26/08/2015

RRB के लिए विशेष: अपठित गद्यांश (समाचार पत्र से)

देश में कुपोषण की समस्या से न केवल गरीब बल्कि मध्यम और उच्च आय वर्ग के परिवार भी प्रभावित हैं। संसद की कृषि से संबंधित स्थाई समिति ने हाल में पेश एक रिपोर्ट में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के एक अध्ययन के हवाले से कहा है कि मध्यम आय वर्ग के 50 प्रतिशत से अधिक तथा उच्च आय वर्ग के 30 प्रतिशत से अधिक परिवार कुपोषण से प्रभावित हैं। ये परिवार अपेक्षित जरूरत से कम पोषक तत्वों का सेवन कर रहे हैं।

परिषद ने धान, गेहूं आदि फसलों की कुछ ऐसी किस्में विकसित हैं, जिनमें सूक्ष्म पोषक तत्व अधिक हैं। समिति को बताया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए नौ राज्यों के 45 चुने हुए गांवों में 510 पोषण बागान स्थापित किए गए हैं।

कुपोषण और जीवन शैली संबंधी रोगों से निपटने के लिए खाद्य उत्पादों तथा पोषक तत्वों से भरपूर उत्पाद बनाने के लिए कृषि, पशुधन एवं जल उत्पाद से ''स्वस्थ खाद्य पदार्थ'' नामक अनुसंधान परियोजना शुरू किए जाने का प्रस्ताव है।
समिति ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को स्वस्थ खाद्य पदार्थ संबंधी अनुसंधान परियोजना जल्द से जल्द शुरू करने के लिए अतिरिक्त राशि प्राप्त करने के लिए पर्याप्त प्रयास करने को कहा है। सरकार ने पोषक तत्वों से संबंधित अपने उत्तर में कहा है कि अनाजों और दलहनों में लौह, जिंक और प्रोटीन को बढ़ाने के उद्देश्य से मसूर का जैव प्रबलीकरण आरंभ किया गया है। 
विटामिनों, कैल्शियम, लौह तथा आइसोफ्लेवोंस जैसे पोषक तत्वों के साथ सोयाबीन अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन का समृद्ध और सस्ता स्रोत है। सोयाबीन के खाद्य उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सोयाबीन अनुसंधान निदेशालय इंदौर ने उच्च ओलीक अम्ल, दुर्गन्ध को कम करने की क्षमता तथा सब्जी प्रकृति के सोयाबीन के जीन प्ररूप विकसित किए हैं। 
सरकार ने कहा है कि स्वस्थ खाद्य पदार्थ अनुसंधान परियोजना के लिए 127 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है तथा 31 केन्द्रों पर अनुसंधान कार्य शुरू करने का प्रस्ताव है। विभाग ने असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 100 उच्च कुपोषण प्रभावित जिलों में न्यूट्री फार्मो की स्थापना के लिए प्रायोगिक योजना को कार्यान्वित किया गया है।
इसका उद्देश्य बाजरा, मक्का, मड़ुवा, गेहूं और शकरकंद के सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना है। 

1.परियोजना के कार्यान्वयन के लिए विभाग ने किसकी स्थापना करने की योजना बनायी है?
1.सूक्ष्मतत्वों के बगान 
2.न्यूट्री फार्मा
3.खाद्य बागान
4.उपरोक्त सभी 
5.इनमें से कोई नहीं   

2.कुपोषण से निपटने के लिए कौन सी योजना को शुरू किया गया है? 
1.स्वस्थ खाद्य योजना  
2.स्वस्थ खाद्य पदार्थ
3.सूक्ष्मपोषण योजना 
4.कुपोषण हटाओ योजना 
5.कृषि योजना 

3.उच्च वर्ग का कितना प्रतिशत हिस्सा कुपोषण की चपेट में है?
1.50 फीसदी 
2.40 फीसदी 
3.30 फीसदी 
4.25 फीसदी 
5.35 फीसदी 

4.ससंद की कृषि से सम्बंधित स्थाई समिति की रिपोर्ट किस संस्था/सामग्री पर आधारित थी? 
1.कृषि मंत्रालय 
2.सार्वजानिक अध्ययन 
3.रेडियो रिपोर्ट 
4.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद 
5.इनमें से कोई नहीं 

5.गद्यांश में कुपोषण से क्या तात्पर्य है?
1.खाद्य की कमी 
2.न्यून पोषण 
3.गन्दा भोजन
4.उपरोक्त सभी 
5.इनमें से कोई नहीं 

6.गद्यांश में दिया गया शब्द मध्यम का क्या अर्थ है?
1.माध्यम 
2.धीमा 
3.न अधिक न कम 
4.उत्तम 
5.इनमें से कोई नहीं 

7.परिषद् ने किस कमी को दूर करने के लिए 510 पोषण बागान स्थापित किए हैं?
1.कुपोषण 
2.भूखमरी 
3.सूक्ष्मपोषक तत्व 
4.खाद्य पदार्थ
5.उपरोक्त सभी

8.प्रबलीकरण का समानार्थी निम्न में से क्या है?
1.सख्त 
2.कठोर 
3.मजबूत 
4.कट्टर  
5.इनमें से कोई नहीं

9. सोयाबीन के खाद्य उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किस संस्था ने सोयाबीन के जीन प्रारूप विकसित किए हैं?
1.उत्थान कृषि संशोधन योजना 
2.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
3.स्वस्थ खाद्य पदार्थ अनुसंधान 
4.आदर्श कृषि संस्था 
5.सोयाबीन अनुसंधान निदेशालय 

10.गद्यांश में कार्यान्वित शब्द का प्रयोग किया गया हैं निम्न में से भिन्न शब्द चुनें? 
1.संचालन 
2.क्रियाशील  
3.कार्यन्वयन  
4.समापन  
5.परिचालन

1.2
2.2
3.3
4.4
5.2
6.3
7.3
8.3
9.5
10.4

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