IBPS PO Prelims 2026 की परीक्षा देने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या आपके अंक Mains तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त होंगे? 22 और 23 अगस्त 2026 को कई शिफ्टों में आयोजित हुई IBPS PO Prelims परीक्षा के बाद उम्मीदवार अपने प्रयास, संभावित स्कोर और परीक्षा के कठिनाई स्तर के आधार पर कट ऑफ का अनुमान लगा रहे हैं।
ऐसे में IBPS PO Prelims Expected Cut Off 2026 उम्मीदवारों को अपनी स्थिति समझने का एक शुरुआती आधार देती है। पिछले वर्षों के कट ऑफ, इस वर्ष के पेपर के स्तर, अलग-अलग शिफ्टों में कठिनाई और उम्मीदवारों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कैटेगरी के लिए संभावित कट ऑफ रेंज तैयार की गई है।
IBPS PO Cut Off 2026 को कौन-कौन से कारक प्रभावित करेंगे?
IBPS PO Prelims की अंतिम कट ऑफ केवल उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर नहीं करती। परीक्षा के कई महत्वपूर्ण कारक मिलकर यह तय करते हैं कि किसी कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग स्कोर कितना रहेगा।
1. पेपर का Difficulty Level
यदि परीक्षा का स्तर अधिक कठिन रहा है, तो कट ऑफ अपेक्षाकृत नीचे जा सकती है। वहीं, आसान पेपर में अधिक उम्मीदवार अच्छे प्रयास करते हैं, जिससे कट ऑफ बढ़ने की संभावना रहती है।
2. कुल Vacancies
रिक्तियों की संख्या भी कट ऑफ पर प्रभाव डाल सकती है। अधिक पद होने पर अगले चरण के लिए अधिक उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है, जबकि कम पदों की स्थिति में प्रतिस्पर्धा अधिक कड़ी हो सकती है।
3. उम्मीदवारों की संख्या और प्रदर्शन
कितने उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए और उनका औसत प्रदर्शन कैसा रहा, यह कट ऑफ तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। केवल आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या से कट ऑफ का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
4. Shift-wise Difficulty और Normalization
यदि अलग-अलग शिफ्टों के पेपर में कठिनाई का अंतर होता है, तो स्कोर को तुलनीय बनाने के लिए नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो सकती है। यही कारण है कि केवल रॉ स्कोर के आधार पर अंतिम परिणाम का दावा नहीं किया जा सकता।
5. Category-wise Competition
General, EWS, OBC-NCL, SC, ST और PwBD कैटेगरी में उम्मीदवारों का प्रदर्शन अलग-अलग हो सकता है। इसलिए प्रत्येक कैटेगरी की अंतिम कट ऑफ भी अलग निर्धारित की जाती है।
IBPS PO Prelims Category-wise Expected Cut Off 2026
परीक्षा के शुरुआती विश्लेषण, पिछले वर्षों के ट्रेंड और प्रतियोगिता के संभावित स्तर के आधार पर कैटेगरी-वाइज अनुमानित कट ऑफ नीचे दी गई है।
| कैटेगरी | Expected Cut Off 2026 |
|---|---|
| General | 46–50 |
| EWS | 46–50 |
| OBC-NCL | 46–50 |
| SC | 43–48 |
| ST | 38–43 |
| HI | 17–23 |
| OC | 31–36 |
| VI | 18–24 |
| ID | 18–24 |
नोट: ऊपर दी गई कट ऑफ केवल Expected Cut Off है, न कि आधिकारिक कट ऑफ। अंतिम कट ऑफ में नॉर्मलाइजेशन, सभी शिफ्टों के प्रदर्शन और कैटेगरी-वाइज उम्मीदवारों की संख्या जैसे कारकों के कारण अंतर हो सकता है।
क्या आपका स्कोर IBPS PO Mains के लिए सुरक्षित है?
यदि आपका अनुमानित स्कोर कट ऑफ रेंज से काफी ऊपर है, तो आपको Prelims के परिणाम का इंतजार करने के बजाय Mains की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। IBPS PO Mains में रीजनिंग, डेटा एनालिसिस, बैंकिंग अवेयरनेस, इंग्लिश और डिस्क्रिप्टिव राइटिंग की तैयारी के लिए पर्याप्त समय की जरूरत होती है।
- कट ऑफ से 4–5 अंक ऊपर: आपकी स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत मानी जा सकती है।
- कट ऑफ रेंज के आसपास: रिजल्ट की संभावना बनी हुई है, इसलिए Mains की तैयारी जारी रखें।
- कट ऑफ से थोड़ा नीचे: फिर भी आधिकारिक कट ऑफ का इंतजार करें, क्योंकि नॉर्मलाइजेशन के बाद बदलाव संभव है।
- किसी एक सेक्शन में कम अंक: केवल ओवरऑल स्कोर ही नहीं, लागू सेक्शनल क्वालिफाइंग मानदंड भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
IBPS PO Prelims Cut Off 2026: Expected vs Previous Year Cut Off
2026 की संभावित कट ऑफ को समझने के लिए पिछले दो वर्षों के ट्रेंड पर नजर डालना उपयोगी है। 2024 और 2025 के वास्तविक कट ऑफ से यह पता चलता है कि अलग-अलग कैटेगरी में क्वालिफाइंग स्कोर किस रेंज में रहा है।
| कैटेगरी | 2024 Cut Off | 2025 Cut Off | 2026 Expected Cut Off |
|---|---|---|---|
| General | 48.50 | 49.21 | 46–50 |
| EWS | 48.50 | 49.21 | 46–50 |
| OBC-NCL | 48.50 | 49.21 | 46–50 |
| SC | 48.00 | 46.00 | 43–48 |
| ST | 41.00 | 41.00 | 38–43 |
| HI | 16.00 | 21.00 | 17–23 |
| OC | 35.00 | 33.57 | 31–36 |
| VI | 15.75 | 21.65 | 18–24 |
| ID | 15.50 | 21.83 | 18–24 |
Expected Cut Off देखने के बाद उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका स्कोर संभावित कट ऑफ के आसपास है, तब भी तैयारी रोकना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। Prelims का परिणाम आने तक मिलने वाला समय Mains की तैयारी के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।
- रोजाना Reasoning और Data Analysis का अभ्यास करें।
- Banking Awareness और Current Affairs को नियमित रूप से रिवाइज करें।
- Mains स्तर के Mock Test देना शुरू करें।
- कमजोर टॉपिक की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता दें।
- यदि स्कोर सीमा के करीब है, तो भी तैयारी जारी रखें और आधिकारिक परिणाम का इंतजार करें.









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