21/07/2016

Static Awareness: JAMMU AND KASHMIR

प्रिय पाठकों  ,

आज हम जम्मू और कश्मीर  राज्य  पर  चर्चा करेगें 
(भारत का स्वर्ग)


जम्मू और कश्मीर उत्तरी भारत का एक राज्य है जिसे अक्सर J&K. के नाम से जाना जाता है। इसका ज्यादातर क्षेत्र हिमालय की पर्वत श्रंखला पर स्थित है,साथ ही इसकी सीमा दो राज्यों हिमांचल प्रदेश और पंजाब  से लगी हुई है। जम्मू और कश्मीर की अन्तरराष्ट्रीय सीमा उत्तर और पूर्व  में चीन से और लाइन ऑफ़ कंट्रोल से मिली हुई है  इस  राज्य को  भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत विशेष स्वायत्तता प्रदान की गयी है ।
    





जम्मू और कश्मीर राज्य भारत के के सिरे पर उत्तर में स्थित है,इसकी स्थापना 26 अक्टूबर 1947 में की गयी थी। 
 J&K  इन देशो की अन्तराष्ट्रीय सीमाओं से लगी हुई है :
·        चीन उत्तर-पूर्व में 
·         अफगानिस्तान उत्तर-पश्चिम में  
·         पाकिस्तान पश्चिम में 

यह तीन प्रदेशों से  बना है :-




ग्रीष्म राजधानी  -> श्रीनगर 

शरद  राजधानी  -> जम्मू 

मुख्यमंत्री ->  महबूबा मुफ़्ती

राज्यपाल  ->  नरिंदर नाथ वोहरा 


उच्च न्यायालय  -> Jammu and Kashmir High Court जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय 
                    [श्रीनगर विंग (ग्रीष्म ) और  जम्मू विंग (शरद )


जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश  -> न्यायाधीश एन पॉल वसंताकुमार 

प्रशासनिक भाषा   -> उर्दू 


राज्य दिवस -> 26 अक्टूबर 

प्रमुख उद्द्योग  -> हस्तशिल्प एवं हथकरघा (Handicrafts & Handlooms)

उपनाम / शहरों की विशेष  उपाधि :

जम्मू और कश्मीर -> भारत का स्वर्ग  
शहर 
विशेष नाम 
श्रीनगर 
नदियों और झीलों का शहर 
कश्मीर
भारत का स्विट्ज़रलैंड 
सियाचिन 
विश्व का सबसे ऊँचा युद्ध स्थल 
जम्मू 
मंदिरों का शहर (सिटी ऑफ़ टेम्पल)

लोक नृत्य 


क्र.सं.
नृत्य 
1.
रौफ़
2.
भांड पांथेर 
3.
हफिज़ा 
4.
भांड जश्न
5.
बचा नगमा
6.
दुमहल  




जम्मू और कश्मीर की विशेषताएं  :

S. No.

Remarks
1.
कश्मीरी केसर 
 विश्व में केवल दो या तीन ही ऐसे स्थान है जहाँ केसर की  पैदावार होती है । कश्मीर को इनमे से एक जगह होने पर गर्व है 
2.
कश्मीर पश्मीना शाल 
पश्मीना को उसके  मुलापण के लिए  जाना  जाता है 
3.
कश्मीरी कालीन  
कश्मीरी कालीन  दो चीजों के लिए विश्व प्रसिद्द है पहला यह हाथों से बनाया जाता है और दूसरा यह हमेशा गाँठदार रहती है कभी भी गुच्छेदार नही होती है
4.
चांदी के बर्तन
 यह कश्मीर की  प्राचीन कलाओं में से एक है 
5.
रेशम 
रेशम की बुनाई की लोकप्रियता को छीनन और च्रेपे दे छीने के नाम से जाना जाता है  
6.
लकड़ी का काम  
लकड़ी की नक्काशी कश्मीर घाटी के सबसे लोकप्रिय कुटीर उद्योगों में से एक है। 


प्रमुख  जनजाति :

क्र.सं. 
जनजाति का नाम 
Remarks
1.
बकरवाल 
पूरे भारत में इसे "धनगर" के नाम से जाना  जाता है ।  
2.
गद्दी 

3.
गुर्जर और गुज्जर 

4.
सिप्पी 


प्रमुख  त्यौहार :


क्र.सं 
त्यौहार 
1.
बैसाखी 
2.
लोहरी
3.
ईद-उल-फितर 
4.
ईद-उल-जुहा 
5.
हेमिस 




प्रमुख  नदियाँ और बाँध  

नदी 
बांध 
उद्देश्य 
 चेनाब 
बगलिहार,दुलहस्ती,सलाल 
हाइड्रोइलेक्ट्रिक 
सिन्धु 
निमू बज्गो 
हाइड्रोइलेक्ट्रिक
सतलुज 


मसुरदार ( चेनाब ई सहायक नदी )
पकाल्दुल
हाइड्रोइलेक्ट्रिक
झेलम 
उरी -II
हाइड्रोइलेक्ट्रिक

