आत्म-मंथन

"फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है पर एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है"





 हमारे हर दिन की शुरुआत सूर्य की नई किरण के साथ होती है जो  हमारे जीवन को प्रकाशमय बनाती है. पृथ्वी पर निरंतर होने वाली क्रियाएं अपने वेग से चलती है जैसे- चिड़ियों का चहचहाना, फूलों का खिलना, तितलियों द्वारा फूलों का रसपान और  निरंतर चलने वाली मानव प्रक्रियाएं आदि.
  

      


अलग -अलग फूलों की खुशबू वातावरण को महकाती है और इसी विशेषता के कारण फूल अपनी अलग -अलग खुशबू से पहचाने जाते है क्योकि फूलों की सुगंध चारों दिशाओं में फैलती है. यही विशेषता कारक रूप में मानव जीवन में कार्य करती है. वातावरण आपके अनुकूल हो या प्रतिकूल पर मानव की पहचान उसके स्वभाव, गुण , विवेक आदि के द्वारा होती है उसी की सुगंध चारों दिशाओं में फ़ैल व्यक्ति को समाज में आदर, सम्मान. मिलता है अर्थात व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है क्योकि कहा जाता है कि :
                      
                                      “व्यक्ति की पहचान उसके मन से होती है ना कि तन से”

धन्यवाद!!!