02/05/2015

कथन एवं पूर्वधारणाएं (Statement & Assumptions)

अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें अभियर्थी से यह अपेक्षित होता है कि वह किसी दिए गए कथन के परिप्रेक्ष्य में दीगयी परिकल्पित अवधारणाओ/ पूर्वधारणाओं कि संगतता का आकलन करें|

जब कोई व्यक्ति किसी बात को कहता है तो यह आवश्यक नहीं है कि वह उस बात से जुड़े प्रत्येक पक्ष अथवा तथ्य को शब्दश: व्यक्त करेl बहुत-सी बातें यह मानकर छोड़ दी जाती हैं कि वे श्रोता को पता हैंl ऐसी दशा में वे सब बातें जिन्हें कथन के परिप्रेक्ष्य में मान लिया जाता है अथवा जो तथ्य श्रोता कथन में अंतनिर्हित मान लेता है, उन्हें पूर्वधारणाएं कहा जाता हैl अंत: इस दृष्टि से देखा जाये तो पूर्धारणा वह तथ्यात्मक वस्तु है जो किसी दिया गए कथन के आधार पर स्व-निर्धारित कि जा सकती है अथवा कथन में निहित जान पड़ती हैl

जब कोई प्रथमिक स्तर का बच्चा गणित के किसी प्रश्न को हल करके दिखाता है तो वह छोटी-से-छोटी गणना को लिखित में व्यक्त करता है, यहाँ तक कि रफ कार्य को भी दर्शाता हैl वही बच्चा जब बड़ा होकर उसी प्रश्न को हल करता है, तो जोड़-घटा-गुना-भाग सम्बन्धी अनेक गणनाओं को पूरी तरह व्यक्त न करके एक साथ ही अनेक गणनाओं के पश्चात प्राप्त सूचना को व्यक्त करता हैl वह ऐसा इसलिए करता है क्योँकि वह मन में यह मान लेता है कि जो भी उस हल को पढ़ेगा, उसे इन सब गणनाओं का ज्ञान तो होगा ही, साथ ही वह यह भी सोचता है कि पढ़ने वाला भी यह मानकर चलेगा कि उसे भी इन गणनाओं का ज्ञान है तभी वह उन्हें दर्शाए बिना भी वांछित हल प्राप्त कर सकाl अत: यह ‘पूर्वधारणा’ डीके एक सटीक उदाहरण हैl
आइये, हम रोजमर्रा कि ज़िन्दगी से एक और उदाहरण लेकर ‘पूर्वधारणा’ को परिभाषित करने का प्रयत्न करते हैंl मान लीजिये आप भारत एवं एक अन्य विपक्षी टीम ने एक बड़ा स्कोर खड़ा किया है अवं प्रत्युत्तर में बल्लेबाजी करने उत्तरी भारतीय टीम जल्दी ही दो विकेट गंवा चुकी हैl ऐसे में कप्तान धोनी बल्लेबाजी करने क्रीज़ पैर आते हैंl मान लीजिये आप धोनी के बहुत बड़े प्रसंशक हैंl ऐसे मैं विपरीत परिस्थियों के बावजूद आप अनायास ही कह उठते हैं – “अरे वह! धोनी तो लाजवाब है, अब भारत निश्चित ही मैच जीत जायेगा”l
यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि आपने जाने-अन्जाने दो अलग-अलग बातों को एक-दूसरे से संबद्ध किया हैl एक तो यह कि धोनी एक उम्दा बल्लेबाज़ है और दूसरा यह कि भारत यह मैच जीत लेगाl वस्तुत: इन दोनों बातों को संबद्ध करते समय आपने कहीं-न-कहीं इस पूर्वधारणा को अपनाया कि एक अच्छा बल्लेबाज अपनी टीम को मैच जिताने कि सामर्थ्य रखता हैl
उदहारण: 1
कथन:
इस पुस्तक का उद्देश्य किसी शिक्षक कि अनुपलब्धता कि स्थिति में भी एक छात्र को तर्कशक्ति परीक्षण के गुर समझाना हैl
पूर्वधारणा:
I. यह संभव है कि प्रत्येक छात्र कि पहुँच तर्कशक्ति के शिक्षकों तक न होl
ll. तर्क शक्ति का अध्यन एक पुस्तक कि सहायता से किया जा सकता हैl