प्रमुख  झीलें  


क्र.सं 
झील 
टिप्पणी 
स्थान 
1.
डल झील 
“कश्मीर के ताज का रत्न  ”
श्रीनगर 
2.
गडसर झील
“फूलों का झील ”
सोनमर्ग 
3.
कृष्णसार झील

सोनमर्ग 
4.
गंगबलझील 
“हरमुख गंगा ”
सोनमर्ग 
5.
नागिन झील 
“ अंगूठी का रत्न ”
श्रीनगर 
6.
वुलर झील 
“एशिया का सबसे बड़ा ताजे पानी का झील"
श्रीनगर                
7.
मानसबल झील 
“पक्षियों का स्वर्ग ”
श्रीनगर              
8.
पांगोंग झील 
 चीन के साथ अन्तराष्ट्रीय सीमा को साझा करती है 
लेह 
9.
ट्सो कर झील 
“सफ़ेद अथवा खारा झील 
लद्दाख 
10.
शेशंग झील  

पहलगाम 


प्रमुख  राष्ट्रीय उद्द्यान,पक्षी एवं वन्यजीव अभ्यारण:


राष्ट्रीय उद्द्यान 
प्रसिद्ध  प्रजाति 
स्थान 
दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान
 हंगुल (कश्मीरी हिरण )
श्रीनगर 
सलीम अली नेशनल पार्क

श्रीनगर 
 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
मारखोर ( कार्पा फल्कोनेरी)
श्रीनगर 
किश्तवाड़ सबसे ऊंचाई वाला  राष्ट्रीय उद्यान
हिमालय का बर्फीला मुर्गा  और भूरे भालू

शहर के वन राष्ट्रीय उद्यान (सीएफओ)
सलीम राष्ट्रीय उद्यान" के रूप में जाना जाता है
श्रीनगर 
हेमिस राष्ट्रीय उद्यान
यह दुनिया में किसी भी संरक्षित क्षेत्र में से बर्फीले तेंदुओं के उच्चतम घनत्व है माना जाता है
लद्दाख 
गुलमर्ग वल्स 
कस्तूरी हिरन
श्रीनगर 
लिम्बर  वल्स 

बारामुला 
नंदनी  वल्स 

जम्मू 


प्रमुख  पर्वत :

पर्वत 
ऊंचाई 
टिप्पणी 
स्थान 
काराकोरम और क्युन्लूं पर्वतमाला  
8615 मी.
दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी।

यह पहाड़ राज्य के उत्तर और उत्तर-पूर्व में स्थित है 
नंगा पर्वत पर्वतमाला 
8107 मी.
यह 'नग्न पर्वत' और 'डियो मीर' और 'घातक पर्वत' के नाम से जाना  जाता है   
गिलगिट 
सोय्मजी(ज्वालामुखी पर्वत)
1860 मी.

उत्तरी मछिपुरा
(हंदवारा)

पीर पंजाल पर्वतमाला (हिमालय का भाग )
1400-4100 मी.

जम्मू और कश्मीर और हिमांचल प्रदेश 
अमरनाथ
(हिमालय का भाग) 
5372 मी. 
इसके शीर्ष के आधार पर इसे सात नागों में एक का हाथ माना जाता है और इसलिए इसे शेषनाग भी कहा जाता है   
कश्मीर का गंदेरबाल  जिला 
हरमुख ( हिमालय का भाग )
5142 मी.
यह भगवान शिव का निवास स्थान  है 
कश्मीर का गंदेरबाल  जिला
शिवालिक पर्वतमाला 
1500 मी.
शिवालिक का अर्थ है "शिव के पेड़" और   "माणक पर्वत" के रूप में प्राचीन समय से  जाना जाता है।
सिन्धु से ब्रह्मपुत्र के आखिर में 

प्रमुख  मंदिर / पुरातात्विक स्मारक  :


क्र.सं 
मंदिर/पुरातात्विक स्मारक 
टिप्पणी 
1.
अमरनाथ मंदिर 

2.
वैष्णो देवी मंदिर 
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने माँ वैष्णो देवो के तस्वीर के सीक्को का आनावरण किया
3.
बाहू किला 

4.
रघुनाथ मंदिर 
मंदिर के तीनों ओर सोने की चादर चढ़ाई गयी है जबकि मंदिर के अन्दर की चीजों पर भी सोना चढ़ा है 
5.
पीर खो  गुफ़ा मंदिर 
ऐसी मान्यता है की रामायण के चरित्र जामवंत इस गुफ़ा में रहा करते थें
6.
पंचबख्तर मंदिर
यह शहर का सबसे पुराना शिवालय है और इसके भीतर का शिवलिंग(आप शम्भु) अपने आप बनता है  
7.
महामाया मंदिर

8.
शंकराचार्य मंदिर
तख़्त-ए-सुलेमान के नाम से भी जाना जाता है 
9.
हरी पर्वत किला और शारिका देवी मंदिर 

10.
खीर भवानी 

11.
जामा मस्जिद 
इसका निर्माण सुल्तान सिकंदर के द्वारा 1400 ई. में बनाया गया था 
12.
हजरतबल मस्जिद 
श्रीनगर का एकमात्र  गुंबददार मस्जिद
13.
शाह हमदान का खानकाह 
 श्रीनगर का पहला मस्जिद जो 1395 में निर्मित हुआ  
14.
छत्ती पदशाही गुरुद्वारा 

