22/08/2015

RRB के लिए हिंदी क्विज (अपठित गाद्यांश)

निर्देश (1-5): नीचे दिए गए गाधांश को ध्यानपूर्वक पढिए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। कुछ शब्दों को  मोटे अक्षरों में मुदित किया गया है, जिससे आपको कुछ प्रश्नों के उत्तर देने में सहायता मिलेगी। दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त का चयन कीजिए।
जिन व्यक्तियों ने आधुनिक भारत में औद्योगिक विकास का सूत्रपात किया, उनमें जमशेद जी टाटा का स्थान महत्वपूर्ण है। जमशेद जी टाटा का जन्म 3 मार्च, 1893 में गुजरात के एक पारसी परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम नसरवान टाटा था। उन दिनों देश में अंग्रेजों का शासन था। 13 वर्ष की अवस्था में इनके पिता इन्हें बम्बई ले आए। वहीं पर इन्होंने अपनी शिक्षा-दिक्षा प्राप्त की। यहीं पर इनका विवाह हीराबाई नामक कन्या से हो गया। वहीं पर इन्होंने एक वकील के यहाँ नौकरी कर ली। बाद में वह नौकरी छोड़कर अपने पिता के व्यवसाय में हाथ कर्मठता को देखकर उनके पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने व्यवसाय के संबंध में जमशेद को चीन भेजा। वहां हांगकांग तथा शंघाई में अपने व्यापार की शाखांए खोलीं।

25 वर्ष की अवस्था में यह लंदन पहुँचे वहाँ वह अपनी कंपनी की शाखाएँ खोलने के लिए भेजे गए थे। वहीं से उन्होंने लंकाशायर और मैनचेस्टर की यात्राएं की। ये दोनों स्थान सूती उद्योग के लिए प्रसिद्ध थे। वहीं पर उन्होंने कारलाइल का भाषण सुना। उसने कहा-जिस देश का लोहे पर नियंत्रण हो जाता है। टाटा के मन में यह बात अच्छी तरह बैठ गई। उन्होंने सूती वस्त्र उद्योग और लौह उद्योग की योजनाएं बनाईं। जमशेद जी टाटा भारत में सूती वस़्त्रोद्योग के जन्मदाता माने जाते हैं। उच्च कोटि का कपड़ा बनाना चाहते थे। इस सफाई तथा कताई-बुनाई का कार्य देखा। कपास तथा कपड़े के मूल्य में जमीन आसमान का अंतर था। कपास भारत से सस्ते दाम पर बाहर भेजी जाती थी। यह देखकर उन्हें बड़ा कष्ट हुआ। उन्होंने सोचा कि भारत की कपास से भारत में ही कपड़ा निश्चय ही सस्ता पडे़गा। उन्होंने नागपुर में कपडे़ की मिल लगाई। टाटा ने अपनी दूरदर्शिता का परिचय किया। उन्होंने कच्चे माल की सुलभता, बाजार की निकटता तथा कोयला तथा पानी की सुलभता की दृष्टि से नागपुर का चयन किया। प्रारंभ में इनके समक्ष अनेक कठिनाइयाँ आई पर व घबराए नहीं। टाटा जी उद्योग के क्षेत्र में स्वदेशी आंदोलन के सूत्रधार थे। इसके मूल में उनकी स्वदेशी वस्तुओं के उद्योग की भावना भी काम कर रही थी। जमशेद जी बड़े उदार तथा दानशील व्यक्ति थे। उन्होंने मंदिरों, मस्जिदों, धर्मशालाओं के लिए ट्रस्ट की स्थापना की। कारखानों के मजदूरों के लिए उनके मन में अपार स्नेह था। उन्होंने उनके लिए क्वार्टर, विद्यालय, पुस्तकालय एवं चिकित्सालय की स्थापना की।

1.’’जिस देश का लोहे पर नियंत्रण होता है, उसका शीघ्र ही सोने पर नियंत्रण हो जाता है’’ यह किसने कहा था?
(1) कारलाइल ने
(2) जमशेदजी ने
(3) नसरवानजी ने
(4) हीराबाई ने
(5) इनमें से कोई नहीं

2.भारत में सूती उद्योग का जन्मदाता किसे माना जाता है?
(1) नसरवानजी टाटा को
(2) जमशेदजी टाटा को
(3) हीराबाई को
(4) कारलाइन को
(5) इनमें से कोई नहीं

3.जमशेदजी चीन क्यों गए थे?
(1) पढ़ने
(2) नौकरी करने
(3) घूमने
(4) मित्र से मिलने
(5) इनमें से कोई नहीं

4.लंकाशायर और मैनचेस्टर किस चीज के लिए प्रसिद्ध हैं?
(1) इस्पात उद्योग के लिए
(2) विश्व विद्यालयों के लिए
(3) बर्तनों के लिए
(4) सूती वस्त्रोउद्योग के लिए
(5) इनमें से कोई नहीं

5.नसरवानजी क्या देखकर खुश थे?
(1) व्यवसाय के प्रति जमशेदजी की लगन और कर्मठता
(2) पढ़ाई के प्रति जमशेदजी की लगन
(3) परिवार के प्रति जमशेदजी का प्रेम
(4) दूसरों की सेवा करने की जमशेदजी की चाह
(5) इनमें से कोई नहीं

6.गद्यांश में प्रयुक्त शब्द ‘शासन’ का अर्थ निम्नलिखित में से क्या है?
(1) नियंत्रण
(2) सरकार
(3) हुकूमत
(4) (1), (2) तथा (3)
(5) इनमें से कोई नहीं

7.गद्यांश में प्रयुक्त शब्द ‘विवाह’ का समानार्थी निम्नलिखित में से कौन-सा नहीं है?
(1) पाणिग्रहरण
(2) ब्याह
(3) हस्तांतरण
(4) परिणय
(5) इनमें से कोई नहीं

8.गद्यांश में प्रयुक्त शब्द ’सूत्रपात’ का अर्थ निम्नलिखित में से क्या है?
(1) तंतु
(2) सूत
(3) धागा
(4) डोर
(5) इनमें से कोई नहीं

9.गद्यांश में प्रयुक्त शब्द ‘अवस्था’ का अर्थ निम्नलिखित में से क्या है?
(1) वय
(2) व्यवस्था
(3) आस्था
(4) स्वास्थ्य
(5) इनमें से कोई नहीं

10.गद्यांश में प्रयुक्त शब्द ‘अपार’ का असमानर्थी निम्नलिखित में से क्या है?
(1) असीम
(2) आरपार
(3) असंख्य
(4) बहुत
(5) इनमें से कोई नहीं

उत्तर
1.1
2.2
3.5
4.4
5.1
6.4
7.3
8.5
9.5
10.2


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