उदहारण: 2
कथन: यह कन्या इतनी बुद्धिशाली है कि वह इस परीक्षा में असफल नहीं हो सकतीl
पूर्वधारणा:
बुद्धिमान छात्राएं परीक्षाओं में असफल नहीं होतीl
व्याख्या: दिये गए कथन के परिप्रेक्ष्य में यह पूर्वधारणा उचित है, क्यूंकि कथन ऐसा कहता है, यह कन्या परीक्षा में असफल नहीं होगी (कथन) क्यूंकि वह अत्यंत बुद्धिमान छात्राएं परीक्षा में असफल नहीं होतीl

उदाहरण: 3
कथन: भारत में निर्मित सभी मोबाइल सेट्स में ब्रांड ‘x’ कि बिक्री सर्वाधिक हैl
पूर्वधारणा: भारत में निर्मित सभी मोबाइल सेट्स कि बिक्री के आकड़े उपलब्ध होंl

विशेष महत्व के शब्द एवं उनका प्रभाव
निश्चय-वाचक शब्द
किसी वाक्य में कुछ शब्द बाकी शब्दों कि उपेक्षा अधिक प्रभावशाली एवं महत्वपूर्ण होते हैं तथा उस वाक्य के सार पैर उनका विशेष प्रभाव होता हैl ये शब्द उस वाक्य के अर्थ को एक निश्चित दिशा तथा वाक्य को एक भिन्नता प्रदान करते हैंl इस प्रकार वे उस वाक्य के अर्थ कि निश्चित सीमाएं निर्धारित करते हैंl ऐसे कुछ शब्द हैं; ‘केवल’, ‘श्रेष्ठतम’, ‘सर्वाधिक’, ‘सभी’, ‘निश्चियपूर्वक’, या ‘निश्चित ही’, ‘स्पस्टत:’, इत्यादिl इन सभी शब्दों का वाक्य विशेष के अर्थ पैर एक निश्चित प्रभाव पड़ता है और उस प्रभाव को समझना आवश्यक हैl निम्न उदाहरण देखिये-
उदाहारण: 4
कथन:
हालिया समय में भुगतान असंतुलन कि समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है तथा सरकार को निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिएl
पूर्वधारणाएँ:
I. भुगतान असंतुलन की समस्या से निबटने के लिए निर्यात सर्वोत्तम उपाय हैl
ll. भुगतान असंतुलन की समस्या से निबटने के लिए निर्यात ठीक-ठाक उपाय हैl
lll. भुगतान असंतुलन की समस्या से निबटने के लिए निर्यात एकमात्र उपाय हैl
IV. निर्यात को बढ़ावा देने से भुगतान असंतुलन संकट निश्चित ही समाप्त हो जायेगाl 
V. निर्यात को बढ़ावा देने से भुगतान असंतुलन संकट संभवतया समाप्त हो जायेगाl 
व्याख्या: उपर लिखित पूर्वधारणाओ में से II एवं V वैध हैं जबकि l, lll एवं वैध नहीं हैंl इसका कारण यह है कि पूर्वधारणाएं I, III व IV में कुछ विशेष शब्दों क्रमश: ‘सर्वोत्तम’, ‘एकमात्र’ तथा ‘निश्चित’ का प्रयोग किया गया हैl कथन में भुगतान असंतुलन कि समस्या के विकराल रूप ग्रहण करने का ज़िक्र है तथा निबटने के लिए ‘निर्यात प्रोत्साहन’ का सुझाव दिया गया हैl निश्चित ही लेखक का यह मानना है कि निर्यात भुगतान असंतुलन की समस्या से निबटने का एक अच्छा माध्यम या उपाय हो सकता है परन्तु कथन में ऐसा कोई संकेत नहीं है जो इस ओर इंगित करे कि निर्यात इस समस्या से निपटने का सर्वोत्तम, एकमात्र या एक निश्चित तरीका हैl
इस उदाहरण से यह स्पष्ट हो जाता है कि कैसे कुछ विशेष शब्द किसी वाक्य के निहितार्थ बदल सकते हैं तथा अभियर्थी को क्योँ ऐसे शब्दों के प्रयोग के प्रति सतर्क रहना चिहिएl

·       कथन-कारक /कारक-प्रभाव संबंध  
कुछ कथनों में वाक्य के विभिन्न भाग आपस में कारक-प्रभाव सम्बन्ध रखते हैं। ऐसे कथनों में दो उपवाक्यों के मध्य सम्बन्ध सूचक शब्द जैसे अंतः’, क्योंकि’, चूंकि’, तदनुसार’, इसलिएइत्यादि का प्रयोग होता है। ऐसे कथनों के प्ररिप्रेक्ष्य में अमुक कारक का अमुक प्रभाव हैजैसी पूर्वधारणाएं सामान्यतः अन्तर्निहित हैं।