15.
शालीमार बाग़ 
मुग़ल गार्डन 
16.
चश्मे शाही 
1632 ईस्वी नुब्रा घाटी, लद्दाख घाटी के उत्तर पूर्व में निर्मित मुगल गार्डन  में से एक 
17.
ठिकसे मठ   
 लेह लद्दाख में 
18.
शांति स्तूप 
 लेह जिले में चंस्पा की  एक पहाड़ी की चोटी पर बौद्ध स्तूप सफेद गुंबददार
19.
मैग्नेटिक हिल 
लेह 
20.
लेह पैलेस  
राजा सेग्गे नामग्याल के  द्वारा 17 वी शताब्दी में बनाया गया
21.
सेंट जोसफ का कैथलिक चर्च 
मिल हिल मिशनरीज द्वारा यह 1891 में स्थापित किया गया था, यह जम्मू-कश्मीर में सबसे पुराना कैथोलिक चर्च है 
22.
मार्तंड मंदिर 
भगवान सूर्य का मंदिर 
23.
अमर महल पैलेस 
 डोगरा राजा  अमर सिंह  के लिए उन्नीसवीं सदी में बनाया

प्रमुख स्टेडियम:


क्र.सं
स्टेडियम 
शहर 
1.
शेर-ए-कश्मीर 
श्रीनगर 
2.
बक्षी 
श्रीनगर 
3.
मौलाना आज़ाद 
जम्मू 

बड़े हवाईअड्डे :

क्र.सं.
नाम 
शहर 
1.
शेख उल आलम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा  (श्रीनगर हवाई अड्डा)
श्रीनगर 
2.
जम्मू हवाई अड्डा 
जम्मू 
3.
 लेह कुशोक बकुला रिम्पोची   हवाई अड्डा
लेह 
4.
कारगिल एअरपोर्ट 

5.
पूँछ हवाई अड्डा 
जम्मू 



कैबिनेट मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र:
क्र.सं.
मंत्री का नाम 
निर्वाचन क्षेत्र 
मंत्रालय 
1.
डॉ. जीतेन्द्र सिंह 
उधमपुर 
पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास (स्वतंत्र प्रभार)
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन
परमाणु ऊर्जा विभाग
अंतरिक्ष विभाग


हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पॉवर स्टेशन 

1. मोहर हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पॉवर स्टेशन-
श्रीनगर, सोपोर, बारामूला और गुलमर्ग के  कस्बों में  इस पावर स्टेशन से बिजली आपूर्ति की जाती है।

2. सिंध वैली हाइड्रो-इलेक्ट्रिक परियोजना इस परियोजना को 1955 में स्थापित किया गया है, यह पूर्व की ओर नुल्ल्ह सिंध के तट पर गांदरबल के पास है। यह परियोजना बहुउद्देशीय है।  पानी सिंचाई, बिजली के उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, नेविगेशन, मछली पालन और मिट्टी संरक्षण, जैसे विभिन्न प्रयोजनों के लिए इसका  प्रयोग किया जाता है।

3.पहलगाम हाइड्रो-इलेक्ट्रिक परियोजना -
 लिद्दर नदी  झेलम की  एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है. इसका  पहलगाम में पनबिजली के लिए इस्तेमाल किया जाता है  और पर्यटकों झोपड़ियों प्रकाश और कुटीर उद्योगों को चलाने में मदद करता है.

4. निम्न झेलम हाईडेल परियोजना (शेरी)-
बिजली पैदा करने के लिए इस परियोजना में केवल एक ही मंच है जो बिजली की 105 मेगावाट उत्पन्न करता है।


अनुच्छेद 370:

अनुच्छेद 370 सन्निहित जम्मू-कश्मीर के लिए छ: विशेष प्रावधान:
यह भारत के संविधान के पूर्ण प्रयोज्यता को  राज्य छूट दी गई है । राज्य को अपना संविधान की  अनुमति  गयी है  ।
राज्य में केंद्रीय विधायी शक्तियों रक्षा, विदेश मामले और संचार इन तीन विषयों के लिए प्रतिबंधित किया गया।
केंद्र सरकार के अन्य संवैधानिक प्रावधानों को केवल राज्य सरकार की सहमति से राज्य के लिए विस्तृत किया जा सकता है।
`सहमति 'केवल अनंतिम होती है  । यह राज्य की संविधान सभा द्वारा अनुमोदन किया जा सकता है ।
सरकार की सहमति देने के लिए प्राधिकरण तब तक बना रहेगा जब तक राज्य में संविधान सभा बुलाई जाती है एक बार जब राज्य संविधान सभा शक्तियों की योजना को अंतिम रूप देती है तथा भंग होने पर, शक्तियों के आगे कोई विस्तार संभव नही होता है ।
अनुच्छेद 370 निराकृत या केवल राज्य की संविधान सभा की सिफारिश पर संशोधन किया जा सकता है।

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All the very best BAins 





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