20/04/2017

"सपने देखना कभी ना छोड़े": पूजा सैनी (BOB Clerk) - 100

नाम: पूजा सैनी
डिस्कस आईडी: इशिता मॉड
चयनित: बॉब क्लर्क

Bankers Adda Success Story


यह सफलता की कहानी केवल मेरी पेशेवर जिंदगी की सफलता के बारे में नहीं है,बल्कि यह मेरी व्यक्तिगत सफलता के बारे में भी है, क्योंकि "बॉब" में चयन होने के बाद से व्यक्तिगत रूप से मैं वास्तव में बेहद खुश हूँ. ग्रेजुएट होने के बाद, मैंने एक निजी कंपनी में काम करना शुरू किया, लेकिन मैं वहां संतुष्ट नहीं थी, क्यूंकि मेरे अंदर हमेशा से कुछ बेहतर करने की उत्तेजना थी और अंत में मैंने अपना इस्तीफा देने का फैसला किया और मैं दिल्ली आ गयी. दिल्ली में 6 महीने तक तैयारी करने के बाद मैं bankersadda में शामिल हो गयी, जिसने वास्तव में मुझे बेहद प्रेरित किया और मेरे GA सेक्शन में सुधार किया क्योंकि यह ही एकमात्र ऐसा खंड है जिससे मैं बहुत डरती थी. मैं निश्चित रूप ये कह सकती हूँ कि Bankersadda मेरे जीवन में हुई सबसे बेहतरीन चीज है.

और जैसे कि हर रात के बाद एक नयी सुबह होती है, 1 अप्रैल भी मेरे लिए एक ऐसा ही दिन था. मैंने एक वर्ष में आने वाली लगभग हर बैंकिंग और बीमा परीक्षा में भाग लिया और मैं सभी में आखिरी चरण में असफल होती जाती, मैं अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी. लेकिन फिर भी, सफलता की एक चिंगारी मुझे वापस प्रतियोगिता में लेकर आती थी और फिर मैं एक योद्धा के रूप में उठती और लड़ती. असफलताओं के बाद, आखिर मैं इस वर्ष कई और अधिक उपलब्धियों की ओर अग्रसर हुई.

बहुत से लोग कार्यनीति की मांग करते हैं, इसलिए आइए मैं इसके विषय में बताती हूँ:
अंग्रेजी: यह एक ऐसा विषय है जो मेरे अवचेतन दिमाग में था और मैंने इसके लिए कुछ भी तैयार नहीं की थी, केवल परीक्षा में जाएं और पढ़ कर और महसूस कर के न्यूनतम समय में अधिकतम प्रश्नों का प्रयास करें
गणित: एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट होने के कारण यह विषय मेरे लिए अधिक कठिन नहीं था, इसलिए मैं केवल हर रोज इसे हल करती थी.
रीजनिंग: यह शुद्ध रूप से आपके अभ्यास और कार्यनीति पर आधारित है, कि आप पजल को कैसे हल करते है.जितना अभ्यास आप कर सकते हैं उतना अभ्यास करें.
जीए और कंप्यूटर : परीक्षा के कुछ दिन पहले इस अनुभाग के लिए बैंकरअड्डा कैप्सूल मेरी जीवन रक्षक साबित हुई. मैं केवल इस कैप्सूल से अध्ययन करती थी और ,मैंने लगभग 60 से 70% प्रश्नों का  प्रयास किया था. और कंप्यूटर जागरूकता के लिए भी मैंने यही कार्यनीति अपनाई.
बस मेरी ओर से इतना ही, आशा है कि कुछ हद तक यह आप सभी को मदद करेगा, मैंने भी नौकरी पाने के लिए बहुत कुछ संघर्ष किया है. यदि मैं लावण्या, प्रशांत सर, प्रियंका, गोपाल सर और मेरे माता और पिता को धन्यवाद ना करू तो मेरी यह कहानी अधूरी होगी .
और 1 अप्रैल को "हर्षित...." परिणाम प्राप्त करने वालों के लिए एक और बात, "यह सुखद अंत नहीं है, यह तो एक नई यात्रा की शुरुआत है" आप यहाँ ना रुके .. आगे एक और लंबी यात्रा के लिए आगे बढ़े, JAIIB और CAIIB के लिए अपनी तैयारी शुरू करें, इसके अलावा, एसबीआई और एनआईसीएल परीक्षाएं भी बेहद नजदीक है , इस बार आप अपना सर्वश्रेष्ठ शॉट खेले. आप जहाँ भी जाना चाहते है उस ओर बढ़ते अपने कदम कभी न रोके.

आप सभी को शुभकामनाएं..!!

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