उदाहरण 5
कथनः कल राज वर्षा हुई है। मैदान अवश्य ही गीला हो गया होगा।
वैध पूर्वधारणाः जब वर्षा होती है, मैदान गीला हो जाता है।

उदाहरण 6
कथनः क्योंकि आपके पास निर्धारित योग्यता नहीं है, आपका चयन नहीं हो सकता।
वैध पूर्वधारणाः चयन के लिए निर्धारित योग्यता होना आवष्यक है।

उदाहरणः 7
कथनः हालांकि मानसून के दिनों में शहर चार दिन तक घुटनों तक पानी में डूबा रहा था, परन्तु फिर भी शहर में हैजा नहीं फैला।
वैध पूर्वधारणाः जलभराव से समान्यतः हैजा फैलाना है।

·         विज्ञापन, सूचनाएं, विज्ञप्तियां एवं अपीलें
वर्तमान समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनेक अवसरों पर इस प्रकार के प्रष्नों में दिए गए कथन विज्ञापनों, बिक्री-प्रोत्साहनों, आधिकारिक सूचनाओं, विज्ञप्तियों इत्यादि के रूप में होते हैं।
विज्ञापन सामान्यतः कम्पनियों द्वारा जारी किये जाते हैं जबकि आधिकारिक सूचनाएं कार्यालयों में अधिकारियों द्वारा, अपीलें सरकार तथा सामाजिक संगठनों द्वारा जारी की जाती हैं। इन सभी के संदर्भ में निम्न प्रकार की पूर्वधारणाएं वैध मानी जाएंगी-
(i)     अपीलें नोटिस, अधिसूचनाएं, विज्ञापन इत्यादि कुछ न कुछ प्रभाव अवष्य छोड़ते हैं।
(ii)   किसी विज्ञापन के संदर्भ में जिस वस्तु अथवा उसके किसी फीचर (पक्ष) के बारे में उल्लेख किया जा रहा है, सामान्यतः लोग उसे पसंद अथवा उसकी अपेक्षा करते हैं।
(iii) जनहित सूचनाओं के संदर्भ में यह माना जाता है कि यह उनहें जारी करने वाले पक्ष अथवा संगठन का कत्र्तव्य है।
(iv)  जनहित सूचनाओं के संदर्भ में यह भी माना जाता है कि लोग उन सूचनाओं में बताए गए तथ्यों अथवा सुझावों से लाभान्वित होंगे तथा इनका अनुपालन न करना उनके लिए अलाभकारी या हानिकर सिद्ध हो सकता है।
(v)    किसी अपील के संदर्भ में यह माना जाता है कि उन्हें जारी करने का कारण विषेष वास्तव में मौजूद होता है। (आप अपनी स्वाभाविक समझ का प्रयोग कर उस कारण को समझ सकते हैं।)
(vi)         किसी अधिसूचना (आधिकारिक नोटिस) के संदर्भ में यह माना जाता है कि उसमें प्रदत्त सुझावों/आज्ञाओं का पालन उस संगठन विषेष के हित में होगा।
उदाहरण 8
कथनः नॉलेज ग्रुप पब्लिकेषंस-विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उत्तम एवं कम मूल्य की पुस्ताकें के प्रकाषकः एक विज्ञापन।
वैध पूर्वधारणाएं:
(i)     इस विज्ञापन का पाठक पर कुछ प्रभाव पड़ेगा।
(ii)   लोग कम मूल्य पर उत्तम पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं।

उदाहरण 9
कथनः एक कम्पनी द्वारा जारी कार्यालय अधिसूचनाः आगामी मास से कम्पनी के प्रत्येक कर्मचारी के लिए दैनिक रिपोर्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है।
वैध पूर्वधारणाएं:
(i)     कर्मचारी इस नोटिस को पढ़ेगें।
(ii)   कर्मचारियों द्वारा अपने दैनिक क्रियाकलापों की रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने से कम्पनी को लाभ होगा।

उदाहरण 10
कथनः भूकंप पीडि़तो की मदद के लिए स्वेच्छा से दान दें- एक अपील।
वैध पूर्वधारणाएं:
(i)     इस अपील का लोगों पर कुछ असर अवष्य होगा।
(ii)   निष्चित ही कहीं भूकम्प त्रासदी हुई है और उसके षिकार लोगों को मदद की आवष्यकता है।

