50% subsidy on transportation, storage of perishable farm produce under Top to Total scheme worth Rs 500 crore
Top to Total Scheme for Atmanirbhar Bharat :
कोरोना वायरस की महामारी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी. पैकेज में किसानों और ग्रामीण भारत के लिए दी गई राहतों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से कृषि के आधारभूत ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है.
कोरोना वायरस की महामारी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी. पैकेज में किसानों और ग्रामीण भारत के लिए दी गई राहतों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से कृषि के आधारभूत ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज भी भारत की आबादी का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है. जो लोग कृषि पर निर्भर हैं उनमें से 85 फ़ीसदी सीमांत और मध्यम किसान हैं. यह भारत सरकार के 2020 के आर्थिक सर्वे पर आधारित आंकड़े हैं. तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी किसान अपने कामकाज में कोई कसर नहीं छोड़ते. अतिवृष्टि और अल्प वृष्टि से लड़ते हुए किसान फसल उगाने की कोशिश करता है.
क्या है टॉप टू टोटल योजना (What is Top to Total Scheme)
वित्त मंत्री ने इस दौरान टॉप टू टोटल योजना (Top to Total Scheme) की घोषणा की, इसके अंतर्गत 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. पहले यह टमाटर, प्याज और आलू (Tomato, Onion and Potato)के लिए था, लेकिन अब अन्य सभी फल और सब्जियों के लिए लागू किया जाएगा. जिन खाद्य पदार्थों के खराब होने का डर रहता था, उन्हें किसान को कम दाम पर बेचना पड़ता था लेकिन अब किसानों के लिए सरकार ने इस योजना के तहत कुछ अच्छे उपाए किये हैं.
निर्मला सीतारमण ने बताया कि टॉप टू टोटल योजना में सभी फल सब्जियों को लाने से 50 फीसदी सब्सिडी ट्रांसपोर्टेशन और 50 फीसदी स्टोरेज, कोल्ड स्टोरेज के लिए देने की घोषणा की है. इससे नष्ट हो जाने वाली फसलों को कम मूल्य पर बेचने के नुकसान से किसान बचेंगे और किसान फसलों को अच्छे दाम पर बाद में बेच सकेगा. इस स्कीम का पायलट प्रोजेक्ट 6 महीने के लिए चलेगा और उसके बाद में आगे बढ़ाया जा सकता है इससे किसानों के लिए बेहतर को लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी.
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