम अपना समय लो और उन बुलंदियों को छुओ जिन्हें तुम चाहते हो. इसके बाद मेरी ताक़त यानि मेरे दोस्त मनीषा (माय लेडी लक), दुर्गा, अजय, हेमंत, मनोज, अपने व्हाट्सअप ग्रुप SPH को धन्यवाद देना चाहूँगा जो मेरे सहायक स्तम्भ हैं.

बैंकर्सअड्डा (in caps), आपको सलाम! प्रत्येक कठिन समय में अपनी क्विज़ेस और अन्य पाठ्य सामग्री से इस कठिन सफ़र को आसान बनाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद! आपके द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री ने मेरी बहुत सहायता की. एक मौन पाठक (साइलेंट रीडर) के रूप में मैंने बैंकर्सअड्डा में मेंटर्स से बहुत कुछ सीखा विशेषकर प्रशांत सर से और चैट फोरम में मैंने अनावश्यक चैट से बचने के नियम का कड़ाई से पालन किया.

अपने अध्ययन समय के दौरान जो मैंने किया :-

सभी विषयों की मूलभूत चीजों (basics) को स्पष्ट करना वास्तव में बहुत जरुरी है खासकर अगर मैथ्स और इंग्लिश ग्रामर की बात करें तो यह अतिआवश्यक है. मैथ्स के लिए मैं आपको सलाह देना चाहूँगा कि क्विकर मैथ्स प्रैक्टिस बुक्स पढ़ें, बैंकर्सअड्डा से क्वांट की क्विज़ेस करें और जब बात इंग्लिश की हो तो मैं यही कहूँगा कि धैर्य से सीखें क्योंकि यह एक भाषा है इसलिए आप इंग्लिश एक दिन, एक महीने या एक साल में नहीं सीख सकते. यह आपके ऊपर है कि आप कितनी जल्दी इसके अनुकूल हो पाते हैं; रोज अखबार पढ़ें खासकर आर्थिक पृष्ठों के अज्ञात शब्दों को लिखें, हालाँकि यह एक लम्बी और थकाऊ प्रक्रिया है लेकिन यह जरुर आपकी सहायता करेगी क्योंकि इंग्लिश खंड में नाटकीय ढंग से बदलाव हो रहे हैं और अब वे क्या चाहते हैं कि उम्मीदवार के पास अच्छी शब्दावली (वोकेबुलरी) स्किल हो, अंग्रेजी गाने सुनें, अग्रेजी सबटाइटल्स के साथ फ़िल्में देखें या आधे घंटे की कोई अन्य वीडियो देखें जो आपकी पढ़ाई को भी प्रभावित न करे. एक जो सबसे जरूरी चीज है कि प्रतिदिन बैंकर्सअड्डा पर क्वांट, रीजनिंग और इंग्लिश की क्विज़ेस का अभ्यास करें क्योंकि ये बेहद प्रभावी हैं. सतत प्रवाह के साथ ADDA24/7 भी बेहद प्रभावी और बेहतर होता जा रहा है इसलिए आपको इसे भी जरुर फॉलो करना चाहिए.

अब यदि जनरल अवेयरनेस की बात करें तो इसके तीन भाग होते हैं, 1-जनरल अवेयरनेस (सामान्य जागरूकता), 2-स्टेटिक (स्थैतिक जागरूकता) और 3-फाइनेंसियल अवेयरनेस (वित्तीय जागरूकता). एक अलग नोटबुक में बैंकर्सअड्डा से प्रतिदिन डेली जीके अपडेट नोट करें और साथ ही साप्ताहिक क्विज़ेस करें क्योंकि जीए कोई एक दिन का विषय नहीं है.



स्टेटिक (स्थैतिक जागरूकता) को याद रखने के लिए आपको उल्टे-सीधे शार्टकट बनाने होंगे और इसे खुद से संबंधित चीजों से जोड़ना होगा. परीक्षा से पहले आप बैंकर्सअड्डा कैप्सूल को जरुर देखें, यह आपके फाइनल रिविजन नोट्स जैसा है.

अंत में लेकिन अंतिम नहीं, आपको स्पीड टेस्ट जरुर देना चाहिए और अच्छे से उसका विश्लेषण करना चाहिए, इसे आप करियर पॉवर से खरीद सकते हैं क्योंकि यह मैच (प्रतियोगिता) को बदल सकता है.

सब कुछ आप जो करेंगे वो व्यर्थ हो जायेगा यदि पढ़ने में आपकी रूचि नहीं है, पढ़ाई और जोश एवं उत्साह बहुत जरूरी है, प्रत्येक असंभव (impossible) कार्य के लिए कहें “I AM POSSIBLE” और सदैव याद रखें कि “गेंद अभी भी आपके पाले में है”.

मैं आप सभी को शुभकामनायें देता हूँ. अपने सपनों के लिए संघर्ष करना कभी न छोड़ें और उन्हें सच करें.


आपका,
अंकुर साहा (Ankz)





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