उदाहरण 11
कथनः कृपया चलती ट्रेन के बाहर न झांके/लटकें-एक ट्रेन के डिब्बे में लगी सूचना/अपील।
वैध पूर्वधारणाएं:
(i)     लोग इस अपील के प्रति आकर्षित होंगें।
(ii)   चलती ट्रेन से बाहर झांकना खतरनाक है।
(iii) ऐसी सूचनाएं/अपीलें जारी करना रेल विभाग का कत्र्तव्य है।
(iv)  यदि आप चलती ट्रेन से बाहर नहीं झांकेगें, तो यह सुरक्षा की दृष्टि से आपके हित में होगा।
साधित उदाहरण

उदाहरण 1
कथनः पैकिंग जरूरतों के लिए बहुपयोगी एल्युमीनियम का प्रयोग करें- एक विज्ञापन।
वैध पूर्वधारणाएं: एल्युमीनियम, पैंकिंग कार्यों हेतु एकमात्र उपलब्ध विकल्प है।
व्याख्याः कथनानुसार, एल्युमीनियम, पैकिंग कार्य हेतु एक बहुपयोगी धातु है। परन्तु कथन ऐसा कोई संकेत नहीं देता कि पैकिंग कार्य हेतु अन्य कोई पदार्थ उपलब्ध नहीं है।

उदाहरण 2
कथनः A ने ठ से कहा, आप अपने बच्चे का किसी विषेषज्ञ चिकित्सक से परीक्षण कराइये।’ 
वैध पूर्वधारणाएं: ‘B’, ‘A’ के सुझाव को अनसुना कर देगा। 
व्याख्याः सामान्यतः एक सुझाव के संदर्भ में यह माना जाता है कि जिसे वह सुझाव दिया जा रहा है, वह उस पर कुछ ध्यान अवष्य देगा। अतः यह कहना ‘B’, ‘A’  के सुझाव को अनसुरा कर देगा, अनुचित है

उदाहरण 3
कथनः भारत में निर्मित सभी टीवी सेट्स में ब्राण्ड की बिक्री ‘X’  सर्वाधिक है।
वैध पूर्वधारणाएं: किसी भी अन्य टीवी सेट की बिक्री ब्राण्ड ‘X’  के समकक्ष नहीं है।  

व्याख्याः यदि पूर्वधारणा स्वयं कथन को ही दूसरे शब्दों में व्यक्त कर रही हो, तो वह कथन ही मानी जाएगी न कि पूर्वधारणा। ऐसे में इस प्रकार की पूर्वधारणा को अवैध माना जाता है।

46 comments:

  1. thank you so much mam for this use full note

    ReplyDelete
  2. cutiiieee @\/i ^_^2 May 2015 at 11:01

    थैंक यू बी ऐ । :)

    ReplyDelete
  3. niharika srivastava2 May 2015 at 11:02

    thanks ba

    ReplyDelete
  4. 10x a lot mam........is topic me hmesha mujhe dbt rehta tha.hope so ab nhi rhega,

    ReplyDelete
  5. ...S!mm!...:))2 May 2015 at 11:04

    Thanx ma'm :)

    ReplyDelete
  6. thank u so much mam

    ReplyDelete
  7. सपनों का सौदागर.....!!2 May 2015 at 11:10

    thnx mam and BA team...

    ReplyDelete
  8. hello ashu

    ReplyDelete
  9. niharika srivastava2 May 2015 at 11:15

    hii ashu sir

    ReplyDelete
  10. Thank u so much....
    Meko Isme hamesha confusion hota tha

    ReplyDelete
  11. sukriya bankers adda

    ReplyDelete
  12. good morning :P :P

    ReplyDelete
  13. SUKANYA SAMRIDHI YOJNA

    Ø Sukanya Samriddhi Account (translation; Girl Child Prosperity Account) is a special deposit account under the Sukanya Samriddhi
    Yojana (Girl child prosperity scheme) launched by the Prime Minister of India on 22 January 2015, with the stated aim of improving the welfare of female children in India.

    Ø Under this scheme a saving account can be opened by the
    parent or legal guardian of a girl child of less than 10 years of age (born on or after: 02-December-2003) with a minimum deposit of ₹ 1,000/- in any post office or authorised branches of commercial bank.

    Ø Required documents
    Birth documents of girl child(Birth certificate)
    Address proof [Who is opening the account on child's behalf]
    Identity proof [ Who is opening the account on child's behalf ]
    3 Photos of parents and 3 photos of the child
    Pan card and Aaadhar card copies of parents.

    Ø For the FY 2015-16 Government of India has declared an interest rate of 9.2 per cent on SSY scheme. It was 9.1% for FY 2014-2015.

