रंगों और प्रेम का त्यौहार होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!!!


होली रंग का एक धार्मिक त्योहार है जो बसंत ऋतू के आगमन और सर्दियों के अंत का प्रतीक है. होली का त्यौहार इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि इसे सभी धर्मों के लोग बहुत ही हर्षोल्लास के साथ एक साथ मिलकर मनाते हैं. होली को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दिन सभी लोग अपने रिश्तों में आई खटास को मिठास में तब्दील कर देते हैं, सभी मिलजुल कर रंगों से खेलते हैं एक दूसरे को मिठाई खिलाते हैं.


होली का त्यौहार दो दिनों तक मनाया जाता है जिसको हम होलिका दहन या छोटी होली और दूसरे दिन को धुलंडी या रंग वाली होली के नाम से जानते हैं.  हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है घर में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए महिलाएं इस दिन पूजा करती हैं.

हिन्दू पुराणों के अनुसार, जब दानवों के राजा हिरण्यकश्यप ने देखा की उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु की आराधना में लीन हो रहा है. तो उन्हें अत्यंत क्रोध आया. उन्होंने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया की वो प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाए. क्योंकि होलिका को यह वरदान था की अग्नि उसे नहीं जला सकती. परन्तु जब वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी को वह पूरी तरह जलकर राख हो गयी और नारायण के भक्त प्रह्लाद को एक खरोंच तक नहीं आई. तब से इसे आज तक इस पर्व को इसी दृश्य की याद में मनाया जाता है जिसे होलिका दहन कहते है। यहाँ लकड़ी को होलिका समझकर उसका दहन किया जाता है.

और छात्रों रंगों का जश्न मनाने के दौरान आपको यह भूलना नहीं चाहिए कि आने वाले दिनों में प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं कतारबद्ध हैं. तो, इसे अच्छी तरह से मनाएं, लेकिन साथ ही अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें. हर त्यौहार अपने  साथ सकारात्मकता लाता है और आपको उस सकारात्मकता को हासिल करना है और इसे अपनी तैयारी पर लागू करना है.

होली की भावना आपके जीवन में खुशी और प्रसन्नता ला सकती है होली की खुशी आपको आशा और सकारात्मकता देती है जिससे आप सब कुछ हासिल कर सकें. होली का माहौल आप में उत्साह भर देता  है तो विद्यार्थियों आप सभी को इस रंगोत्सव की ढ़ेरों शुभकामनाएं, आशा करते हैं होली के रंगों से आपका जीवन भी रंगमय हो जाए.