जैसा कि आप सभी जानते हैं कि बहुत सारे बैंकिंग परीक्षाएं लगातार आ रही हैं और अब छात्र इस बैट को लेकर दुविधा में दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें बैंक पीओ के लिए पढ़ना चाहिए या बैंक क्लर्क के लिए.
कुछ छात्रों का फोकस केवल बैंक पीओ बनने पर ही है, क्योंकि यह नौकरी उनके लिए लाभकारी है, लेकिन क्लर्क की नौकरी भी अच्छी है. हम जानते हैं कि अधिकतर बैंकिंग परीक्षाओं, जैसे SBI PO, SBI CLERK, RRB PO, RRB CLERK, IBPS PO, IBPS CLERK की तारीखें आ चुकी हैं, हमें एकसाथ दोनों प्रकार की भर्तियों पर फोकस करना होगा, क्योंकि डिस्क्रिप्टिव राइटिंग और इंटरव्यू के अलावा दोनों परीक्षाओं का पैटर्न समान ही है. जिससे क्लेरिकल भर्ती आसान हो जाती है.
PO की परीक्षा, क्लर्क से किस प्रकार अलग है?
PO की परीख्सा में पूछे जाने वाले प्रश्न तुलनात्मक तौर पर कठिन होते हैं, मेंस की परीक्षा में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को साक्षात्कार प्रक्रिया से गुजरना होता है, जिसमें चयन का अनुपात 1:3 होता है, अर्थात प्रत्येक 3 उम्मीदवारों में से केवल 1 विद्यार्थी ही चुना जाता है. अंतिम चयन के बाद, आपको भारत में कहीं भी भेजा जा सकता है.
लेकिन क्लर्क में तुलनात्मक तौर पर प्रश्न आसान पूछे जाते हैं. इसमें कोई साक्षात्कार भी नहीं होता और साथ ही आपको अपने राज्य में भिरटी किया जाता है. हमें यह बैट ध्यान में रखनी चाहिए कि PO एक प्रशासनिक पद है और इसमें वेतनमान अधिक है लेकिन क्लर्क को बैंक में भर्ती होने के दो वर्षों के भीतर पदोन्नति परीक्षाओं के माध्यम से उच्च पद मिलने की सम्भावना रहती है. परीक्षा में सफल होने के बाद क्लर्क, अफसर पद पर पदोन्नत हो सकता है, जिससे उसका वेतन और जॉब प्रोफाइल भी बदल जाता है.
अब आप किसी भी नई परीक्षा देने के लिए अपने दिमाग में एक बात स्पष्ट कर लेनी चाहिए कि दोनों परिक्षाओं के लिए नई योजना बनाएं. क्योंकि देकः जा रहा है कि क्लर्क परीक्षा की कट-ऑफ, पीओ से अधिक है, इसलिए आपको क्लर्क में अधिक प्रश्न हल करने होंगे, और साथ में एक्यूरेसी का भी ध्यान आपको रखना होगा. तो, आप केवल एक जॉब प्रोफाइल पर ही न अटके रहें, क्योंकि आपका लक्ष्य 2019 में सरकारी नौकरी पाना ही है.
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