    Ø The account will remain operative for 21 years from the date of opening of the account or till marriage of the girl child.

    Ø Partial withdrawal up to 50 per cent of the account balance is allowed, only once after the girl child completes age of 18 years,
    for the purpose of financing her higher education.

    Ø Per girl child only single account is allowed. Parents can open this account for maximum two girl child. In the event of birth of twin girls in 2nd birth or birth of 3 girl child's in 1st birth itself, this facility will be extended to third child.

    Ø Minimum deposit amount for this account is ₹ 1,000/- and maximum is ₹ 1,50,000/- per year.

    Ø Money to be deposited for 14 years in this account.

    Ø Interest rate for this account is 9.2% per annum for FY 2015-16(it was 9.1% for 2014-15), calculated on yearly basis, Yearly compounded.

    Ø Interest rate is tied to 10 year Government of India Bond Yield, and will be 75 basis point higher than the respective year's bond yield.

    Ø Passbook facility is available with Sukanya Samriddhi account.

    Ø From FY 2015-16 the interest earned on account will be tax exempted. As per Finance Bill 2015-16

    Ø Who can be ‘Guardian’ under this Scheme – In relation to a minor girl Child Guardian means
    (i) either father or mother; and (ii) where neither parent is alive or is incapable of acting, a person entitled under the law for the time being in force to have the care of the property of the minor.

    ReplyDelete
  14. a very good morning to all my ba friends

    ReplyDelete
  15. विहान (शुभ) :))2 May 2015 at 11:28

    Thank You Soo Much Ma'am n whole BA Team.

    ReplyDelete
  16. Ritesh Prajapati2 May 2015 at 11:29

    thanks ba for this post

    ReplyDelete
  17. बहुत अच्छे से समझाया गया.सभी confusion clear हो गए!again thanx BA टीम.मैम logical के बाकी topic के नोट्स भी pls post कीजिएगा:)))

    ReplyDelete
  18. एस. बी. आई. पी. ओ. 2015 (विवरणात्मक परीक्षा हेतु ) निबन्ध पोस्ट किया गया है|: पढ़ने के लिए मुख्य पृष्ठ रिफ्रेश करें|

    ReplyDelete
  19. जी मैम

    ReplyDelete
  20. हमारी कोशिश यही रहेगी|

    ReplyDelete
  21. विहान (शुभ) :))2 May 2015 at 11:43

    Ok Mam

    ReplyDelete
  22. धन्यवाद मैम एंड बी ऐ टीम इस उत्कृष्ट लेख के लिए:)

    ReplyDelete
  23. धन्यवाद बी ऐ टीम एव ज्योति मेम्

    ReplyDelete
  24. Ritesh Prajapati2 May 2015 at 11:55

    Mam plz also update which types of letters will come in sbi po .and its format.

    ReplyDelete
  25. जी मैम

    ReplyDelete
  26. wah b.a mja aa gya what a concept

    ReplyDelete
  27. alchemist ! :D2 May 2015 at 12:36

    namestey mam _/\_

    ReplyDelete
  28. mam plz post this in english also

    ReplyDelete
  29. Thanks mam:))

    ReplyDelete
  30. Hiiii mam pls post the sitting arrangement

    ReplyDelete
  31. thanku sir

    ReplyDelete
  32. RBI ASST bala krishna2 May 2015 at 18:27

    Mam please post this In ENGLISH

    ReplyDelete
  33. pratibha* pari*2 May 2015 at 22:57

    thnx mam..

    ReplyDelete
  34. pravesh chauhan3 May 2015 at 09:07

    Mam kya ibps po me v essay ya letter ayga

    ReplyDelete
  35. uday giri sah4 May 2015 at 08:35

    Thanx mam

    ReplyDelete
  36. नोटिफिकेशन का इन्तजार करें, उसके बाद ही कहा जा सकता है|

    ReplyDelete
  37. NOOPUR MISHRA7 May 2015 at 12:34

    THANKS FOR THE DETAIL

    ReplyDelete
  38. जल्द ही:)

    ReplyDelete
  39. समय समय पर हम पत्र का प्रारूप (Format) और संभावित विषयों पर निबंध उपलब्ध करा रहे हैं|

    ReplyDelete
  40. शिवानी खरे (Neha)15 May 2015 at 11:41

    Thankyou ba:) sare confusion door ho gae... Thankyou so much

    ReplyDelete
  41. Pehle matdan fir jalpan....what will be the perfect assumption for this statement..??

    ReplyDelete